इरेक्टाइल डिस्फंक्शन (Erectile dysfunction)

इरेक्टाइल डिस्फंक्शन पुरुषों से संबंधित समस्या है| इरेक्टाइल डिस्फंक्शन को नपुंसकता के नाम से भी जाना जाता है| इरेक्टाइल डिस्फंक्शन ऐसी स्थिति है जिसमें पुरुष संभोग के दौरान  पेनिस में रिएक्शन न होने की प्रक्रिया को इरेक्टाइल डिस्फंक्शन स्तंभन दोष कहा जाता है|

इरेक्टाइल डिसफंक्शन के लक्षण(Erectile dysfunction symptoms)

  • पुरूष में सेक्स के प्रति उत्तेजना में कमी आ जाती है
  • समय से पहले वीर्य स्त्राव होना नपुंसकता का लक्षण है
  • लिंग में उत्तेजना लाने में परेशानी का अनुभव होना
  • सेक्स के दौरान इरेक्शन नहोने के कारण उत्तेजना को बनाए रखने में कठिनाई होने लगती है
  • उत्तेजना होने के बाद भी संभोग का सुख प्राप्त न कर पाना
  • सेक्स करने की इच्छा में कमी
  • तनाव होने पर भी संभोग का सुख प्राप्त  न करना
  • यौन संबंध बनाते समय शर्म महसूस करना और संभोग में कम रुचि होना

इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के कारण(Erectile dysfunction cause)

  1. धूम्रपान -धूम्रपान इरेक्शन न होने का मुख्य कारण है धूम्रपान करने से शरीर में ब्लड सरकुलेशन ठीक ढंग से नहीं हो पाता|
  2. तनाव- मानसिक तनाव चिंता अकेलापन इरेक्टाइल डिस्फंक्शन होने का मुख्य कारण है| स्ट्रेस लेने से न्यून सिस्टम कमजोर हो जाता है और शरीर में हंस हारमोंस का सतर बढ़ जाता है| इसलिए तनाव मुक्त रहने के लिए प्रतिदिन व्यायाम और मेडिटेशन करनी चाहिए|
  3. ब्लड प्रेशर-पेनिस का आकार बढ़ने वे टाइट होने का कारण रक्त का प्रवाह होता है जब लिंग में रक्त के प्रभाव में कमी आती है तो इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या शुरू हो जाती है जिसका असर ब्लड प्रेशर पर पड़ता है|
  4. हारमोंस में परिवर्तन- हारमोंस में बदलाव आने पर भी इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या हो सकती है और हार्मोन में कमी आने के कारण भी यह समस्या हो सकती है| हार्मोन थेरेपी का प्रयोग करके नपुंसकता की समस्या से निजात पाया जा सकता है|
  5. रक्त प्रवाह- जब लिंग में खून के प्रवाह में कमी आती है तो यह पेनिस में अल्टरियस में ब्लॉकेज आने के कारण होता है| ब्लॉकेज को दवाइयों की मदद से खोला जाता है और लिंग में तनाव की समस्या उत्पन्न हो जाती है|
  6. सर्जरी- सर्जरी के कारण भी नपुंसकता की समस्या हो जाती है| सर्जरी के कारण लिंग के आसपास की रक्त सप्लाई करने वाली नसे प्रभावित होती है जिसके कारण नपुंसकता की समस्या पैदा हो जाती है|
  7. बढ़ती उम्र- उम्र के बढ़ने के साथ सेक्स करने की इच्छा में कमी आने लगती है  जिन पुरुषों को सेक्स करने के प्रति उत्तेजना नहीं होती उन्हें इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या होती है|
  8. मोटापा –मोटापा इरेक्टाइल डिस्फंक्शन होने की समस्या का मुख्य कारण हो सकता है क्योंकि मोटापे का सीधा असर पुरुष की पेनिस पर पड़ता है और हारमोंस के सतर में कमी आ जाती है|
  9. मधुमेह –जो लोग मधुमेह रोग से ग्रस्त हैं इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या का शिकार हो सकते हैं|मधुमेह होने पर रक्त की धमनियों और तंत्रिका ऊपर बुरा असर पड़ता है जिसके कारण नपुंसकता की समस्या हो सकती है|
  10. हृदय रोग- जो लोग दिल से संबंधित बीमारियों से पीड़ित है उन्हीं भी यह रोग होने की संभावना बढ़ जाती है|
  11. हाइपरलिपिडिमिया- शरीर में वसा और कोलेस्ट्रोल अधिक मात्रा में होने के कारण नपुंसकता की समस्या हो सकती है|

नपुंसकता टेस्ट

  1. ब्लड टेस्ट- हृदय संबंधी रोग कोलेस्ट्रोल और डायबिटीज आदि की जांच करने के लिए आपके खून की कुछ मात्रा इंजेक्शन के द्वारा नहीं जाती है और उससे लैब में टेस्ट के लिए भेजा जाता है|
  2. यूरिन टेस्ट- इसलिए आपके पेशाब का सैंपल लिया जाता है जिसके द्वारा स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की जांच की जाती है|
  3. अल्ट्रासाउंड- इसमें शरीर में होने वाली गतिविधियों का परीक्षण किया जाता है, इस टेस्ट में एक उपकरण जिसे ट्रांसड्यूसर कहा जाता है इस्तेमाल में लाया जाता है| ट्रांसड्यूसर को उस वाहिका के ऊपर घुमाया जाता है जो लिंग में खून का प्रवाह करती है|अल्ट्रासाउंड में ध्वनि तरंगों का इस्तेमाल किया जाता है| ध्वनि तरंगों की मदद से शरीर के अंदर की तस्वीरें निकाली जाती है अल्ट्रासाउंड को सोनोग्राफी भी कहा जाता है|

इरेक्टाइल डिस्फंक्शन किस उम्र के लोगों को होता है?(Erectile dysfunction age)

इरेक्टाइल डिस्फंक्शन यानी नपुंसकता 40 से 70 वर्ष के पुरुषों में इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या पाई जाती है जो पुरुष हृदय संबंधी रोग डायबिटीज कोलेस्ट्रोल जैसी समस्या से पहले से पीड़ित होते हैं| उन लोगों में नपुंसकता की समस्या अधिक देखने को मिलती है| धूम्रपान करने से शराब का सेवन करने से हारमोंस में परिवर्तन आने के कारण और सर्जरी इन सब कारणों से नपुंसकता की समस्या होती है| इसके अलावा दवाओं के साइड इफेक्ट के कारण भी नपुंसकता की समस्या हो जाती है| पुरुषों में लगभग इन्हीं कारणों से इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या देखने को मिलती है|

इरेक्टाइल डिस्फंक्शन से बचने के लिए आयुर्वेदिक नुस्खे(Erectile dysfunction treatment)

  1. अदरक- अदरक में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं जो समय से पहले होने वाले वीर्य स्त्राव को दूर करने में हमारी मदद करते हैं| रात को सोने से पहले एक उबले हुए अंडे में एक चम्मच शहद और अदरक का रस मिलाकर इसका सेवन करने से नपुंसकता की समस्या दूर होती है|
  2. अनार –अनार में एंटी ऑक्सीडेंट गुड भरपूर मात्रा में पाई जाते हैं जो तनाव को कम करने में साथ है| प्रतिदिन अनार का सेवन करने से पुरुषों की नपुंसकता संबंधी समस्या से निजात मिलता है|
  3. गाजर -गाजर में कैरोटीन पाए जाने के कारण इरेक्टाइल डिस्फंक्शन की समस्या दूर होती है इसलिए अपने प्रति दिन की आहार में गाजर को शामिल करें|
  4. बादाम- बादाम में विटामिन ई पाया जाता है जिससे रक्त का प्रवाह ठीक ढंग से होता है| रात को सोने से पहले गर्म दूध के साथ एक चम्मच पिसी हुई बादाम का लगातार 1 से 2 महीने सेवन करने से नपुंसकता की समस्या काफी हद तक दूर होती है|
  5. लहसुन- प्रतिदिन सुबह उठकर लहसुन की टीम 4 कलियां छीलकर खाने से यह समस्या दूर होती है|
बादाम
बादाम

इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के लिए एक्सरसाइज (Erectile dysfunction exercise)

  1. उत्तानासन –उत्तानासन करने से नपुंसकता की समस्या दूर होती है| उत्तर आसन करने के लिए सबसे पहले सीधे खड़े हो जाएं अपने दोनों पैरों को पास पास रखें और अपने दोनों हाथों को ऊपर की ओर सीधा कर ले अब धीरे-धीरे सामने की ओर कमर से नीचे झुकते हुए जाएं और अपने दोनों हाथों से पैरों के पंजों को छूने का प्रयास करें इस आसन को करने से तनाव से निजात मिलेगा|
  2. कोणासन– इस आसन को करने के लिए सबसे पहले दोनों पैरों को सीधा करके बैठ जाए और फिर दोनों पैरों को अपनी ओर मोड़ ले फिर दोनों पैरों के पंजों को आपस में मिलाएं अब दोनों घुटनों को धीरे धीरे नीचे की ओर हिलाएं 3 से 4 मिनट तक करें इस आसन को करने से लिंग में रक्त का प्रवाह बढ़ता है और कमर पर खिंचाव पड़ने लगता है|
  3. पश्चिमोत्तानासन- पश्चिमोत्तानासन करने के लिए दोनों पैरों को सामने की ओर सीधा करके बैठ जाए और अपनी दोनों हाथों को ऊपर उठा कर सीधे कर ले अब धीरे-धीरे आगे की और झुके और अपने दोनों हाथों से पैरों के पंजों को पकड़ ले और अपना सिर घुटनों पर रख दे इस आसन को कुछ सेकंड के लिए करें पश्चिमोत्तानासन करने से मांसपेशियों में आराम मिलता है और तनाव से मुक्ति मिलती है रक्त का प्रवाह भी तेजी  से होने लगता है|
  4. नवासना- इस आसन को करने के लिए आप डंडा आसन की स्थिति में बैठ जाएं अब दोनों पैरों को सीधा रखें और ऊपर की ओर उठाएं और थोड़ा सा पीछे की और कमर को झुका ले और हाथों को सीधे आगे की ओर रखें इस आसन को कुछ सेकंड तक करने से पाचन तंत्र ठीक ढंग से कार्य करता है|