ईटिंग डिसऑर्डर (eating disorders)

ईटिंग डिसऑर्डर

ईटिंग डिसऑर्डर को खानपान के विकार (eating disorder) की बीमारी भी कहा जाता है अभी खाना खाने पर वजन बढ़ने के डर से जड़ी बूटियों का प्रयोग करने पर जो हमारे स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव पड़ता है उसे ईटिंग डिसऑर्डर(eating disorder) कहते हैं|इसके अंतर्गत निम्नलिखित बातें आती है जैसे-अधिक खाना और बहुत कम खाना व कैलोरीज घटाने के लिए आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों का प्रयोग करना ईटिंग डिसऑर्डर की समस्या  किशोरावस्था में होती है|यह लड़कों और पुरुषों की अपेक्षा लड़कियों और महिलाओं में अधिक देखने को मिलती है| ईटिंग डिसऑर्डर(eating disorder) होने की कोई उम्र नहीं होती यह किसी भी उम्र के लोगों को हो सकता है| यह 40 वर्ष से अधिक उम्र के लोगो में अधिक पाया जाता है जो लोग बचपन में मोटापे से पीड़ित होते हैं उनमें ईटिंग डिसऑर्डर होने की संभावना ज्यादा होती है|ईटिंग डिसऑर्डर से ग्रस्त लोग कैलोरीज घटाने के लिए एक्सरसाइजेज या व्यायाम करते हैं| कई लोग वजन कम करने के लिए धूम्रपान का सेवन करते हैं|इसके दो मुख्य प्रकार होते हैं:

  1. एनोरेक्सिया नर्वोसा(anorexia nervosa)
  2. बुलिमिया नर्वोसा(bulimia nervosa)

ईटिंग डिसऑर्डर के दोनों प्रकारों एनोरेक्सिया नर्वोसा (anorexia nervosa) व बुलिमिया नर्वोसा (bulimia nervosa)में एक जैसे लक्षण नजर आते हैं शुरुआत में व्यक्ति को एनोरेक्सिया के लक्षण नजर आते हैं और उसके बाद बुलिमिया के लक्षणों में बदल जाते हैं|

ईटिंग डिसऑर्डर के लक्षण (eating disorder symptoms)

  • खाना न खाने के लिए बहाने बनाना
  • वजन कम होने पर भी वजन कम करने का प्रयास करना
  • खाना खाने के बाद बार-बार शौच जाना
  • वजन को लेकर चिंतित रहना
  • जरूरत से ज्यादा खाने के बाद पेट भरा हुआ पेट महसूस होना और जड़ी बूटियों का प्रयोग करके उल्टियां करना व खुद की तबीयत खराब करना और शर्मिंदगी महसूस करना
  • एनोरेक्सिया से पीड़ित लोग वजन कम करने के लिए अधिक व्यायाम करते हैं और कई प्रकार की एक्सरसाइज करते हैं कम से कम खाना खाते हैं और भूख लगने पर भी खाना नहीं खाने के बहाने बनाते हैं
  • बुलिमिया नर्वोसा से ग्रस्त लोग कैलोरी घटाने के लिए जड़ी बूटियों का प्रयोग करके उल्टियां करते हैं और खुद की तबीयत खराब कर लेते हैं
  • जरूरत से ज्यादा खाना खाने पर व्यक्ति शर्मिंदगी महसूस करने लगता है
  • थकान का अनुभव होता है
  • आप अपने आप को दोषी महसूस करते हैं

ईटिंग डिसऑर्डर के कारण (cause of eating disorder)

  1. अनुवांशिकता– आपके परिवार में से किसी सदस्य माता-पिता में भोजन विकास संबंधी समस्या है तो आप में भी यह समस्या विकसित होने की संभावना बढ़ने लगती है|
  2. तनाव- एनोरेक्सिया से ग्रस्त लोग वजन बढ़ने के डर से चिंतित रहते हैं और खाना खाने पर जड़ी बूटियों के प्रयोग से उल्टियां करते हैं और शर्मिंदगी महसूस करते हैं|
  3. मानसिक कारण- खाने की विकार से पीड़ित लोगों को मानसिक समस्याएं होने लगती है जो खाने के विकार को विकसित करती हैं|
  4. युवा- ईटिंग डिसऑर्डर की समस्या किशोरा अवस्था में ही देखने को मिलती है पुरुषों की अपेक्षा यह समस्या महिलाओं में अधिक देखने को मिलती है|
  5. हीन भावना- एनोरेक्सिया और बुलिमिया ईटिंग डिसऑर्डर से पीड़ित लोग दूसरों की तुलना में अपने आप को कमजोर महसूस करते हैं और वजन बढ़ने की भावनाओं को विकसित करते हैं|
  6. शारीरिक कारण- ईटिंग डिसऑर्डर पुरुषों में अधिक देखने को मिलता है यह उन व्यवस्याओं में अधिक देखने को मिलता है जहां कम वजन की मांग होती है|
  7. भोजन की कमी होना या डाइटिंग– खाना कम खाना खाने की विकार को विकसित करने वाला मुख्य कारण है खाने की कमी के कारण तनाव, चिंता डिप्रेशन कम भूख लगना जैसी समस्याएं उतपन होने लग जाती है जिसके कारण व्यक्ति एनोरेक्सिया से पीड़ित हो जाता है|

ईटिंग डिसऑर्डर से बचने के लिए आयुर्वेदिक उपाय (eating disorder treatment)

  1. अदरक- अदरक में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं| खाना खाने से पहले अदरक के छोटे टुकड़े को काला नमक और नींबू लगाकर खाने से मुंह में पाए जाने वाले टेस्ट बड्स को सहायता मिलती है यह पाचन क्रिया के लिए भी सहायक है|
  2. संतरा- संतरे का जूस पीने से भूख बढ़ने में सहायता मिलती है| संतरे पाचन तंत्र को भी बढ़ावा देने में हमारी सहायता करते हैं और संतरे के छिलकों के गंध से डिप्रेशन तनाव को कम करने में मदद मिलती है|
  3. लहसुन- एक कप पानी में चार से पांच कलियां लहसुन की उबालें इसका प्रतिदिन सेवन करने से भूख बढ़ने में मदद मिलती है|
  4. मिंट टी- प्रतिदिन मिंट टी का सेवन करने से भूख को बढ़ाया जा सकता है और यह भावनात्मक तनाव को दूर करने में भी सहायक है|
  5. ग्रीन टी- ग्रीन टी का सेवन करने से वह को बढ़ाने में मदद मिलती है ग्रीन टी का सेवन करने से तनाव चिंता और थकान को दूर किया जा सकता है|
  6. पुदीना- अपनी प्रतिदिन के आहार में पुदीने को शामिल करना चाहिए पूरी ना भूख को बढ़ाने में भी सहायक है और तनाव को कम करता है|
  7. इलायची– इलायची का सेवन करने से एनोरेक्सिया नर्वोसा यानी भूख की कमी को दूर किया जा सकता है खाने में इलायची का सेवन करने से भूख को बढ़ाया जा सकता है|
इलायची
इलायची