एंटीऑक्सीडेंट(Antioxidant)

एंटीऑक्सीडेंट ऐसे तत्व होते हैं जो शरीर में पाई जाने वाली कोशिकाओं को क्षतिग्रस्त होने से बचाते हैंऑ हमारा शरीर कोशिकाओं से बना है| कोशिकाओं के क्षतिग्रस्त  होने पर हमारे स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है|

धूम्रपान व रेडिएशन के कारण मुक्त कणो  का निर्माण होता है जिनके कारण कोशिकाएं क्षतिग्रस्त हो जाती है| एंटीऑक्सीडेंट कोशिकाओं को क्षतिग्रस्त होने से बचाता है| एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन करने से कोशिकाओं को स्वस्थ रखा जा सकता है| लयूटीन ,लाइकोपिन, फ्लेवोनॉयड, विटामिन ए ,विटामिन सी ,सेलेनियम आदि पोषक तत्वों में एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है| फल व सब्जियों का सेवन करने से भी एंटीऑक्सीडेंट प्राप्त होते हैं जो ब्लड प्रेशर, अल्जाइमर ,कैंसर और हृदय रोग होने की संभावना को कम करती है ऑक्सीडेंट शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने में भी सहायक है|

एंटीऑक्सीडेंट के प्रकार(types of antioxidant)

  • विटामिन ए-चुकंदर में विटामिंस ,प्रोटींस, मिनरल्स, एंटीऑक्सीडेंट् मौजूद होते हैं हम गाजर के जूस में भी चुकंदर का प्रयोग कर सकते हैं| चुकंदर का सेवन करने से लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण होता है|
  • विटामिन सी-लहसुन में विटामिन बी, विटामिन ए, विटामिन सी काफी मात्रा में पाए जाते हैं| लहसुन का सेवन कोलेस्ट्रोल के स्तर को बनाए रखने में हमारी सहायता करता है|
  • विटामिन ई- विटामिन ई कैप्सूल का प्रयोग चेहरे की त्वचा को चमकदार बनाने के लिए किया जाता है| नारियल के तेल में विटामिन ई की कैप्सूल के पाउडर को मिलाकर चेहरे पर लगाएं|
  • ग्लूटाथिओन-यह कोशिकाओ को क्षतिग्रस्त होने से बचाता है| टमाटर में ग्लूटाथिओन एंटीऑक्सीडेंट भी पाया जाता है जो रोग प्रतिरोधक तंत्र को मजबूत करने में सहायक है|
  •  कैलशियम-अनार में कैल्शियम ,पोटेशियम फास्ट फूड, फोलिक,एसिड आयरन आदि पोषक तत्व मौजूद होते हैं जो हमारे शरीर को हृदय संबंधी रोगों या अन्य रोगों से बचाते हैं|अनार का जूस पीने से लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण होता है|
  • लाइकोपिन-टमाटर में ल्यूकोपेन एंटी ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो ब्लड प्रेशर ,हृदय रोगों और कैंसर होने की संभावना को कम करते हैं|
  • फ्लैनोएड- ग्रीन टी मे फ्लैनोएड मौजूद होता है ग्रीन टी हमारे शरीर की त्वचा को सूर्य की हानिकारक किरणों से बचाने में हमारी सहायता करती है|राजमा में एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैराजमा में फ्लेवोनॉयड पोषक तत्व मौजूद होते हैं जो कैंसर हृदय रोगों से संबंधी जुड़ी बीमारी को होने से रोकते है|
  • सिस्टीन- बींस में सिस्टीन एंटीऑक्सीडेंट गुण मौजूद होते हैं जो शरीर से मुक्त कणों को निकालने में हमारी मदद करते हैं जिसके कारण कोशिकाओं को क्षतिग्रस्त होने से बचाया जा सकता है|

एंटीऑक्सीडेंट्स खाद्य पदार्थ(antioxidant foods)

  1. टमाटर– टमाटर में ल्यूकोपेन एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो ब्लड प्रेशर ,हृदय रोगों और कैंसर होने की संभावना को कम करते हैं|टमाटर में विटामिन ए और विटामिन सी भी पर्याप्त मात्रा में मौजूद होता है| टमाटर में ग्लूटाथिओन एंटीऑक्सीडेंट भी पाया जाता है जो रोग प्रतिरोधक तंत्र को मजबूत करने में सहायक है|
  2. राजमा– राजमा में एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते है|राजमा में फ्लेवोनॉयड पोषक तत्व मौजूद होते हैं जो कैंसर हृदय रोगों से संबंधी जुड़ी बीमारी को होने से रोकते है इसलिए हमें प्रतिदिन के आहार में राजमा का सेवन करना चाहिए|
  3. पका हुआ केला- पके हुए केले को हमें प्रतिदिन के आहार में सेवन करना चाहिए यह शरीर में ऑक्सीकरण की प्रक्रिया को नियंत्रित करने में सहायक है|
  4. चुकंदर- चुकंदर में विटामिंस ,प्रोटींस, मिनरल्स, एंटीऑक्सीडेंट् मौजूद होते हैं| हम गाजर के जूस में भी चुकंदर का प्रयोग कर सकते हैं| चुकंदर का सेवन करने से लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण होता है| यह खून को भी साफ करता है और रक्त का संचार तेजी से होने लगता है| चुकंदर को खाने से शरीर में खून की कमी को भी पूरा किया जा सकता है|
  5. बींस- बींस में सिस्टीन एंटीऑक्सीडेंट गुण मौजूद होते हैं जो शरीर से मुक्त कणों को निकालने में हमारी मदद करते हैं जिसके कारण कोशिकाओं को क्षतिग्रस्त होने से बचाया जा सकता है|
  6. लहसुन- लहसुन में विटामिन बी, विटामिन ए, विटामिन सी काफी मात्रा में पाए जाते हैं लहसुन का सेवन कोलेस्ट्रोल के स्तर को बनाए रखने में हमारी सहायता करता है इसके अलावा लहसुन में आयरन और सेलेनियम भी पाया जाता है जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में सहायक है|
  7. मछली- मछली में सेलेनियम पोषक मौजूद होती हैं जो कोशिकाओं को क्षतिग्रस्त होने में हमारी सहायता करते हैं|
  8. कीवी -कीवी में विटामिन सी और विटामिन ई काफी मात्रा में पाया जाता है कीवी का सेवन करते रहने से हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और यह तनाव को भी दूर करने में हमारी सहायता करती है|
  9. अनार- अनार एंटीऑक्सीडेंट का मुख्य स्त्रोत है| अनार में कैल्शियम,पोटेशियम फास्ट फूड, फोलिक,एसिड आयरन आदि पोषक तत्व मौजूद होते हैं जो हमारे शरीर को हृदय संबंधी रोगों या अन्य रोगों से बचाते हैं अनार का जूस पीने से लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण होता है और यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में भी सहायक है|
बींस
बींस

एंटीऑक्सीडेंट के फायदे( antioxidant benefits )

  1. बालों के लिए– विटामिन ई का प्रयोग करने से बालों का विकास तेजी से होने लगता है| रात को सोने से पहले नारियल तेल में विटामिन ई की कैप्सूल के पाउडर को मिलाकर अपने बालों में लगा ले| अगले दिन बालों को शैंपू से धोले विटामिन ई कैप्सूल का प्रयोग करने से बाल लंबे और घने होते हैं|
  2. विषैले पदार्थ बाहर निकलना- एंटीऑक्सीडेंट शरीर से विषैले पदार्थों को निकालने में सहायक है |एंटीऑक्सीडेंट पेशाब के संक्रमण को दूर करने में भी सहायक है|
  3. आंखों के लिए- विटामिन ई तेल का प्रयोग आंखों के लिए भी लाभदायक है| रात को सोने से पहले विटामिन ई के ऑयल को अपनी आंखों के नीचे लगाकर छोड़ दे ऐसा करने से आंखों की थकावट दूर होगी और आंखों के नीचे पढ़ने वाले डार्क सर्कल की समस्या भी दूर होगी|
  4. चेहरे के लिए- विटामिन ई कैप्सूल का प्रयोग चेहरे की त्वचा को चमकदार बनाने के लिए किया जाता है नारियल के तेल में विटामिन ई की कैप्सूल के पाउडर को मिलाकर चेहरे पर लगाएं|
  5. लीवर के लिए- हमें ऐसी फल -सब्जियों का प्रयोग करना चाहिए जिसमें एंटीऑक्सीडेंट पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में मौजूद हो जैसे अंडा,मछली ,बींस ,तरबूज, ब्रोकली आदि|
  6. त्वचा के लिए- ग्रीन टी मे फ्लैनोएड मौजूद होता है| ग्रीन टी हमारे शरीर की त्वचा को सूर्य की हानिकारक किरणों से बचाने में हमारी सहायता करती है|