एग्जिमा का घरेलू उपचार ( Eczema treatment )

एग्जिमा का घरेलू उपचार

एग्जिमा एक चर्म रोग है जिसमें व्यक्ति को निरंतर खुजली रहने लगती है यह ज्यादातर बुजुर्गों में पाया जाता है यह रोग होने पर व्यक्ति को खुजली होने लगती है और त्वचा पर लाल चकत्ते निकल आते हैं लाल चकतों के फूट जाने पर उनमें से द्रव्य पदार्थ निकलता रहता है|एग्जिमा का घरेलू उपचार करने पर इस रोग से निजात पाया जा सकता है|

एग्जिमा होने पर त्वचा मोटी , खुरदरी और शुष्क होने लगती है और प्रभावित क्षेत्र में गांठ पड़ने लग जाती है| यह रोग डर्मेटाइटिस के नाम से भी जाना जाता है |यह मुख्य रूप से खून की खराबी के कारण होता है और इसका सही समय पर इलाज न करवाने पर यह तेजी से फैलने लगता है यह किसी भी उम्र के पुरुष या महिलाओं को प्रभावित कर सकता है|

एग्जिमा रोग के लक्षण(Eczema symptoms)

  • इस रोग में व्यक्ति को खुजली होने लगती है और चमड़ी का रंग लाल हो जाता है|
  • चमड़ी सूखी पड़ जाती है और उसमें से पपडी निकलने लगती है|
  • त्वचा पर फफोले हो जाते है जिनसे द्रव का रिसाव निकलने लगता है|
  • समय के साथ त्वचा मोटी हो सकती है और त्वचा में कठोरता का अनुभव होने लगता है|
  • न्यूक्लियर एग्जिमा मेरी त्वचा के छोटे हिस्से में जलन होने लगती हैं|
Eczema
एग्जिमा (Eczema)

एग्जिमा होने के कारण(Eczema causes)

1.अनुवांशिकता-अगर माता-पिता या दोनों में से एक कोई भी इस त्वचा के रोग से पीड़ित है तो संतान में एग्जिमा होने की संभावना बढ़ जाती है और वह उस का शिकार हो जाता है|

2.हार्मोन में परिवर्तन– हार्मोन के सतर में बदलाव आने के कारण मासिक धर्म होने की स्थिति में यह रोग होने की संभावना बढ़ जाती है|

3.एलर्जी एलर्जी इस रोग का मुख्य कारण है किसी व्यक्ति के संपर्क में आने से जो इस रोग से पीड़ित हो तक इस रोग के होने की संभावना बढ़ जाती है

4.तनाव-तनाव एग्जिमा होने का मुख्य कारण है तनाव एग्जिमा के लक्षणों को खराब कर सकता है|

5.खाद्य पदार्थ –सोया, गेहूं, उत्पाद, अंडे जैसे कुछ खाद्य पदार्थ एग्जिमा होने के मुख्य कारण है खाद्य पदार्थों का सेवन करने से एग्जिमा होने की संभावना बढ़ जाती है|

6.गरम तापमान-गर्मी के कारण भी त्वचा एग्जिमा रोग से पीड़ित हो जाती है|

7.सूक्ष्म जीव- बैक्टीरिया और वायरल एग्जिमा रोग के होने की मुख्य कारण हैं|

एग्जिमा के प्रकार(Eczema types)

1.एटॉपिक डर्मेटाइटिस-अटोपिक डर्मेटाइटिस एग्जिमा का सबसे सामान्य प्रकार है जिन लोगों को पहले से ही अस्थमा की शिकायत रहती है उन लोगों में इस रोग के होने की संभावना ज्यादा बढ़ जाती है|

2.एलर्जी संपर्क त्वचा रोग-जब भी कोई रासायनिक पदार्थ हम बॉडी के ऊपरी हिस्से में बार बार प्रयोग में लाते हैं तो बॉडी में एलर्जी होना शुरू हो जाती है और त्वचा में उसे सूजन आना शुरू हो जाती है पदार्थ के ज्यादा यूज होने पर त्वचा को नुकसान होना शुरू होता है|

3.नुम्मूलर एकिज्मा-इस रोग में शरीर के अलग-अलग हिस्सों में गोल आकार का लाल निशान बनना शुरू हो जाता है यह अक्षर पैरों के पैर हाथों के पीछे की कलाई और पीठ के निचले हिस्से में ज्यादा होता है|

4.स्टैसिस डर्मेटाइटिस-इस तरह के रोग में अक्सर शरीर के ऊपर भूरे रंग के दाग हो जाते हैं यह रोग ज्यादातर उन लोगों में होता है जिनकी निचले पैरों की नसों से दिल तक रक्त का प्रवाह ठीक ढंग से नहीं हो पाता यह रोग शीघ्रता से फैलता है|

5.डिशीडॉटिक एग्जिमा-इस रोग के शुरुआती लक्षणों में खुजली होने लगती है फिर हाथों और पैरों पर लाल चकते बनने शुरू हो जाते हैं फफोले भी बन जाते हैं जिनमें से द्रव्य रिसाव निकलने लगता है|

6.न्यूरोड्मार्टाइटिस-इस तरह के रोग में त्वचा के ऊपर दाग हो जाता है और दाग वाली जगह पर जलन तथा हद से ज्यादा खुजली होती है एग्जिमा ज्यादातर गर्दन के पीछे या पीठ सिर में कलाई जननेंद्रिय और कान के अंदर वाले हिस्सों को ज्यादा प्रभावित करता है|

7..सेब्रेरिक -डेंड्फ की तरह पैदा होता है बच्चों में यह सिर को प्रभावित करता है और वैष्णो मैया जाकर कान के क्षेत्र दोहे नाक के बाजू के एरिया को ज्यादा प्रभावित करता है|

एग्जिमा का घरेलू उपचार (Eczema treatment)

1.एग्जिमा के रोग से छुटकारा पाने के लिए विभिन्न प्रकार की दवाइयों और विचारों की आवश्यकता पड़ती है जिनका वर्णन इस प्रकार से है|

2.एंटीहिस्टामाइन दवाओं जैसे – डीफेनहाइड्रेमाइन आदि का सेवन करने से हमें खुजली के दर्द से राहत मिलती है|

3.हाइड्रोकॉर्टिसोन मरहम का सेवन करने से एग्जिमा से हमें निजात मिलता है|

4.डॉक्टर कॉर्टिकोस्टेरॉइड क्रीम को लगाने की सलाह देते हैं यह खुजली को कम करने में हमारी मदद करती है|

5.जब रोगी को घरेलू उपचारों के द्वारा आराम नहीं मिलता तब वह लाइट थेरेपी से उपचार करने की जरूरत पड़ती है इस थेरेपी में कृत्रिम पेरा बैंगनी ए और संकीर्ण बेड पेरा बैंगनी बी नियंत्रित मात्रा के साथ उपचार किया जाता है|

एग्जिमा के रोग से निजात पाने के लिए घरेलू उपाय

1.एलोवेरा -विटामिन ई के तेल के साथ एलोवेरा मिलाकर लगाने से खुजली कम होने लगती है एलोवेरा का प्रयोग करने से हमारी त्वचा को पोषण मिलता है इसके लिए एलोवेरा की पत्तियों से जेल निकाल कर उसमें कैप्सूल से विटामिन ई के तेल को निकाल कर दोनों को मिला लें और जहां पर खुजली है वहां लगाने से आराम मिलता है|

Alovera
एलोवेरा ( Alovera )

2. नीम का तेल– नीम के तेल में एंटी इन्फ्लेमेटरी कंपाउंड होते हैं जैतून के तेल में नीम के तेल की कुछ बूंदें मिलाकर प्रभावित स्थान पर लगाने से एग्जिमा के रोग से हमें निजात मिलता है

3. शहद और दालचीनी-शहद और दालचीनी में भी एंटी ऑक्सीडेंट गुण होते हैं |एक चम्मच शहद एक चम्मच दालचीनी को अच्छी तरह से मिलाकर उसका मिश्रण तैयार करले अब इस मिश्रण को खुजली वाले स्थान पर लगाएं शहद त्वचा की जलन को कम करता है|

एक्जिमा के रोग से निजात पाने के लिए आयुर्वेदिक उपाय

Neem
नीम ( Ne em )
  • हरड़– गाय के मूत्र में कुछ हरण को पीसकर इसका मिश्रण बनाकर प्रभावित स्थान पर लगाने से एग्जिमा के रोग से निजात मिलता है
  • नीम– नीम के पत्तों का रस निकालकर थोड़ी सी मिश्री मिलाकर उसका सुबह शाम सेवन करने से एग्जिमा में खून की खराबी की समस्या दूर होती है
  • साफी– यह एक जड़ी बूटी यानी औषधि है जिसका खाली पेट सेवन करने से एक्जिमा में  लाभ मिलता है
  • काले चनो को पानी में पीसकर प्रभावित स्थान पर लगाने से खुजली दूर होती है
  • एक चम्मच त्रिफला का चूर्ण एक चम्मच शहद में मिलाकर इसका सुबह शाम सेवन करने से एग्जिमा के रोग से हमें राहत मिलती है
  • नीम के पत्तों को पानी में उबालकर ठंडा हो जाने पर उस पानी से नहाए और नीम की तेल की मालिश करने से एग्जिमा रोग से हमें राहत मिलती है
  • हल्दी को पीसकर सरसों के तेल में पकाकर जब हल्दी जल जाए तब उसे छानकर प्रभावित स्थान पर लगाने से एग्जिमा रोग से निजात मिलता है
  • नीम की छाल, पीपल की छाल, गिलोय इन सब की थोड़ी-थोड़ी मात्रा लेकर कुछ पानी में पकाकर इसका काढ़ा बना ले इसका काडे का सुबह-शाम सेवन करने से यह रोग जड़ से खत्म होता है