एलर्जी का इलाज ( Allergy treatment )

एलर्जी का इलाज

एलर्जी की समस्या एक आम समस्या बन गई है| एलर्जी तब होती है जब हमारा शरीर किसी पदार्थ के प्रति प्रतिक्रिया व्यक्त करता है| एलर्जी उत्पन्न करने वाले पदार्थों को एलर्जन कहा जाता है, जो शरीर से बाहर की वस्तुओं से बनते हैं| यह विशेष रूप से बच्चों में देखने को मिलती है कुछ बच्चों में यह लंबे समय तक रह सकती है| एलर्जी से कुछ लोगों को परेशानी नहीं होती और कुछ लोगों को दर्द, खुजली, खाज, छाले होना, घाव हो जाना आदि समस्याएं उत्पन्न होने लगती है |अगर इनका सभी सही समय पर इलाज नहीं किया जाए तो स्किन रोग का रूप धारण कर लेती है|

एलर्जी का मुख्य कारण हमारी दिनचर्या है इसके साथ ही प्रदूषण जैसे कारक भी एलर्जी का मुख्य कारण बन सकते हैं| एलर्जी होने के मुख्य कारण हो सकते हैं जैसे: प्रदूषण से एलर्जी, खानपान से एलर्जी इत्यादि|

एलर्जी  के प्रकार(Types of allergies)

1.ड्रग एलर्जी– जब किसी रोग की रोकथाम करने के लिए खाई जाने वाली दवा का हमारे शरीर पर हानिकारक प्रभाव पड़ता है, तो शरीर की दवाओं के खिलाफ दी गई इस प्रतिक्रिया को ड्रग एलर्जी कहते हैं|

2.मौसमी एलर्जी- बदलते मौसम के साथ आंखों में जलन, आंखों में पानी, खुजली जैसी समस्याएं पैदा होने लगती है अगर इनका सही समय पर इलाज न किया जाए तो यह गंभीर रूप धारण कर लेती है|

3.खाद्य पदार्थों से एलर्जी– कुछ खाद्य पदार्थों जैसे गाय का दूध, मछली या फिर अंडे  आदि का सेवन करने से आपको एलर्जी हो सकती है| खाद्य पदार्थों का सेवन करने से आपके शरीर पर हानिकारक प्रभाव पड़ सकता है|

4.प्रदूषण से एलर्जी -वातावरण में होने वाले प्रदूषण एलर्जी होने का मुख्य कारण है| जल प्रदूषण भी एलर्जी होने का मुख्य कारण है| गंदे जल का प्रयोग करने से शरीर मे स्किन में जलन, लाल दाने होना जैसी समस्याएं पैदा होने लगती है|

5.जानवरों से एलर्जी- कुछ जानवरों की स्किन की कोशिकाओं से हमारे शरीर पर हानिकारक प्रभाव पड़ता है जिसे एलर्जी होने की संभावना बढ़ जाती है|

6.आंखों की एलर्जी -आंखे लाल होना, आंखों में पानी आना, आंखों में सूजन- जलन आदि आंखों में होने वाली एलर्जी के लक्षण है|

7.नाक की एलर्जी- छींके आना, नाक बंद होना खुजली होना बार बार जुकाम होना आदि समस्याएं पैदा हो जाती है|

एलर्जी के कारण (Allergy causes)

1.संपर्क में  होने वाले स्किन रोग– स्किन के रोग  आंखों में जलन ,आंखों में पानी , दाद ,खाज- खुजली आदि से पीड़ित होने वाले व्यक्ति को छूने से  या ऐसे व्यक्ति के संपर्क में आने से स्किन पर एलर्जी होने लगती है|

2.नकली गहने -कुछ महिलाओं को नकली धातु के गहनों को पहनने से एलर्जी होने लगती है|

3.धातु से एलर्जी -कुछ लोगों को सोना, चांदी, हीरा, एलुमिनियम आदि को पहनने से एलर्जी होने लगती है|

4.खुशबू -ब्यूटी प्रोडक्ट्स जैसे – पाउडर, परफ्यूम, साबुन,  शैंपू  आदि का इस्तेमाल करने से सिर दर्द और नाक की एलर्जी से संबंधित समस्याएं उत्पन्न हो सकती है|

5.प्रदूषण से एलर्जी- कारखानों व चिमनीओं से निकलने वाला धुआं हवा और पानी को दूषित कर देते हैं| हवा और पानी के संपर्क में आने से एलर्जी होने लगती है|

6.खानपान- कुछ लोगों को खाने की चीजें जैसे- मछली, अंडा ,बादाम, दूध आदि का सेवन करने से भी एलर्जी होने लगती है|

7.अनुवांशिकता -अगर आपके परिवार में किसी व्यक्ति को कोई एलर्जी है ऐसे व्यक्ति के संपर्क में आने से भी आपको एलर्जी हो सकती है|

8.कीट पतंग- घर के आस-पास कॉकरोच, मकड़ी, डेंगू, टीडी आदि के काटने से एलर्जी हो सकती है|

9.रबड़ – रबड़ से बनी हुई चीजों जैसे – दस्ताने , मेडिकल उपकरण  आदि को इस्तेमाल में लाने से खाज- खुजली, नाक बहना,  छींकना जैसी समस्याएं होने लगती है|

एलर्जी के लक्षण(Allergy symptoms)

  • आंखों में जलन, आंखों में पानी आना ,खुजली होना, आंखें लाल होना, आई फ्लू होना|
  • छींके आना ,जुखाम होना ,नाक का बहना|
  • शरीर पर लाल चकत्ते पड़ जाना और सूजन व खुजली होना|
  • कुछ एंटीबायोटिक दवाएं ड्रग्स, कैफिन आदि का सेवन करने से भी एलर्जी जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती है|
  • गले में खराश और दर्द होना|
  • एलर्जी के कारण कुछ लोग अस्थमा बीमारी के शिकार हो जाते हैं और व्यक्ति को सांस लेने में कठिनाई का अनुभव होता है|
  • खाने पीने की चीजें जैसे दूध, अंडे, मछली आदि का सेवन करने से भी एलर्जी होने लगती है|

एलर्जी का इलाज(Allergy treatment)

1.एलोवेरा -एलोवेरा जेल और कच्चे आम के पल्प को मिक्स करके मिश्रण बना लें और इसे स्किन पर लगाने से एलर्जी की समस्या से निजात मिलता है|

Alovera
एलोवेरा ( Alovera )

2.कपूर और नारियल तेल -कपूर को पीसकर उसमें नारियल तेल मिलाकर मिश्रण बना लें अब इस मिश्रण को प्रभावित जगह पर लगाएं ऐसा करने से आराम मिलेगा|

3.फिटकरी- फिटकरी को पीसकर उसमें नारियल के तेरे को मिलाकर मिश्रण बना लें अब इस मिश्रण को खुजली वाले स्थान पर लगाएं ऐसा दो से तीन बार करने से आपको निजात मिलेगा|

4.नीम  – नीम में एंटी बैक्टीरियल और एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं जिससे खुजली समस्या दूर होती है नीम के पत्तों को रात को पानी में भिगोकर सुबह इसका मिश्रण बना लें और इसको प्रभावित स्थान पर लगाएं ऐसा करने से स्किन से संबंधित रोग से आपको आराम मिलेगा|

5.अरंडी का तेल -नाक की एलर्जी होने पर आधा कप पानी मे अरंडी के तेल की चार से पांच बूंदें डालकर सुबह खाली पेट पीने से एलर्जी की समस्या दूर होती है|

6.सेब का सिरका- किसी कीटनाशक के काटने वाली स्थान पर सेब के सिरके वाले पानी से नहा कर आराम मिलता है|

7.अदरक- अदरक के छिलके को छीलकर उसके टुकड़े को पीसकर उबलते हुए पानी में थोड़ी देर के लिए भिगो दें इस मिश्रण का सेवन करने से एलर्जी की समस्या दूर होती है|

ginger
अदरक ( ginger )

8.ग्रीन टी- ग्रीन टी में शहद मिलाकर इसका सेवन करने से एलर्जी की समस्या दूर होती है\

9.आलू का आटा- तीन से चार चम्मच आलू के आटे को नहाने के पानी में मिलाकर उस पानी से नहाने से एलर्जी की समस्या दूर होती है|

10.नींबू और शहद- एक गिलास गुनगुने पानी में एक नींबू निचोड़ लें और उसमें एक चम्मच शहद मिलाकर सुबह खाली पेट पीने से एलर्जी की समस्या से निजात मिलता है और शहद का सेवन करने से शरीर से विषैले पदार्थ बाहर निकल आते हैं और वजन भी कम होने लगता है|

एलर्जी टेस्ट (Allergy test)

एलर्जी एक संवेदनशील प्रतिक्रिया है जो पदार्थ शरीर के संपर्क में आते हैं ऐसे पदार्थों के खिलाफ प्रतिक्रिया प्रतिरक्षा प्रणाली की जाती है एलर्जी टेस्ट दो प्रकार से किया जाता है जिसमें स्किन टेस्ट और ब्लड टेस्ट शामिल है एलर्जी टेस्ट से यह पता लगाया जाता है कि आपको किस चीज से एलर्जी है |

एलर्जी टेस्ट के प्रकार:-

1.स्किन टेस्ट .स्किन टेस्ट में एलर्जी पदार्थ को रोगी की त्वचा के संपर्क में लाया जाता है और परीक्षण किया जाता है की प्रतिक्रिया होती है या नहीं|एलर्जी स्किन टेस्ट का रिजल्ट कुछ ही घंटों में पता लग जाता है स्किन टेस्ट तीन प्रकार के होते हैं जिनका वर्णन इस प्रकार से है:-

  • स्किन प्रिक टेस्ट इस टेस्ट में एलर्जी पदार्थ की कुछ बूंदे इंजेक्शन के द्वारा स्किन के अंदर भेजी जाती है अगर स्किन पर हानिकारक प्रभाव  जैसे- खुजली ,सूजन आदि दिखने लगता है तो यह माना जाता है कि व्यक्ति को इन पदार्थों से एलर्जी है|
  • इंट्राडर्मल टेस्ट -जब किसी एलर्जी पदार्थ की कुछ बूंदें इंजेक्शन के माध्यम से स्किन के अंदर डाली जाती है अगर मरीज कोई प्रतिक्रिया नहीं करता तो इंट्रेडर्मल टेस्ट का उपयोग किया जाता है|
  • स्किन पैच टेस्ट- इस टेस्ट में अर्जित पदार्थ को एक पेड़ पर लगाकर उसे स्किन पर बांध दिया जाता है कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस स्किन से संबंधित रोग का पता लगाने के लिए इस टेस्ट का उपयोग किया जाता है|

2.ब्लड टेस्ट-ब्लड टेस्ट में व्यक्ति के खून की कुछ मात्रा इंजेक्शन के द्वारा ली जाती है ब्लड टेस्ट खून में एंटीबॉडीज नामक पदार्थ के 70 का मापन करता है एलर्जी टेस्ट के द्वारा अगर आपको त्वचा संबंधी संक्रमण है तो उसका पता लगाया जा सकता है अस्थमा रोग की जांच के लिए भी एलर्जी ब्लड टेस्ट का उपयोग किया जाता है|