ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर (OCD)

ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर ओसीडी एक प्रकार का मानसिक रोग है यह बीमारी ब्रेन में सेरोटोनिन नामक न्यूरोट्रांसमीटर की कमी, स्ट्रेस और इन्फेक्शन के कारण हो जाती है इस रोग से ग्रस्त होने पर व्यक्ति एक ही काम को बार-बार करने लगते हैं जैसे- बार-बार हाथ धोना ऑब्सेसिव कंपल्सिव का मुख्य लक्षण है|कुछ चीजों को बार बार सोचने की लालसा बनी रहती है इस रोग से ग्रस्त होने पर व्यक्ति एक ही चीज को बार-बार गिनते हैं, छूते हैं|ऑब्सेसिव कंपल्सिव से पीड़ित व्यक्ति के मन में कई तरह के विचार पनपने लगते हैं जैसे- इस कार्य को करूं या ना करूं दूसरों से बार बार पूछते रहना कि सब कुछ ठीक है या नहीं आदि लक्षण नजर आते हैं|ऑब्सेसिव कंपल्सिव छोटी उम्र के बच्चों में भी हो सकता है|वयस्कों में 20 से 25 साल की उम्र में यह रोग शुरू होता है 50 में से एक व्यक्ति को अपने जीवन काल में ऑब्सेसिव कंपल्सिव हो सकता है|

ऑब्सेसिव कंपल्सिव के लक्षण (OCD symptoms)

  • किसी और को नुकसान पहुंचाने का डर रहना
  •  कीटाणुओं के संपर्क में आने से डर होना
  •  योन संबंधी विचारों के बारे में सोचते रहना
  • चीजों को बार-बार जांचना
  • बार-बार हाथ धोना
  • बार बार सफाई करते रहना
  •  बिना किसी वजह की माफी मांगने की जरूरत लगना
  • शारीरिक गतिविधियों को बार-बार दोहराना
  •  कुछ चीजों को बार बार सोचने की लालसा होना
  •  दूसरों से बीमारीहो जाने का डर बने रहना
  •  घबराहट महसूस करना व तनावग्रस्त रहना
  •  खराब वस्तुओं को एकत्रित करते रहना

ऑब्सेसिव कंपल्सिव के कारण (causes of OCD)

  1. मस्तिष्क में बदलाव- मस्तिष्क में सेरोटोनिन नामक न्यूरोट्रांसमीटर की कमी हो जाती है और सेरोटोनिन नामक रसायन असंतुलित हो जाता है जिसके कारण ऑब्सेसिव कंपल्सिव रोग हो जाता है|
  2. अनुवांशिकता-ऑब्सेसिव कंपल्सिव होने के जेनेटिक कारण भी होते हैं अगर आपके परिवार का कोई सदस्य माता पिता भाई या बहन ओसीडी से पीड़ित है तो आप भी इस रोग की चपेट में आ सकते हैं|ऑब्सेसिव कंपल्सिव के लक्षण नजर आने पर तुरंत ही डॉक्टर से सलाह ले|
  3. तनाव –प्रतिदिन की गतिविधियों में होने वाले बदलाव जैसे परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु होना, नौकरी छूटना आदि के कारण व्यक्ति तनाव ग्रस्त हो जाता है|तनाव होने पर ऑब्सेसिव कंपल्सिव होने की संभावना बढ़ जाती है|
  4. संपर्क में आने से- किसी ऐसे व्यक्ति के संपर्क में आने से जो ओसीडी रोग से ग्रस्त हो आपको भी ऑब्सेसिव कंपल्सिव होने का खतरा बना रहता है|
  5. वातावरण -पर्यावरणीय कारणों के कारण भी ओसीडी होने का खतरा बना रहता है|
  6. व्यक्तित्व –अगर आप एक ही चीज को बार-बार करते हैं जैसे बार-बार हाथ धोना, घंटों शीशे के सामने खड़े रहना, चीजों को बार-बार जांचना आदि लक्षण नजर आने पर ओसीडी का खतरा बना रहता है|

ऑब्सेसिव कंपल्सिव का इलाज

ओसीडी का इलाज करने के लिए काग्नीटीव बिहेवियर थेरेपी की मदद ली जाती है जिसके अंतर्गत ओसीडी से ग्रस्त व्यक्ति को विचारों से मुक्ति दिलाने के लिए भी नई-नई चीजें सिखाई जाती है|

  • कांगीटीव थेरेपी- यह एक मनोवैज्ञानिक उपचार है जो आपको विचारों के प्रति प्रतिक्रियाओं को बदलने में आपकी सहायता करती है अगर आपको चिंताजनक विचार आते हैं और आप कोई प्रतिक्रिया नहीं करती तो यह थेरेपी सहायक होती है ओसीडी से ग्रस्त व्यक्ति के मन में कई तरह के विचार पनपते रहते हैं ऐसे विचारों से छुटकारा पाने की बजाए उनका सामना करें अगर आपके मन में ऐसे विचार आते हैं तो उनके बारे ध्यान से सोचिए इस थेरेपी की मदद से आप यह निर्णय ले पाते हैं कि किन विचारों को बदलना है यह थेरेपी आपके मन में वास्तविक विचार लाने में आपकी सहायता करेगी|