ऑस्टियोपोरोसिस ( osteoporosis )

ऑस्टियोपोरोसिस

ऑस्टियोपोरोसिस का अर्थ है पोरस बोंस यह एक ऐसी बीमारी है जिसकी हड्डियों का घनत्व कम हो जाता है हमारी हड्डियों कैल्शियम, फास्फोरस और प्रोटीन के अलावा कई प्रकार की मिनरल्स से बनी होती है| उम्र बढ़ने के साथ-साथ यह मिनरल नष्ट हो जाते हैं| दिल से हड्डियां कमजोर होने लगती हैं छोटी सी चोट भी फैक्चर का मुख्य कारण बन सकती है|

ऑस्टियोपोरोसिस कई कारणों से होता है जैसे- अनुवांशिक प्रोटीन की कमी, विटामिन डी, कैल्शियम की कमी, व्यायाम न करना, बढ़ती उम्र, धूम्रपान ,डायबिटीज ,शराब का सेवन आदि शामिल होते हैं|

ऑस्टियोपोरोसिस पुरुषों की तुलना में महिलाओं को अधिक होता है| इस बीमारी में हड्डियां कमजोर होने लगती है और लक्षण जल्दी दिखाई नहीं देते|

ऑस्टियोपोरोसिस पुरुषों की तुलना में महिलाओं को अधिक होता है| इस बीमारी में हड्डियां कमजोर होने लगती है और लक्षण जल्दी दिखाई नहीं देते|
ऑस्टियोपोरोसिस

ऑस्टियोपोरोसिस के कारण (Causes of osteoporosis)

  • बढ़ती उम्र– उम्र बढ़ने के साथ-साथ ओस्टियोपोरोसिस की समस्या में विकास हो जाता है|
  • अनुवांशिकता– परिवार में किसी सदस्य को ओस्टियोपोरोसिस होने से दूसरे व्यक्ति में यह रोग होने की संभावना बढ़ जाती है|
  • सेक्स हार्मोन- कम सेक्स हार्मोन हड्डियों को कमजोर करता है| महिलाओं में रजनो वृत्ति के दौरान एस्ट्रोजन सत्र का कम होना ऑस्टियोपोरोसिस का विकास करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है|
  • कैल्शियम का कम सेवन- ओस्टियोपोरोसिस में कैल्शियम की कमी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है |हड्डियों के शुरुआती नुकसान में विकास हो जाता है|
  • थायराइड की समस्या-  थायराइड हार्मोन हड्डी के नुकसान का कारण बनते हैं| थायराइड हार्मोन दवाओं के लेने से इस रोग  का विकास होता है|
  • मेनोपॉज- मेनोपॉज होने के बाद महिलाओं में इस रोग की होने की संभावना बढ़ जाती है|
  • बीड़ी, सिगरेट, शराब ,तंबाकू का सेवन- बीड़ी, सिगरेट, शराब ,तंबाकू का सेवन- करने से इस रोग के होने की संभावना बढ़ जाती है |यह रोग पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं में अधिक देखने को मिलता है|
  • विटामिन डी- विटामिन डी की कमी से भी यह रोग हो जाता है|
  • प्रोटीन – प्रोटीन की कमी से यह रोग हो जाता है| इसलिए कम वसा वाले डेयरी उत्पाद, हरी पत्तेदार सब्जियां और कैल्शियम से भरपूर पेय पदार्थ ले|

ओस्टियोपोरोसिस के लक्षण (symptoms of osteoporosis)

  1. ओस्टियोपोरोसिस होने पर पेट के ऊपरी भाग में मामूली झुकाव हो सकता है और गर्दन में दर्द पैदा हो सकता है |ओस्टियोपोरोसिस रीड की हड्डी के फैक्चर का कारण बनता है|
  2. ओस्टियोपोरोसिस होने पर मसूड़ों में ढीलापन आ जाता है क्योंकि आप के जबड़े की हड्डी की घनिष्ठता कम हो जाती है|
  3. इस रोग में हड्डियां कमजोर हो जाती है छोटी सी चोट लग जाने पर भी फैक्चर होने लगता है|
  4. इस रोग में पीठ की हड्डियों में दर्द होने लगता है|
  5. कलाई और रीड की हड्डी में फैक्चर होना इस रोग का मुख्य लक्षण है|

ऑस्टियोपोरोसिस और ऑस्टियोपीनिया में अंतर 

ऑस्टियोपोरोसिस और ऑस्टियोपीनिया हड्डियों से संबंधित बीमारी है जोपुरुषों की अपेक्षा महिलाओं को अधिक होती है इस लोक में हड्डियां कमजोर होने लगती है और हड्डियों का बोन मास कम हो जाता है वह भुरभुरी हो जाती है जबकि ऑस्टियोपीनिया हड्डियों की समस्‍याओं के फैलने की शुरूआती अवस्‍था है, यानी हडिृडयों के बोन मास में कमी होने की शुरूआती स्थिति को ऑस्टियो‍पीनिया कहा जाता है। इस बीमारी में हड्डियों का घनत्‍व कम हो जाता है। बाद में ही यही बीमारी ऑस्टियोपोरोसिस का रूपधारन कर ले लेती है|

ऑस्टियोपोरोसिस से बचने के लिए आयुर्वेदिक उपाय

पालक में कैल्शियम और आयरन की मात्रा पाई जाती है जो आपकी हड्डियों को मजबूत करती है आपके शरीर में रक्त को बढ़ावा देता है| इसलिए अपने प्रतिदिन की आहार में सबसे स्वाद के रूप में पालक का प्रयोग करें|
पालक
  • पालक- पालक में कैल्शियम और आयरन की मात्रा पाई जाती है जो आपकी हड्डियों को मजबूत करती है आपके शरीर में रक्त को बढ़ावा देता है| इसलिए अपने प्रतिदिन की आहार में सबसे स्वाद के रूप में पालक का प्रयोग करें|
  • अनानास– अनानास मे मैग्नीशियम की मात्रा अच्छी होती है |अनानास के जूस का सेवन करने से खतरे को कम किया जा सकता है|
  • केला– अपने प्रतिदिन के आहार मे केले को शामिल करें क्योंकि इसमे पोटैशियम पर्याप्त मात्रा में पाई जाती है जो हड्डियों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है पर्याप्त मात्रा में पोटेशियम का सेवन करने के खतरे को कम किया जा सकता है|
  • टोफू– अपने प्रति दिन की आहार में टोफू को शामिल करें नियमित रूप से इसका सेवन करने से शरीर में पर्याप्त मात्रा में फाइटोस्टोजन उपलब्ध कराता है जो हड्डियों के ग्रंथों को बनाए रखने में हमारी मदद करता है|
  • सेब-अपने प्रति दिन की आहार मे केले का सेवन करे सेब मे बोरोन जैसे आव्य्श्क पोश्क तत्व पर्याप्त मात्रा में होते है जो आपके आपके शरीर में कैल्शियम को  अवशोषित करने में मदद करता है|
  • सोयाबीन-सोयाबीन का सेवन करने से बीमारी को कम किया जा सकता है | सोयाबीन हड्डी के घनत्व को बनाए रखने में हमारी मदद करता है|
अपने प्रति दिन की आहार में टोफू को शामिल करें नियमित रूप से इसका सेवन करने से शरीर में पर्याप्त मात्रा में फाइटोस्टोजन उपलब्ध कराता है जो हड्डियों के ग्रंथों को बनाए रखने में हमारी मदद करता है|
टोफू ( पनीर )