कोलेस्ट्रोल क्या होता है? (What is Cholesterol)

कोलेस्ट्रोल क्या होता है ?

कोलेस्ट्रोल क्या होता है ?कोलेस्ट्रोल (Cholesterol) रक्त में पाया जाने वाला वसा है जो शरीर की कोशिकाओं का निर्माण करता है और ब्लड सरकुलेशन के रूप में जाना जाता है शरीर में कोलेस्ट्रोल का बढ़ा हुआ सतर कोरोनरी धमनीओं में अवरोध पैदा कर देता हैजब रक्त में इसकी मात्रा सामान्य से अधिक हो जाती है, तो रक्त में थक्के जम जाते हैं, जिससे खून गाढ़ा होना, हार्ट अटैक ,आर्टरी ब्लॉकेज और दिल से संबंधित बीमारियां होने की आशंका बढ़ जाती हैयह कोशिकाओं की दीवारों का निर्माण करने और विभिन्न हार्मोंस को बैलेंस करने के लिए भी ज़रूरी होता है|

Cholesterol
कोलेस्ट्रोल क्या होता है ? (what is cholesterol )

कोलेस्ट्रोल के लक्षण(Cholesterol symptoms)

  • व्यक्ति को जरूरत से ज्यादा पसीना आने लगता है
  • व्यक्ति की सांसे फूलने लगती है
  • इसमें व्यक्ति का सिर लगातार दर्द रहने लगता है यह कोलेस्ट्रोल की मात्रा बढ़ने के कारण होता है
  • व्यक्ति का वजन लगातार बढ़ने लगता है
  • ब्लड प्रेशर का सामान्य से अधिक हो जाना कोलेस्ट्रोल बढ़ने का संकेत होता है
  • व्यक्ति को सीने में दर्द और बेचैनी का अनुभव होने लगता है
  • कोलेस्ट्रोल बढ़ने के कारण व्यक्ति की पीठ घुटनों कमर में अचानक दर्द रहने लगता है
  • व्यक्ति के दिल की धड़कन तेज होने लगती है कोलेस्ट्रोल बढ़ने के कारण दिल तक ब्लड सरकुलेशन ठीक ढंग से नहीं हो पाता जिससे धड़कने तेज होने लगते हैं

कोलस्ट्रोल बढ़ने का कारण(Cholesterol causes)

1.धूम्रपान– सिगरेट शराब का सेवन करने से कोलेस्ट्रोल का स्तर बढ़ जाता है जिससे हम हार्ट अटैक , डायबिटीज हाई ब्लड प्रेशर के शिकार हो सकते हैं

2.बढ़ती उम्र -उम्र के बढ़ने के साथ-साथ कोलेस्ट्रोल के स्तर में में परिवर्तन आ जाता है

3.फास्ट फूड का सेवन– फास्ट फूड का सेवन करने से भी कोलेस्ट्रोल का स्तर बढ़ जाता है

4.वसायुक्त भोजन का सेवन– वसायुक्त भोजन जैसी मछली चिकन आदि का सेवन करने से कोलेस्ट्रोल का स्तर बढ़ जाता है

5.अनुवांशिकता-अनुवांशिकता भी कोलेस्ट्रोल का स्तर बढ़ाने का मुख्य कारण है यदि आपके परिवार के सदस्यों को उच्च कोलेस्ट्रोल था तो आप भी इस समस्या की चपेट में आ सकते हैं

6.गतिविधि– शारीरिक गतिविधि का न  होना कोलेस्ट्रोल के स्तर को बढ़ा सकता है

कोलेस्ट्रोल का सतर(Cholesterol level)

शरीर में नार्मल कोलेस्ट्रॉल की मात्रा 200 मिलीग्राम होनी चाहिए कोलेस्ट्रोल रक्त में पाया जाने वाला वसा है कोलेस्ट्रोल शरीर में कोशिकाओं को स्वस्थ रखने और हारमोंस का निर्माण करने का काम करता है शरीर में कोलेस्ट्रोल का बढ़ा हुआ सतर कोरोनरी धमनीओं में अवरोध पैदा कर देता है जिससे खून गाढ़ा होना, हार्ट अटैक ,आर्टरी ब्लॉकेज और दिल से संबंधित बीमारियां होने की आशंका बढ़ जाती है

कोलेस्ट्रॉल का स्तर को बैलेंस बनाने के लिए गुड़ का सेवन करना चाहिए गुड कोरोनरी हार्ट डिजीज को होने से रोकता है और यह कॉलेस्ट्रोल को कोशिकाओं से लीवर में ले जाकर वेट पदार्थों के साथ शरीर से निष्कासित हो जाता है

कोलेस्ट्रोल कैसे कम होता है (How to Cholesterol decrease )

1.टमाटर -टमाटर में लाइकोपीन भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो कोलेस्ट्रोल को कम करने में मदद करता है

2.बादाम -बादाम खाने से कोलेस्ट्रोल की मात्रा को कम किया जा सकता है यह हरदे को स्वस्थ बनाने में मददगार साबित होता है

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बादाम (Ba-dam)

3.सेब का सेवन– सेब में पेक्टिन नामक पदार्थ पाया जाता है जो कोलेस्ट्रोल के स्तर को कम करने में हमारी सहायता करती है सेब में एंटी ऑक्सीडेंट गुण मौजूद होते हैं जो कोलेस्ट्रोल के सतर को कंट्रोल करते हैं

4.अनार -अनार में पोली फेनॉल पाया जाता है जो कोलेस्ट्रोल के स्तर को कम करने के साथ-सथ हृदय को स्वस्थ बनाए रखता है

5.विटामिन सी– विटामिन सी की पर्याप्त मात्रा को हमें अपने प्रति दिन के आहार में शामिल करना चाहिए जिनमें आंवला, शिमला, मिर्च ,ब्रोकली आदि शामिल है

6.विटामिन ई– जैतून के तेल मे पर्याप्त मात्रा में विटामिन ए पाया जाता है

7.लहसुन-प्रतिदिन सुबह लहसुन की एक दो कलियां छीलकर खाने से कोलेस्ट्रोल के स्तर को कम किया जा सकता है

8.सुबह का नाश्ता -सुबह के नाश्ते में एक कटोरी ओट्स या उपमा का सेवन करना चाहिए और नाश्ते के बाद एक फल जैसे सेब या पपीते का सेवन करना चाहिए जो कोलेस्ट्रोल के स्तर को बनाए रखने में हमारी मदद करता है

9.रात का भोजन -जैतून के तेल में तला हुआ चिकन और एक कप ब्राउन राइस का सेवन करना चाहिए जो कोलेस्ट्रोल के स्तर को बनाए रखता है

उच्च कोलेस्ट्रोल को कम करने के आयुर्वेदिक इलाज(High cholesterol treatment)

1.प्याज– एक चम्मच प्याज के रस में थोड़ा सा शहद मिलाकर का प्रतिदिन सेवन करने से कोलेस्ट्रोल को कम किया जा सकता है इसके अलावा प्याज लहसुन व अदरक का सेवन प्रतिदिन अपने आहार में करें

2.आंवला- एक चम्मच आंवला के पाउडर को सुबह खाली पेट गुनगुने पानी में डालकर पीने से कोलेस्ट्रोल के बढ़ते स्तर को कम किया जा सकता है यह बहुत जल्दी असर करता है

3.नारियल का तेल– नारियल के तेल का सेवन करने से कोलेस्ट्रोल कम होता है

4.संतरे का जूस -संतरे में विटामिन से प्राप्त मात्रा में पाया जाता है जो कोलेस्ट्रोल के स्तर को कम करने करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है प्रतिदिन संतरे के जूस का सेवन करने से शरीर में  कोलेस्ट्रोल को कंट्रोल किया जा सकता है

5.ड्राई फ्रूट्स– ड्राई फ्रूट्स को अपने प्रति दिन की आहार में शामिल करने से कोलस्ट्रोल के सत्र को कम किया जा सकता है

6.व्यायाम करना– प्रतिदिन व्यायाम करने से कोलेस्ट्रोल की सेटिंग को कंट्रोल किया जा सकता है

7.: धनियाधनिया को प्रतिदिन के आर में भोजन के साथ उपयोग में लाया जाना चाहिए

8.गुग्ग्ल-यह एक प्रकार की औश्धि होती है जो उच्च रक्तचाप और कोलेस्ट्रोल के स्तर को बनाए रखने में मदद करते हैं

कोलेस्ट्रोल टेस्ट(Cholesterol test)

कोलेस्ट्रोल की स्तर की की जांच करने के लिए ब्लड सैंपल ले जाता है यह टेस्ट अधिकतर सुबह खाली पेट की किया जाता है यदि आप अच्छा कोलेस्ट्रोल यानी एचडीएल और कोलेस्ट्रोल सतर का परीक्षण कर रहे हैं तो आप पहले से खाना खा सकते हैं और यदि आप क्राफ्ट कोलेस्ट्रोल यानी एलडीएल और कोलेस्ट्रोल सतर का परीक्षण कर रहे हैं तो आपको अपने परीक्षण से कुछ घंटे पहले पानी के अलावा कुछ भी नहीं खाना चाहिए|

कोलेस्ट्रोल का टेस्ट 20 साल की उम्र से शुरू हो जाता है महिलाओं को 45 साल की उम्र में इसकी जांच शुरू कर देनी चाहिए और पुरुषों में 35 साल की उम्र में कोलेस्ट्रोल के सतर का परीक्षण करना चाहिए यदि आप मधुमेह की बीमारी से ग्रस्त है तो हर साल कोलेस्ट्रोल का ऑपरेशन करवाते रहना चाहिए|