खून की कमी

खून की कमी तब होती है जब हमारे शरीर मे लाल रक्त कोशिकाओं के नष्ट होने की दर, उनके निर्माण की दर से अधिक होती है| शरीर मे खून की कमी हो जाने पर इंसान कमजोरी ,थकावट ,आंखो मे पीलापन ,दिल की धड़कन का असामान्य होना आदि बीमारियों से ग्रस्त हो जाते हैं|ऐसा ज़्यादातर शरीर मे आयरन की कमी के कारण होता है जिससे रक्त कोशिकाएं भी कमजोर पड़ जाती है जिससे ऑकसीजन का प्रवाह ठीक ढंग से नहीं हो पाता इससे हमारे कार्य करने की क्षमता भी कम हो जाती है|

खून की कमी के लक्षण

  1. अगर बच्चे में खून की कमी है तो, वह सफेद लगेगा आप बच्चे की हथेली को देखेंगे तो वह आपको ज्यादा सफेद लगेगी और आप नॉर्मल हाथों से कंपेयर कर सकते हैं तो आपको अंतर पता चलेगा| जिन बच्चों में खून की कमी नहीं होती है, उनकी हथेलियां थोड़े से गुलाबी से लाल रंग की होती है और जिन बच्चों में खून की कमी होती है उनके हथेलियां सफेद रंग की होती है|
  2. बच्चे का चिड़चिड़ा होना-अगर बच्चे में खून की कमी होगी तो बच्चा चिड़चिड़ा हो जाएगा|
  3. बच्चों में बुखार आना- सर्दी जुकाम होना भी खून की कमी होने का महत्वपूर्ण लक्षण है इसने बच्चों की ग्रोथ कम हो जाएगी और वजन भी नहीं बढ़ेगा|
  4. भूख कम लगना- इन दिनों में बच्चा कम खाने लगता है या खाना खाने में आनाकानी करता है|
  5. सांस लेने में परेशानी होना- इस समस्या में बच्चा सही तरह से सांस नहीं ले पाता है और उसकी सांस फूलने लगती है|
  6. दिल की धड़कनें तेज होना- बच्चे के शरीर में ऑक्सीजन की कमी के कारण हृदय तेजी से धड़कने लगता है|
  7. बच्चों की त्वचा पीली होना –एनीमिया की समस्या में बच्चे की त्वचा बेजान और पीले रंग की हो जाती है और ऐसा मुख्यतः बच्चों की आंखों के नीचे और हाथों पर होता है|
  8. कमजोरी आना- खून की कमी के चलते बच्चा कमजोरी महसूस करता है और सुस्त हो जाता है |

खून की कमी के कारण

  1. ज़्यादा खून बहना- बच्चे की नाक से खून आना या किसी चोट के लग जाने पर  रक्त का बहना पाचन तंत्र की सूजन भी खून की कमी का कारण बन सकता है|
  2. आयरन की कमी- लाल रक्त कोशिकाओं में हिमोग्लोबिन होता है जो आयरन युक्त प्रोटीन से बनता है हिमोग्लोबिन शरीर के सभी अंगो में ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करता है बच्चों में शरीर के विकास के दौरान आयरन की कमी से एनीमिया होने की संभावनाएं बढ़ जाती है|
  3. आयोडीन की कमी-बच्चों में आयोडीन की कमी से बच्चे का शारीरिक और मानसिक विकास नहीं हो पाता है यह भी मुख्य कारण है|
  4. रेड ब्लड सेल्स का देरी से नष्ट होना-जब शरीर के रक्त में लाल कणों या कोशिकाओं के नष्ट होने की दर उनके निर्माण की सबसे अधिक होती है तब एनीमिया की समस्या उत्पन्न होती है|
  5. रेड ब्लड सेल्स की संख्या का कम होना– शरीर में रेड ब्लड सेल्स या हिमोग्लोबिन की संख्या कम होने पर हम कई बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं जैसे-एनीमिया की समस्या|
  6. कब्ज और हीमोग्लोबिन-कब्ज और गैस भी खून की कमी का मुख्य कारण है|
  7. विटामिन की कमी– शरीर में विटामिन B12 की कमी के कारण शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी होने लगती है जिससे खून की कमी हो जाती है|इसके साथ- साथ शरीर में मैग्नीशियम कैल्शियम पोटेशियम की कमी के कारण भी खून में कमी आ जाती है|
Red-blood-cells
रेड ब्लड सेल्स (Red-blood-cells)

कुछ विशेष प्रकार की जड़ी-बूटियों का उपयोग करके भी शरीर में हीमोग्‍लोबिन के स्‍तर को बढ़ाया जा सकता है। यद्यपि कुछ मसाले जैसे-अजवायन, पुदीना और जीराआदि भी आयरन के अच्‍छे स्रोत माने जाते हैं जिनका नियमित सेवन करने सेआपके शरीर में लोहे की दैनिक जरूरत को पूरा किया जा सकता है। इसके अलावा भीआप कुछ अन्‍य जड़ी बूटियों (Herbs) का इस्‍तेमाल कर सकते हैं जो आपके लिएबहुत ही फायदेमंद हो सकते हैं जैसे कि शतावरी या बिच्छू बूटी (Nettle Leaf) आदि। ये जड़ी बूटियां आपके हीमोग्‍लोबिन के स्‍तर को बढ़ाने में मदद करतीहैं। नेटल (बिच्छू बूटी) के पत्‍तों में लोहा, विटामिन बी और सी के साथबहुत से विटामिन होते हैं जो लाल रक्‍त कोशिकाओं को बढ़ाने में मदद करतेहैं।

खून की कमी को दूर करने के लिए व्‍यायाम करें

आप अपनी दिनचर्या में कुछ प्रकार के व्‍यायाम शामिल करें। जब आप व्‍यायाम करते हैं, तो आपके पूरे शरीर में ऑक्‍सीजन की ज्‍यादा आवश्‍यकता होती हैजिसे पूरा करने के लिए शरीर द्वारा अधिक लाल रक्‍त कोशिकाओं का उत्‍पादनकिया जाता है। आप व्‍यायाम अपके शरीर को तंदुस्‍त और क्रियाशील बनाए रखनेमें मदद करता है। इसलिए अपने शरीर मे हीमोग्‍लोबिन के स्‍तर को बढ़ाने के लिए आप नियमित व्‍यायाम शुरु करें।

  1. आपको अपने भोजन में लस (gluten) युक्‍त खाद्य पदार्थों का उपयोग करने से बचना चाहिए।
  2. पूरे अनाज (Whole grains), अनाज की रोटी और पास्‍ता का सेवन करना चाहिए।
  3. यदि आपके शरीर में हीमोग्‍लोबिन की कमी है तो आपको ऐसे खाद्य पदार्थोंसे बचना चाहिए जो आपके शरीर में लोहे के अवशोषण को रोकने का काम करते हैं।यदि आप ऐसे खाद्य पदार्थों का नियमित रूप से सेवन करते हैं तो यह आपके शरीरमें हीमोग्‍लोबिन के स्‍तर को कम कर सकता है। ऐसे कुछ खाद्य पदार्थों मेंशामिल हैं :
  • कॉफी|
  • चाय|
  • शीतल कार्बनिक पेये जैसे कोला आदि|
  • वाइन|
  • बीयर आदि|

4. फोलेट (Fol-ate) एक प्रकार का विटामिन बी है जो हीमोग्‍लोबिन उत्‍पादन मेंएक आवश्‍यक भूमिका निभाता है। हमारा शरीर हीमोग्‍लोबिन का उपत्‍पादन करनेके लिए फोलेट का उपयोग करता है। हीमोग्‍लोबिन आपके संपूर्ण शरीर में ऑक्‍सीजन (Oxygen) के परिवहन का काम करता है। अगर किसी व्‍यक्ति कोपर्याप्‍त मात्रा में फोलेट नहीं मिलता है तो उनके शरीर में मौजूद लालरक्‍त कोशिकाएं परिपक्व नहीं हो पाती हैं, जिससे शरीर में हींमोग्‍लोबिन के स्‍तर में कमी और एनीमिया (Anemia) का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए फोलेट के अच्‍छे स्रोत वाले खाद्यपदार्थों का सेवन करना चाहिए जिनमें शामिल हैं, पालक, चावल, मूंगफली, राजमा, सलाद आदि।

5.शरीर में हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाने के लिए सब्जियों का सेवन बहुत ही लाभदायक है क्योंकि सब्जियों में पर्याप्त मात्रा में पोषक तत्व मौजूद रहते हैं शरीर में खून बढ़ाने के लिए आप पालक और चुकंदर आदिवासियों का प्रयोग कर सकते हैं आसानी से उपलब्ध भी हो जाते हैं शरीर में हीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए पालक सबसे अच्छा विकल्प है जो बहुत फायदेमंद है|