घमोरियां (heat rash)

घमोरियां को हिट रेश के नाम से भी जाना जाता है|गर्मी के मौसम में घमौरियों का होना एक सामान्य बात है| घमोरियां होने पर शरीर पर छोटे-छोटे लाल दाने निकलने लगते हैं और खुजली व जलन होने लगती है| यह उन लोगों को ज्यादा होती है जिन्हें अधिक पसीना आता है| यह आमतौर पर शरीर के उन हिस्सों पर होती है जो कपड़ो से ढके रहते हैं जैसे- गर्दन , छाती का ऊपरी भाग , पीठ और जांघों के बीच में आदि घमोरियां तब होती है जब पसीने की ग्रंथियों अवरोध हो जाने के कारण पसीना बाहर नहीं निकाल पाती और पसीना त्वचा के नीचे परतों मे इकठा हो जाता है जिसके कारण त्वचा पर लाल चकत्ते दिखाई देने लगते हैं जो कुछ भी का कारण बनते हैं|

घमोरियां
घमोरियां

घमोरियां के लक्षण(heat rash symptoms)

  • त्वचा पर लाल चकत्ते होना
  • दानों से द्रव पदार्थ का निकलना
  • पसीना निकलने पर बेचैनी का अनुभव होना
  • गर्मियों में लगातार शरीर में खुजली होना
  • थकान का अनुभव होना
  • खुजली करने पर जलन और चुभन का अनुभव होना

हीट रैश के कारण(heat rash causes)

  1. अविकसित ग्रंथियां-पसीने की ग्रंथियों अवरुद्ध  हो जाने के कारण पसीना बाहर नहीं निकल पाता और पसीना त्वचा के नीचे परतों मे इकठा हो जाता है जिसके कारण त्वचा पर लाल चकत्ते होने लगते है|
  2. मौसम में बदलाव- मौसम में बदलाव आने के कारण बीमारियां हो सकती हैं| गरम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को घमोरियां होने की संभावना बढ़ जाती है |
  3. शारीरिक गतिविधि-दिनचर्या का हमारी शरीर स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ता है इसमें ज्यादा व्यायाम करना और कड़ी मेहनत करने से ज्यादा पसीना आता है और घमोरियां होने की आशंका बढ़ जाती है|
  4. उम्र– वयस्कों की तुलना में नवजात शिशु में यह समस्या अधिक देखने को मिलती है|
  5. तापमान के अचानक बढ़जाना– तापमान के अचानक बढ़ जाने पर घमोरियां होने की संभावना बढ़ जाती है|

घमौरियों के प्रकार(heat rash types)

घमोरियां के तीन प्रकार होते हैं:

  1. क्रिस्टलीय-यह घमौरी का सबसे सामान्य प्रकार है|इस स्थिति में त्वचा की सतह पर पसीने या द्रव से भरे छोटे सफेद दाने होते हैं जो आसानी से फूट जाते हैं यह वयस्कों की तुलना में शिशु बच्चों में अधिक देखने को मिलता है इसमें खुजली या दर्द नहीं होता|
  2. रुब्रा– इस प्रकार में लाल दाने और पसीना न आ नहीं के समान होती है| यह त्वचा के नीचे गहरी परतों में होता है|
  3. गहरा– यह घमौरियों का सबसे असामान्य प्रकार होता है| यह त्वचा के नीचे गहरी परत में होता है यह प्रकार बड़े मजबूत और गांठ के रूप में होता है इसे मिली अरियां प्रोफंडा भी कहते हैं|

हीट रैश की समस्या को दूर करने के लिए आयुर्वेदिक उपाय(heat rash remedies)

  1. चंदन-चंदन में एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं जो घमौरियों के दर्द को कम करने में हमारी मदद करते हैं चंदन के पाउडर मैं थोड़ा सा पानी मिलाकर पेस्ट बना ले इस मिश्रण को लाल दानों पर लगाने से जलन से राहत मिलती है|
  2. नीम- नीम में एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं इसलिए नीम की पत्तियों को रात को पानी में भिगोकर पीस लें और इस मिश्रण को लाल दानों पर लगाने से घमोरियां की समस्या दूर होती है|नीम की पत्तियों को पानी में उबालकर उस पानी से स्नान करने से खुजली की समस्या दूर होती है|
  3. बर्फ से सिकाई– बर्फ से सिकाई घमोरियां होने पर प्रभावित स्थान पर बर्फ से सिकाई करने से राहत मिलतीहै|
  4. खानपान- अपने प्रति दिन की आहार में पपीता , आंवला , नींबू का रस , तरबूज , दही , खीरा आदि को शामिल करें फल और सब्जियों का पर्याप्त मात्रा में सेवन करने से घमौरियों की समस्या काफी हद तक कम होती है|
  5. मुल्तानीमिट्टी-मुल्तानी मिट्टी को पानी में मिलाकर इसका मिश्रण तैयार कर लें और इसको शरीर पर लगा ले और सूखने पर स्नान कर ले इससे आपको खुजली की समस्या से निजात मिल सकता है|
  6. बेकिंग सोडा –नहाते समय पानी में बेकिंग सोडे की कुछ मात्रा डालकर नहाने से खुजली से संबंधित समस्या दूर होती है|
  7. एलोवेरा –एलोवेरा में एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं |एलोवेरा में से जेल को निकालकर लाल चकते पर लगाने से जलन और सूजन की समस्या दूर होती है|
  8. कच्चा आलू –आलू की स्लाइस को काटकर प्रभावित स्थान पर रख दें| कच्चा आलू घमोरियां होने की स्थिति में बहुत फायदेमंद है और इससे खुजली की समस्या भी दूर होती है|
एलोवेरा
एलोवेरा