चर्म रोग या त्वचा विकार

चर्म रोग या त्वचा विकार जो मानव त्वचा को प्रभावित करते हैं उन्हें कहा जाता है| बच्चों को प्रभावित करने वाले कई रोग त्वचा की परतों में शुरू होते हैं यह विभिन्न प्रकार के आंतरिक रोगों के निदान में मदद करते हैं|

आजकल महिलाओं में एलर्जी की समस्या आम हो गई है पुरुषों की अपेक्षा महिलाएं इस रोग से ज्यादा पीड़ित है स्त्रियों में यह रोग सदा देखने को मिलता है|आइए हम त्वचा से संबंधित समस्याओं के बारे में जानते हैं अगर आपको इन समस्याओं में से कोई त्वचा संबंधी समस्या हो तो तुरंत ही डॉक्टर की सलाह ले|

चर्म रोग या त्वचा विकार
चर्म रोग या त्वचा विकार

चर्म रोग या त्वचा विकार के प्रकार

चर्म रोग या त्वचा विकार की निम्नलिखित प्रकार होते हैं:-

  • दाद
  • खाज- खुजली
  • फोड़ेनिक्ल्ना
  • मुंहासे
  • तिल
  • रूखी त्वचा ,लाल दाने होना
  • सफेद दाग
  • त्वचा का कैंसर
  • मस्से

चर्म रोग या त्वचा विकार के लक्षण

  • सुखी व फटी त्वचा
  • त्वचा का रंग बिगड़ना
  • खुजली वाली लाल दानों का होना
  • त्वचा का खुरदुरा पन
  • त्वचा पर जख्मों का होना
  • मवाद और छाले होना

चर्म रोग या त्वचा विकार होने के कारण

  • खुजली का रोग ज़्यादातर शरीर में खून की खराबी के कारण उत्पन्न होता है।
  • गरम और तीखीं चिज़े खाने पर फुंसी और फोड़े निकल आ सकते हैं।
  • शरीर पर लंबे समय से धूल मिट्टी जमे रहने से भी चरम रोग हो सकता है|
  • महिलाओं में मासिक चक्र अनियमितता की समस्या होने पर उन्हें चर्म रोग या त्वचा विकार होने की संभावना बढ़ती है शरीर पर लंबे समय से धूल मिट्टी जमे रहने से भी चर्मरोग हो सकता है|
  • खाना खाने के तुरंत बाद ही व्यायाम करने से चर्म रोग होने की संभावना बढ़ती है|

चर्म रोग या त्वचा विकार क्यों होते हैं

1.स्किन डिजीज-

  • त्वचा के छिद्रोऔर बालों के रोम में फंसे बैक्टीरिया
  • त्वचा पर रहने वाले कवक परजीवी या सूक्ष्म जीव स्किन डिजीज का मुख्य कारण है
  • किसी अन्य व्यक्ति की संक्रमित त्वचा के साथ संपर्क में आना इस रोग का मुख्य कारण है
  • थायराइड प्रतिरक्षा प्रणाली गुर्दे और अन्य शरीर प्रणालियों को प्रभावित करने वाले बीमारियों से पीड़ित होना

2.त्वचा के संक्रमण या स्किन इंफेक्शन-

  • वायरस से हुआ त्वचा का संक्रमण- वायरस तीन प्र्कार के होते है पोक्स वायरस,ह्यूमन पैपीलोमा वायरस और हर्पीस वायरस
  • परजीवी त्वचा संक्रमण- त्वचा के नीचे छोटे जीव जो वही अंडे देते हैं त्वचा संक्रमण का कारण बन सकते हैं
  • फंगल संक्रमण-फंगल संक्रमण स्किन इन्फेक्शन का मुख्य कारण है

चर्म रोग या त्वचा विकार में आयुर्वेदिक व घरेलू उपचार

  1. सरसो क तेल –सरसों के तेल में लहसुन की कुछ कलीयों को डाल कर उसे हल्का सा गर्म करके उसे त्वचा पर लगाया जाए तो खुजली और खाज की समस्या दूर हो जाती है।सूखी चमड़ी की शिकायत रहती हों तो सरसों के तैल में हल्दी मिश्रित कर के उससे त्वचा पर हल्की मालिश करने से त्वचा का सूखापन दूर हो जाता है।
  2. अजवायन का प्रयोग- अजवायन को पानी में उबाल कर जख्म धोने से उसमे आराम मिल जाता है।
  3. पोदीने काप्रयोग- पिसा हुआ पोदीना लेप बना कर चहेरे पर लगाया जाए और फिर थोड़ी देर के बाद चहेरे को ठंडे पानी से धो लिया जाए तो चहेरे की गरमी दूर हो जाती है, तथा स्किन चमकदार बनती है।
  4. मूली का प्रयोग-मूली में मेग्नेशियम की मात्रा भी मौजूद होती है, यह तत्व पाचन क्रिया नियमन में सहायक होता है। जब पेट साफ होगा तो चमड़ी के रोग होने की नौबत ही नहीं होगी। मूली खाने से चहरे पर हुए दाग, धब्बे, झाईयां, और मुहासे ठीक हो जाते हैं।
  5. लह्सुन का प्रयोग-जहां भी फोड़े और फुंसी हुए हों, वहाँ पर लहसुन का रस लगाने से फौरन आराम मिल जाता है।
  6. करेले का प्रयोग-दाद, खाज और खुजली जैसे रोग, दूर करने के लिए त्वचा पर करेले का रस लगाना चाहिए।
  7. गाजर का रस- यह संक्रमण दूर करने वाला और किटाणु नाशक होता है, गाजर खून को भी साफ करता है, इस लिए रोज़ गाजर खाने वाले व्यक्ति को फोड़े फुंसी, मुहासे और अन्य चर्म रोग नहीं होते हैं।पालक और गाजर का रस समान मात्रा में मिला कर उसमें दो चम्मच शहद  मिला कर पीने से, सभी प्रकार के चर्म रोग या त्वचा विकार नाश होते हैं।
  8. अफीम –अफीम को तिल के तेल में जलाकर मलने से खुजली  नष्ट हो जाती है|
  9. चमेली का तेल- छटक भर चमेली के तेल में एक तोला कपूर मिलाकर मालिश करने से सूखी खुजली नष्ट हो जाती है|
  10. सह्ज्ने-सह्ज्ने की जड़ कड़वे तेल में डालकर आग पर जलाए और तेल को छानकर मले इससे खुजली नष्ट हो जाती है|
  11. नीम-नीम की पत्तियां दही में पीसकर लगाने से दाद नष्ट हो जाता है|
  12. पवार –पवार के बीज पानी में भिगो दे जब वह सड़ जाए सील पर पीसकर दाद या गिली सुखी खुजली पर लगाएं और गर्म जल से नहाए इससे दाद और खुजली नष्ट हो जाते हैं|
  13. कलौंजी को सिरके में पीसकर मलने से दाद नष्ट हो जाते हैं|