चिकन पॉक्स (छोटी माता)

चिकन पॉक्स वेरीसेल्ला जोस्टर वायरस से फैलने वाली एक संक्रामक बीमारी है। यह बहुत ही संक्रामक होती है औरसंक्रमित निसृत पदार्थों को सांस के साथ अंदर ले जाने से फैलती है। चिकन पॉक्स (छोटीमाता) के संक्रमण से पूरे शरीर में फुंसियों जैसे- चक्तियाँविकसित हो जाती है जो कि दिखने में खसरे की बीमारी की तरह भी लगती है। इस बीमारी में पूरे शरीर में खुजली करने का बहुत मन करता है। चिकन पॉक्स का संक्रमण महामारी की तरह फैलता है।

यह रोग बच्चों की आपसी से संपर्क में आने पर फैलता है| अगर रोगी का समय पर इलाज नहीं किया जाए तो रोगी की मृत्यु भी हो सकती है| चिकन पॉक्स होने पर बच्चों को चिकन पॉक्स का टीका लगवाना जरूरी है| यह टीका आपके बच्चे के द्वारा चिकन फॉक्स का संक्रमण दूसरे बच्चों में फैलने से भी बचाता है|

चिकन पॉक्स
चिकन पॉक्स

चिकन पॉक्स के लक्षण

  1. छोटी माता होने पर हल्का सा बुखार होना स्वाभाविक है|
  2. छोटी माता के होने से बच्चों की फुंसियों का मवाद से भरना , फूटना और खुरदरी पड़ना आदि यह समस्या उत्पन्न हो सकती है|
  3. इस रोग में बच्चों के सीने में जकड़न होना स्वभाविक है|
  4. इस रोग में बच्चों के चेहरे पर लाल खुजली दार फुंसियां उभरने लगती है जो बाद में पूरे शरीर में फैल जाती है जैसे- खोपड़ी पर , मुंह में , कानों और गुप्तांगों पर भी|
  5. इस रोग में बच्चों को भूख कम लगना स्वभाविक है|
  6. इस रोग में बच्चों की कमर में दर्द होने की संभावना है|

चिकन पॉक्स (छोटी माता) के कारण

  1. यह रोग वेरीसेल्ला जोस्टर वायरस के कारण होता है |
  2. यह रोग महामारी की तरह फैलता है, यह रोग संक्रमित व्यक्ति के छीकने से हवा में फैली बूंदों द्वारा दूसरे व्यक्ति के साथ संपर्क में आने से फैलता है|
  3. आपको चिकन पॉक्स कभी नहीं हुआ है या चिकन पॉक्स टीका (वेरिसेलावैक्सीन/टीका) कभी नहीं लगवाया है, तो आपको चिकन पॉक्स होने की संभावना ज़्यादा है ।
  4. जो लोग दूसरी बीमारी या हालत के लिए स्टेरॉयड दवाएं ले रहे हैं, जैसे कि वह बच्चे जिन्हे अस्थमा है।उन्हे चिकन पॉक्स होने की संभावनाज़्यादा है|

चिकन पॉक्स (छोटी माता) से बचने के लिये आयुर्वेदिक नुस्खे

  1. काली मिर्च का सेवन-काली मिर्च का सेवन छोटी माता के रोग में बहुत ही फायदेमंद है|1 चम्मच प्याज के रस में 2-3 काली मिर्च पीसकर कुछ दिन तक दिन में 2-3 बार पिएं। इसके सेवन से छोटी और बड़ी माता ठीक हो जाती है।
  2. जई का आटा-चेचक के समय शरीर में काफी खुजली से ब्च्ने के लिये जई के आटे को पानी में मिलाकर लगभग 15 मिनट तक उबाल्कर इस पानी को बाथ टब में डालकर बच्चे को नहलाएं। इससे खुजली से राहत मिलती है।
  3. सिरके का इस्तेमाल –आधा कप सिरके को नहाने के पानी में डालकर स्नान करने से छोटी माता में होने वाली खुजली में राहत मिलती है।
  4. नीम का प्रयोग –नीम के पत्ते को पानी के साथ पीसकर दानो पर लगाएं। नीम के पत्तों को पानी में उबालें, और इस पानी को नहाने में प्रयोग करें। इससे चेचक के फैलने की संभावना कम होती है|
  5. हरी मटर करता है चेचक का जड़ से इलाज-हरी मटर को पानी में पकाएं, और इस पानी को शरीर में लगाएं। इससे चेचक में होने वालेलाल दाने ख्त्म हो जाते हैं।
काली मिर्च
काली मिर्च

चिकन पॉक्स (छोटी माता) में परहेज़

  1. डेयरी उत्पाद, मांस-मच्छी, रोटी या किसी अन्य प्रकार के भारी भोजन  नही खाना चाहिये|
  2. जंक फूड से दूर रहे|
  3. लाल मांस और तले हुए खाद्य पदार्थ न खाएं|
  4. दाने होने पर खुज्ली न करें खुज्ली करने पर निशान पड सक्ते है|