टीडीएस (Total dissolved solids)

टीडीएस

टीडीएस(Total dissolved solids) एक घुलनशील ठोस पदार्थ है जिसमें अकार्बनिक लवण कैल्शियम ,मैग्नीशियम, सोडियम,पोटैशियम ,बाइकार्बोनेट, क्लोराइड और सफेद और कुछ कार्बनिक पदार्थ पानी में पाए जाते हैं|

टीडीएस का उपयोग यह देखने के लिए किया जाता है कि पानी पीने योग्य है या नहीं,शुद्ध है या नहीं पानी की अशुद्धियों केवल को भी  मापा जाता है टीडीएस यह भी बताते हैं कि पानी में रासायनिक अशुद्धियां मौजूद है या नहीं पानी में अशुद्धियों को बताने वाला टीडीएस कम होना चाहिए पानी से हमारे शरीर को नमक ,खनिज लवण आदि आवश्यक  तत्व मिलते हैं इसलिए पानी में खनिज पदार्थों का होना भी आवश्यक होता है टीडीएस को एमजी प्रति इकाई मात्रा यानी मिलियन की इकाइयों में निर्धारित की जाती है|

फ्लोराइड से नुकसान देने वाले रसायनों को छोड़ दिया जाए तो पीने के पानी में छोटी मात्रा में खनिज रहनी चाहिए लेकिन इसकी मात्रा जरूरत से अधिक नहीं होनी चाहिए|

पीने के पानी में टीडीएस का क्या महत्व होता है (TDS of drinking water)

आइए जानते हैं टीडीएस क्या है टीडीएस का पीने के पानी में क्या महत्व है और प्यूरीफायर कितने प्रकार के होते हैं और किस तरह से कार्य करते हैं इनका वर्णन इस प्रकार से है:-

पानी के बिना जीवन असंभव है हमारे शरीर मे लगभग 60 से 70 परसेंट पानी की मात्रा उपलब्ध है पानी में विधायक गुण होते हैं जिसके कारण गंदगी आसानी से घुल जाती है पानी की वजह से शरीर  के जहरीले पदार्थ जब भी हम पानी पीते हैं तो, हमें यह देखना चाहिए कि पानी पीने योग्य है या नहीं शुद्ध पानी बे स्वाद  और बिना गंध का होता है|

पानी को  टीडीएस के सतर पर निम्नलिखित भागों में बांटा जा सकता है:-

  • मीठा पानी-मीठे पानी में टीडीएस का सतर एमजी या लेटर में व्यक्त किया जाता है मीठे पानी में टीडीएस का सतर 500 मिलीग्राम या लीटर से कम यानी टीडीएस जीरो पॉइंट 5 पीपीटी होना चाहिए|
  • खारा पानी-खारे पानी में टीडीएस का सतर पीपीएम में व्यक्त किया जाता है खारे पानी में टीडीएस का सतर 30000 से 40000 मिलीग्राम मीटर यानी टीडीएस 30 से 40 पीपीटी होना चाहिए|
  • ब्रैकिशपानी-ब्रैकिश पानी में टीडीएस का सतर 500 से 30000 मिलीग्राम लीटर यानी टीडीएस जीरो पॉइंट 5 से 30 पीपीटी होना चाहिए
  • हाइपर सलाइन पानी-इसमें टीडीएस का सतर  40,000 से अधिक मिलीग्राम लीटर यानी टीडीएस 40 पीपीटी या इससे अधिक होना चाहिए|

500 मिलीग्राम लीटर पानी के टीडीएस मुल्य को कठोर माना जाता है और टीडीएस के मूल्य को कम करने के लिए कई तकनीकों का इस्तेमाल किया जा सकता है जिससे पानी शुद्ध किया जा सके जैसे- कार्बन फिल्टर आरो यानी रिवर्स ऑस्मोसिस है:-

1RO(reverse osmosis) -आरो को रिवर्स ऑस्मोसिस के नाम से जाना जाता है आरओ वाटर प्यूरीफायर ऐसी तकनीक है  जिसमें  प्रेशर डाल कर  पानी को शुद्ध किया जाता है आरो का उपयोग करने पर घुले हुए ठोस पदार्थ नष्ट हो जाते हैंआरओ वाटर प्यूरीफायर का पानी हर कोई प्रयोग मिला रहा है लेकिन वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के अनुसार आरओ वाटर प्यूरीफायर का पानी का लगातार सेवन करने से व्यक्ति की मृत्यु भी हो सकती हैआरो को चार भागों में विभाजित किया जा सकता है|

  • सेडिमेंट फिल्टर: इसका मुख्य कार्य पानी से रेत धूल के कण निकालकर पानी को शुद्ध करना है|
  • कार्बन फिल्टर: इसका उपयोग पानी के रंग और गंदगी को दूर करने में किया जाता है रिवर्स ऑस्मोसिस मेंब्रेन: इसका उपयोग पानी में पाए जाने वाले सॉलिड पार्टिकल को बाहर करने के लिए किया जाता है|
  • यूवी लैंप: आरो मेंब्रेन पानी में पाई जाने वाली मैग्निशियम , क्लोरीन , आयरन , सोडियम को नष्ट कर देता है जो हमारे शरीर के लिए जरूरी है यह आरो का मुख्य प्रकार है|

पानी में पाए जाने वाले अकार्बनिक पदार्थ मैग्निशियम, कैलशियम, पोटैशियम  आदि जो निश्चित मात्रा में स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है लेकिन जब इन का स्तर बढ़ जाता है तो यह चिंता का विषय बन जाता है पानी की शुद्धता का पता लगाने के लिए टीडीएस को प्रयोग में लाया जाता है पानी में टीडीएस का सतर 500 पीपीएम तक पीने योग्य है अगर इसका सतर बढ़ जाए तो यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है।

2.यू एफ- (UF)अल्ट्रा फिल्ट्रेशन यूएफको अल्ट्रा निस्पंदन के नाम से जाना जाता है यू एस निलंबित ठोस पदार्थ और वजन वाली सामग्री को पानी से बाहर निकाल देता है|

3.यूवी वाटर प्यूरीफायर यह ट्यूब के माध्यम से पानी को शुद्ध करता है इसका उपयोग पानी में पाए जाने वाले सूक्ष्म जीवो को मारने के लिए किया जाता है यह पानी को साफ करता है|

TDS of drinking water
TDS of drinking water

टीडीएस का सत्तर (TDS quantity)

टीडीएस का उपयोग पानी की शुद्धता को जांचने के लिए किया जाता है और पानी की कठोरता को मापने के लिए टीडीएस मीटर उपकरण को प्रयोग में लाया जाता है पानी में टीडीएस का सतर कम होना चाहिए पानी में टीडीएस कम करने के लिए आरओ प्यूरीफायर यू एफ यूवी अभी तक नीतियों को प्रयोग में लाया जाता है यह पानी के सूक्ष्म जीवो को नष्ट कर देता है और पानी को शुद्ध करता है।

डब्ल्यूएचओ(WHO) वर्ल्ड स्वास्थ्य संगठन के अनुसार 100 से डेढ़ सौ टीडीएस के पानी पीना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है और हजार टीडीएस से ज्यादा सतर वाला पानी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है यह व्यक्ति की मृत्यु का कारण भी बन सकता है|

BIS मानक ब्यूरो के अनुसार पानी में टीडीएस का स्तर 500 पीपीएम सही माना गया है अगर पीने के पानी का कोई स्रोत नहीं है तो इसका सतर हजार पीपीएम तक नियंत्रित किया जा सकता है लगभग 300 पीपीएम का पानी पीने की योग्य माना गया है टीडीएस के स्तर को कम करने से पानी के पीएच पर भी असर पड़ सकता है बीआईएस के अनुसार पीएच का सतर 6 .5 से 8 .5 सही माना गया है।

टीडीएस मीटर (TDS Meter)

टीडीएस मीटर पानी की कठोरता को जांचने के लिए टीडीएस मीटर का उपयोग किया जाता है यह एक डिजिटल टीडीएस मीटर है जिससे पानी को शुद्ध किया जाता है टीडीएस मीटर उपकरण की मदद से पानी की टीडीएस स्तर को मापा जाता है इसका प्रयोग हैंड पंप बारिश के पानी नहर का पानी वाटर प्यूरीफायर के पानी आदि की टीडीएस स्तर को मापने के लिए किया जा सकता है टीडीएस का कम सतर हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है|

TDS Meter
टीडीएस मीटर ( TDS Meter )

आरो का पानी पीने के नुकसान (Side effect of RO water)

पानी में प्राकृतिक रूप से पोषक तत्व मौजूद होते हैं जैसे:- मैग्नीशियम , पोटेशियम , कैल्शियम , आयरन आदि मिनरल्स शामिल होते हैं जो स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है|

वाटर प्यूरीफायर जब पानी को प्यूरिफाई करता है तो इसमें पोषक तत्व जैसे- मैग्निशियम , पोटैशियम ,आईरन , कैल्शियम आदि मिनरल्स नष्ट हो जाते हैं और हमारे शरीर को पोषक तत्वों ने मिलने के कारण हम कई तरह की बीमारियों की चपेट में आने लगते हैं जो लोग लंबे समय से वॉटर प्यूरिफाई के पानी का प्रयोग कर रहे हैं उन्हें दिल की बीमारी मानसिक कमजोरी सिरदर्द पाचन क्रिया में समस्या होने लगती है|

1.मांसपेशियों में कमजोरी-आरो के पानी का सेवन करने से पानी में पाए जाने वाले कैल्शियम पूरी तरह से नष्ट हो जाता है और हमारे शरीर को पोषक तत्वों ने मिलने के कारण हड्डियों में कमजोरी आने लगती है और हड्डियों में दर्द देने लगता है इसका समय पर इलाज नहीं किया जाए तो यह गंभीर बीमारी का रूप धारण कर लेता है|

2थकान और कमजोरी का अनुभव -आरो का पानी पीने से पानी में पाए जाने वाले एंटी ऑक्सीडेंट मैग्निशियम , कैलशियम , पोटैशियम नष्ट हो जाते हैं जिसके कारण हमारे शरीर में ऊर्जा का संचार ठीक ढंग से नहीं हो पाता और हम थकान का अनुभव करते हैं।

3.मानसिक तनाव– आरो के पानी का सेवन करने से मानसिक तनाव जैसी समस्याएं उत्पन्न होने लगती है भिन्न को नियंत्रित क्रियाशील बनाए रखने के लिए एंटी ऑक्सीडेंट की आवश्यकता होती है जो प्यूरीफायर के कारण नष्ट हो जाते हैं और मानसिक तनाव के शिकार हो जाते हैं|

4.दिल की बीमारियां –आरो का पानी पीने से दिल से संबंधित बीमारियां होने लगती है जैसे हार्ट अटैक।

आरओ का पानी पीने के फायदे(benefit of RO water)

RO वाटर प्यूरीफायर पानी को प्यूरिफाई कर के सभी अशुद्धियों को नष्ट कर देता है और क्लोरीन जैसी हानिकारक पदार्थों को बाहर निकाल देता है

वॉटर प्यूरीफायर पीने के पानी का भारीपन दूर कर देता है और पानी को प्यूरिफाई करके भूल कर निकाल कर बाहर कर देता है

आरो का पानी पीने से पाचन तंत्र एक तरह से काम करता है इस पानी के सेवन करने से खाना भी अच्छी तरह से बनता है|