डार्क प्राइवेट पार्ट्स

महिलाओं को यह समझने की जरूरत है कि उनकी योनि काले या बदलते रंग बिल्कुल स्वाभाविक है, अधिकांश भाग के लिए। योनि की त्वचा का रंग महिला से महिला में भिन्न होता है। यह गुलाबी, लाल से लेकर बरगंडी तक कई अलग तरह के शेड्स हो सकते हैं। कुछ महिलाएं इस बारे में चिंता करती हैं कि क्या योनि काली हो जाती है, इसे खराब स्वच्छता या संक्रमण से जोड़ते हैं। ज्यादातर मामलों में, योनि की त्वचा का यह काला पड़ना पूरी तरह से सामान्य है|डार्क प्राइवेट पार्ट्स जैसे योनि की त्वचा का रंग न केवल महिला से भिन्न हो सकता है, बल्कि कई अलग-अलग कारकों के आधार पर बदल सकता है|

डार्क प्राइवेट पार्ट्स के कारण

यह एक तथ्य है कि आपके निपल्स, अंडर आर्म्स, योनि और आंतरिक जांघ क्षेत्र आपके शरीर के बाकी हिस्सों की तुलना में गहरे रंग के होने की संभावना है। जबकि कुछ महिलाओं को लगता है कि नियमित शेविंग (अंडरआर्म्स और योनि क्षेत्र) इसका कारण है, या वेंटिलेशन – आपके निजी क्षेत्र ज्यादातर समय सीमित होते हैं, ताजी हवा प्राप्त नहीं करते हैं। यह निश्चित रूप से त्वचा की बनावट और रंग को बदलता है।

  1. नमी – कारावास के कारण, आपके निजी क्षेत्र बहुत अधिक नमी जमा करते हैं, जिससे त्वचा का रंग बदल सकता है।
  2. रेजर- रेजर का प्रयोग कर्ते रह्ने से योनी मे कालेपन की सम्स्या आ जाती है और योनी मे सूखापन आ जाता है|
  3. पसीना – पसीना आपके शरीर के भीतर से बेकार है। इसमें आपके शरीर से अलग-अलग रसायन होते हैं। क्योंकि आपके निजी क्षेत्र अधिकतर समय सीमित होते हैं, कोई भी हल्का पसीना त्वचा पर तब तक रहता है जब तक आप स्नान नहीं करते। इससे त्वचा का रंग बदल जाता है।
  4. ब्लीच क्रीम- योनी पर ब्लीच क्रीम का निरंतर प्र्योग करते रह्ने से योनी मे त्व्चा का रंग गहरा हो जाता है|
  5. चुस्त कपड़े – तंग कपड़ों में अपने निजी क्षेत्रों को सीमित करने से त्वचा को सांस लेने से रोका जाता है, जिससे त्वचा का रंग गहरा होता है।
  6. त्वचा की सतहों के बीच निरंतर घर्षण आपके निजी क्षेत्रों की बनावट और रंग को बदल देता है।
  7. उम्र – उम्र के बढ्ने के साथ -2 आपके निजी क्षेत्र स्वाभाविक रूप से काले हो जाते हैं। यह हार्मोनल परिवर्तनों के लिए जिम्मेदार है।
  8. आनुवांशिकी – आपको ऐसे जीन विरासत में मिल सकते हैं जो आपके निजी क्षेत्रों में गहरे रंग की त्वचा का कारण बनते हैं।
  9. गर्भावस्था – जबकि आपके निजी क्षेत्रों में गहरे रंग की त्वचा नहीं हो सकती है, आप गर्भावस्था के दौरान भी इसका विकास कर सकते हैं।
  10. हार्मोनल असंतुलन-एस्ट्रोजन एक हार्मोन्स है जो कि यौनी के ऊत्तकों को स्वस्थ रखने का काम करता है। यह हार्मोन्स यौनी में लुब्रिकेंट, एसिडिटी लेवल और इलास्टिसिटी को बनाए रखने में मदद करता है। लेकिन जब एस्ट्रोजन के लेवल में कमी आती है तो यौनी में लुब्रिकेंट की कमी, यौनी में ढीलापन जैसी परेशानियां होने लगती है|

योनी के रंग को प्राक्रतिक तरीके से गोरा बनाने के घरेलू उपाय

  1. नींबू का रस और शहद का उपयोग- नींबू में सिट्रस एसिड और विटामिन सी होता है तो कि रंग को साफ करने में सहायक होता है। 1 चम्‍मच नींबू के रस में कुछ बूंद शहद की मिलाएं और इस घोल में रूई भिगो कर प्रभावित जगह पर लगाएं। 5 मिनट के बाद पानी से धो लें। ऐसा दिन में 2 से 3 बार करें। इसके साथ ही आप अकेले नींबू को ल्गाकर योनी के रंग को गोरा कर सक्ते है|
  2. एलोवेरा का उपयोग-इस्का उप्योग कर्के आप योनी के रंग को गोरा कर सकते है| एलोवेरा में एंटीऑक्‍सीडेंट होते हैं जो स्‍किन के कलर को हल्‍का बनाते हैं। एक चुटकी हल्‍दी में 1 चम्‍मच एलोवेरा मिलाएं और इससे प्रभावित जगह को साफ करें। फिर इसे तौलिये से पोछ लें और 30 मिनट तक ऐसे ही रहने दें। फिर इसे धो कर इस विधि को 2 से 3 बार दिन में करें। इसके आलावा आप एलोवेरा का गुदा निकलकर अपनी योनी/vagina पर मसाज कर्के सूखने के बाद धो ले|
  3. नारियल तेल का उपयोग –नारियल का तेल एंटीसेप्‍टिक, एंटी बैक्‍टीरियल और एंटी फंगल गुणों से भरा होता है। इससे पिगमेंटेशन और कई तरह के स्‍किन इंफेक्‍शन दूर होते हैं। अपने पाइवेट पार्ट को साफ कर लें और फिर वहां पर इस तेल को लगाएं। इसके साथ ही तेल को अच्‍छी तरह से स्‍किन में समा जाने दीजिये। अच्‍छा रिजल्‍ट पाने के लिये नारियल के तेल का प्रयोग रोजाना कीजिये। आप  का प्रयोग रोजाना कीजिये। आप नारियल के तेल से हलके हाथो से योनी/vagina पर मसाज कर्ने से जरुर लाभ प्राप्त होगा|
  4. आलू के रस का प्रयोग-आलू के रस का प्रयोग योनि के रंग को निखारने में हमारी मदद करता है इसका प्रयोग करने के लिए आलू को अच्छी तरह पीसकर उसका रस निकाल कर फिर अपनी योनि पर अच्छी तरह लगाकर मसाज कीजिए इसका नियमित प्रयोग करने से आपकी योनि का रंग साफ हो जाएगा|
  5. अंडे का सफेद हिस्‍सा-अंडे के सफेद हिस्से में प्रोटीन नामक पदार्थ होता है जो कि स्किन को गोरा करता है अंडे का सफेद हिस्सा एक कटोरी में लेकर अच्छी तरह से फेंट लें। बाद में इसे अपनी स्‍किन पर लगाएं और जब वह सूख जाए तब उसे कॉटन की मदद से पोंछ लें।
एलोवेरा
एलोवेरा

योनि के सूखापन होने के लक्षण

  1. योनि में जलन होना
  2. योनि में ढीलापन आ जाना

योनि के सुखापन होने के कारण

यौनी में सुखापन होने के कई कारण होते हैं। जैसे हार्मोनल परिवर्तन, मनोवैज्ञानिक परिवर्तन आदि।

  1. योनी में जलन-योनि में सूखापन होने से कई महिलाओं को योनि में जलन की समस्या उत्पन्न हो जाती है इसके मुख्य कारण है साबुन डे परफ्यूम आदि से एलर्जी हो जाती है|
  2. दवाओं के इस्तेमाल से-यदि आप महिलाएं वेजाइनल क्लीनजर का उपयोग करती है तो क्लींजर की वजह से भी योनि में सूखापन आ जाता है|
  3. चिंता और तनाव- चिंता और तनाव की वजह से महिलाओं की योनि में रक्त का प्रवाह सही तरह से नहीं हो पाता और योनि में लुब्रिकेंट की कमी आ जाती है|
  4. अपर्याप्त कामोत्तेजना- अपर्याप्त कामोत्तेजना यानी पुरुष का स्त्री के साथ कम संभोग का प्रदर्शन भी योनि में सूखे पन  का कारण बन सकता है|
  5. हारमोंस में परिवर्तन- एस्ट्रोजन नामक हार्मोन योनि के ऊतकों को स्वस्थ रखने का कार्य करता है यह योनि में एसिडिटी लेवल को बनाए रखता है जब एस्ट्रोजन के लेवल में कमी आ जाती है तो योनि में ढीलापन जैसी समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं|

योनि के सूखापन को दूर करने के लिए कुछ आयुर्वेदिक उपचार

  1. एलोवेरा जेल के साथ केसर और अश्वगंधा दूध को बराबर मात्रा में मिलाएं और इसका सेवन करें इससे यह समस्या दूर हो जाएगी|
  2. शरीर में पानी की कमी के कारण भी होनी में सूखा बना जाता है इसलिए दिन में दो से 3 लीटर पानी पीना जरूरी है|