थायराइड क्या है

थायराइड एक प्रकार की ग्रंथि होती है जो गर्दन मे स्थित होती है|आजकल कई लोग थायराइड बीमारी से पीड़ित हैं| थायराइड में वजन बढ़ने के साथ हार्मोन असंतुलन भी हो जाते हैं. एक स्टडी के मुताबिक, पुरुषों की तुलना में महिलाओं में थायराइड विकार दस गुना ज्यादा होता है| इसका मुख्य कारण है महिलाओं में ऑटोम्यून्यून की समस्या ज्यादा होना है| हेल्थ एक्सपर्ट केमुताबिक, थायराइड हार्मोन शरीर के अंगों के सामान्य कामकाज के लिए जरूरी होते हैं|इस रोग में कई-कई महिलाओं का वजन घट भी जाता है|थायराइड को साइलेंट किलर भी कहा जाता है क्‍योंकि इसके लक्षण एक साथ नही दिखते है। अगर आपके परिवार में पहले किसी को यह समस्या रही हो, तो आपको भी थायराइड होने की आशंका ज्यादा रहती है|

थायराइड
थायराइड

थायराइड के लक्षण

  1. थायराइड में महिलाओं का वजन घट जाता है|
  2. कई महिलाओं में थायराइड के कारण महिलाओं का वजन बढ़ भी जाता है |
  3. थायराइड में महिलाओं को अधिक पसीना आने की संभावना होती है |
  4. इस रोग मे महिलाओं के दिल का तेजी से धड़कना , कमजोरी , चिंता इत्यादि लक्षण सामने आते है|
  5. इस रोग मे महिलाएं थकान महसूस करती है|
  6. इस रोग मे महिलाओं को कब्ज की समस्या भी उत्पन्न हो जाती है |
  7. इस रोग मे महिलाओं की त्वचा और बालों में रूखापन आ जाता है|
  8. थायराइड के कारण स्मरण शक्ति और सोचने-समझने की क्षमता  भी प्रभावित होती है। याददाश्त कमजोर हो सकती है और व्यक्ति का स्वभाव भीचिड़चिड़ा हो सकता है।
  9. थायराइड होने पर भूख तेज लगने के बाद भी खाना नहीं खाया जाता |

इन सभी समस्याओं को आम समझकर ज्यादातर लोग इग्नोर करते रहते हैं जो बाद में खतरनाक साबित हो सकता है और कई बार तो जानलेवा साबित हो सकता है।थायराइड की वजह से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है|

थायराइड के कारण

  1. थायरायडिस-यह सिर्फ एक बढ़ा हुआ थायराइड ग्रंथि (घेंघा) है, जिसमें थायराइड हार्मोन बनाने की क्षमता कम हो जाती है।
  2. आयोडीन की कमी-भोजन में आयोडीन की कमी या ज्यादा इस्तेमाल भी थायराइड की समस्या में इजाफा करता है। 
  3. गर्भावस्था-थायराइड का अगला कारण है गर्भावस्था, जिसमें प्रसवोत्तर अवधि भी शामिल है। गर्भावस्था एक स्त्री के जीवन में ऐसा समयहोता है जब उसके पूरे शरीर में बड़े पैमाने पर परिवर्तन होता है, और वहतनाव ग्रस्त रहती है।

थायराइड को कम करने के घरेलू नुस्खे

  1. अश्वगंधा-अश्वगंधा को  जड़ी-बूटियों की श्रेणी में रखा जाता है। यहआयुर्वेदिक जड़ी-बूटी थायराइड हार्मोंस को संतुलित करने के लिए चमत्कारी तरीके से काम करती है ।अक्सर, इसका इस्तेमाल प्रतिरोधक क्षमता व तनाव को कम करके शारीरिक क्षमता को बेहतर करने में भी सक्षम है। इन तमाम खूबियों के कारण ही थायराइड के इलाज में अश्वगंधा बेहरत विकल्पहै।
  2. अलसी-अलसी के पाउडर को दूध या फिर फलों के रस में डालें।अब इसे अच्छी तरह मिक्स करें और पिएं।आप इस मिश्रण को प्रतिदिन एक से दो बार पी सकते हैं।आप इस मिश्रण को प्रतिदिन एक से दो बार पी सकते हैं।अलसी थायराइड हार्मोंस के निर्माण में मदद करती है|इसमें मैग्नीशियम और विटामिन-बी12 भी होता है, जो शरीर की कार्यप्रणाली मेंसुधार लाते .हैं और हाइपो थायराइड के लक्षणों को खत्म करने का काम करते हैं।
  3. अदरक-अदरक को बारीक टुकड़ों में काट ले व पानी को गर्म करें और अदरक के टुकड़े उसमें डाल दें।अब पानी को हल्का गर्म होने के लिए रख दें। फिर उसमें शहद डालकर मिक्स करें और चाय की तरह पिएं। य्ह लाभ्कारी उपाय हैअदरक की चाय को दिन में तीन बार पिया जा सकता है।
  4. नारियल तेल-नारियल तेल में मध्यम स्तर का फैटी एसिड होता है, जो कई लिहाज से गुणकारीहै। प्रतिदिन नारियल तेल का सेवन करने से शरीर का मेटाबॉलिज्म व तापमान बेहतर होता है, जिससे हाइपो थायराइड के असर को व साथ हीवजन को भी कम किया जा सकता है।अगर आप नारियल तेल को थायराइड के घरेलू उपचार के तौर पर इस्तेमाल करते हैं, तो आपको जल्द आराम मिल सकता है।
  5. धनिया का पानी-रात को सोते समय 1 से 2 चम्मच धनिया को तांबे के बर्तन मे भिगो कर रख दें फिर सुबह उठकर भीगी धनिया को मसलकर धनिया के पानी को छानकर इसका सेवन करने से थायराइड को काफी हद टीके कम किया जा सकता है|
  6. पत्ता गोभी- पत्ता गोभी मे गोइट्रोंजस बहुत अधिक मात्रा मे पाया जाता है जो थायराइड हार्मोन के उत्पादन को कम करने मे सहायक है|