पायरीया (pyorrhea )

पायरीया मसूड़ों में होने वाली बीमारी है| पायरीया होने का मुख्य कारण बैक्टीरिया है| दातों की ठीक ढंग से सफाई न करने पर मुंह में बैक्टीरिया पनपने लग जाते हैं जो दांतों और मसूड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं जिस से पायरीया रोग हो जाता है| जिससे दांतो के पास पाए जाने वाली मांसपेशियों पर हानिकारक प्रभाव पड़ता है| पायरीया रोग से पीड़ित होने पर दांतो का कमजोर होना , मसूड़ों से मवाद निकलना , मसूड़ों में सूजन आना , मसूड़ों से खून आना , दांतो पर मैल जम जाना जैसे लक्षण नजर आते हैं|

पायरीया को पीरियडऑनटाइटिस  के नाम से भी जाना जाता है| शरीर में पोषक तत्वों की कमी के कारण विभिन्न रोग होने की संभावना बढ़ जाती है| दांतो की ठीक ढंग से सफाई न करने पर मुंह में बैक्टीरिया में वृद्धि होती है जो पायरीया होने का कारण बनती है| दांतो पर प्लेक जमा हो जाने के कारण मसूड़े की हड्डियों और दातों को नुकसान पहुंचता है इससे पायरीया रोग हो जाता है|

पायरीया
पायरीया

पायरीया के प्रकार (types of pyorrhea)

  1. क्रॉनिक पीरियडोनटाइटिस-यह पायरीया का मुख्य प्रकार है| इस प्रकार का पायरिया वयस्कों में अधिक देखने को मिलता है| बच्चों पर इस प्रकार के पायरीया का कम प्रभाव पड़ता है| पायरीया होने पर मसूड़ों से मवाद निकलना, खून आना, दांतों का हिलना जैसे लक्षण नजर आते हैं| सही समय पर इलाज न करने पर दांतों और मसूड़ों की मांसपेशियों को नुकसान पहुंचता है|
  2. अग्रेसिव पीरियडोनटाइटिस- इस प्रकार का पायरिया बच्चों में युवाओं में देखने को मिलता है इस प्रकार के पायरीया से कम लोग पीड़ित होते हैं| दांतो की ठीक ढंग से सफाई न होने पर मुंह में बैक्टीरिया में वृद्धि होती है जो पायरीया होने का कारण बनती है|
  3. नैक्रोटाइजिंग पीरियडोनटाइटिस- जो लोग कैंसर, कुपोषण, एड्स आदि बीमारियों से पीड़ित होते हैं उन लोगों में इस प्रकार के पायरीया होने का खतरा बना रहता है|

पायरीया के लक्षण (pyorrhea  symptoms)

  • दांतों के बीच गैप आना
  • दांतो का कमजोर होना
  • मसूड़ों को छूने पर दर्द का अनुभव होना
  • दांतो का कमजोर होने पर दांतों का हिलना
  • समय से पहले दांतो के कमजोर हो जाने के कारण दांत गिरने लग जाते हैं
  • मसूड़ों से मवाद निकलना
  • ठंडा या गर्म पानी पीने पर दांतों में झनझनाहट महसूस होना
  • सांस लेने पर मुंह से बदबू आने लगना
  • मसूड़ों में सूजन आना
  • मसूड़ों से खून आना
  • मसूड़ों की रंग का लाल बैंगनी हो जाना
  • दातों पर मैल जम जाना और दांत सड़ जाना
  • मुंह का स्वाद बिगड़ जाना

पायरीया के कारण (pyorrhea causes)

  1. बैक्टीरिया के कारण- दांतों की ठीक ढंग से सफाई न करने पर मुंह में बैक्टीरिया पनपने लग जाते हैं जो दांतों और मसूड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं जिस से पायरीया रोग हो जाता है|
  2. कैल्शियम की कमी– कैल्शियम की कमी के कारण भी दांतों में पायरीया रोग हो जाता है| पायरीया रोग होने पर दांत सड़ने लग जाते हैं और मसूड़े खराब हो जाते हैं मसूड़ों से खून भी आने लगता है|
  3. दांतों की देखभाल न करना- दांतों की ढंग से देखभाल न करने से या दांतो की ठीक ढंग से सफाई न करने पर मुंह में बैक्टीरिया में वृद्धि होती है जो पायरीया होने का मुख्य कारण बनते हैं| दांतों पर प्लेक जमा हो जाने के कारण मसूड़ों के हड्डियों और दातों को नुकसान पहुंचता है जिसे पायरीया रोग कहा जाता है|
  4. धूम्रपान करना-धूम्रपान करना पायरीया का मुख्य कारण है तंबाकू बीड़ी सिगरेट शराब का सेवन करने से इम्यून सिस्टम पर भी हानिकारक प्रभाव पड़ता है| धूम्रपान करने वाले व्यक्ति के संपर्क में आने से भी पायरीया रोग होने की संभावना बनी रहती है|
  5. पोषक तत्वों की कमी- शरीर में कैल्शियम , विटामिंस , प्रोटींस आदि तत्व मौजूद न होने पर भी पायरीया होने की संभावना बढ़ जाती है इसलिए हमें ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए जिसमें विटामिंस , प्रोटीन और कैल्शियम पर्याप्त मात्रा में मौजूद हो|
  6. हारमोंस में परिवर्तन– मासिक धर्म होने पर हारमोंस में परिवर्तन आने के कारण मी पायरीया रोग होने की संभावना बढ़ जाती है|
  7. खानपान –गलत खानपान जैसे बीड़ी, तंबाकू, गुटका, पान आदि पदार्थों का अधिक मात्रा में सेवन करने के कारण भी पायरीया रोग हो जाता है|भोजन को ठीक ढंग से जमा करने खाने से भी पायरीया होने की संभावना बनी रहती है|

पायरीया ठीक होने के आयुर्वेदिक उपाय (pyorrhea treatment)

  1. हल्दी- हल्दी में कुरकुमीन मौजूद होता है जिसमें एंटीबैक्टीरियल और एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं| हल्दी में नमक और सरसों का तेल मिलाकर दांतों पर मलने से पायरीया रोग जड़ से खत्म होता है व मसूड़ों के दर्द और सूजन को कम किया जा सकता है|
  2. तुलसी- यह एक प्रकार की जड़ी बूटी है तुलसी में एंटीबैक्टीरियल गुण मौजूद होते हैं| तुलसी का पाउडर बनाकर उसमें सरसों का तेल डालकर मिश्रण बना ले अब इस मिश्रण को दांतों पर रगड़ने से दांतो का दर्द कम होता है|
  3. अमरूद- अमरूद में विटामिन सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है इसलिए अमरूद पर थोड़ा सा नमक लगाकर खाने से पायरीया की समस्या को ठीक किया जा सकता है|
  4. काली मिर्च– काली मिर्च के पाउडर में थोड़ा सा नमक मिलाकर दांतों पर मलने से बरोग से छुटकारा मिलता है|
  5. लॉन्ग का तेल- लौंग के तेल को गुनगुने पानी में डालकर प्रतिदिन कुर्ला करते रहने से पायरीया की समस्या को जड़ से खत्म किया जा सकता है|
  6. जामुन की छाल- जामुन की छाल के काढ़े से कुल्ला करते रहने से पायरीया की समस्या को जड़ से खत्म किया जा सकता है|
  7. फिटकरी- फिटकरी को भून कर पीस लें और इस पेस्ट से दांतो की मालिश करने से पायरीया रोग जड़ से खत्म होता है|
  8. सरसों का तेल– सरसों के तेल में सेंधा नमक मिलाकर दांतों की मालिश करने से मसूड़ों से खून निकलना बंद हो जाता है और पायरीया रोग जड़ से खत्म हो जाता है|
  9. अरंडी का तेल– जरूरत के अनुसार अरंडी के तेल में थोड़ा सा कपूर का पाउडर और शहद मिलाकर पेस्ट बना लें इस पेस्ट से दातों की मालिश करने से पायरीया रोग दूर होता है|
  10. आंवला- आंवले को जलाकर उसमें नमक और सरसों का तेल मिलाकर दांतो की मालिश करने से पायरीया रोग को जड़ से खत्म किया जाता है|
  11. राई का तेल– राई के तेल में नमक मिलाकर मसूड़ों और दांतों पर मलने से पायरीया की समस्या को जड़ से खत्म किया जा सकता है|
हल्दी
हल्दी