प्रोस्टेट कैंसर(Prostate cancer )

प्रोस्टेट या गदूद एक सेब के आकार का यौन अंग होता है |प्रोस्टेट शरीर में पाई जाने वाली एक ग्रंथि होती है यह केवल पुरुषों में पाई जाती जो उनके प्रजनन प्रणाली का एक अंग है| पुरुष ग्रंथि मूत्र मार्ग के चारों ओर होती है |मूत्र मार्ग मूत्र को मूत्राशय से लिंग के रास्ते से बाहर निकालता है| पुरुषों में प्रोस्टेट ग्रंथि का आकार 25 साल की उम्र के बाद बढ़ने लगता है| कई अवस्थाओं में प्रोस्टेट का आकार सामान्य से अधिक होता है| प्रोस्टेट की कोशिकाएं धीरे-धीरे बढ़ने लगती हैं| जिससे यह ग्रंथि सामान्य से ज्यादा बढ़ने लगती है |इससे मुत्र मार्ग पर दबाव पड़ता है और कई समस्याएं उत्पन्न  होती है |प्रोस्टेट ग्रंथि को दो भागों में बांटा जाता है दाएं और बाएं| एक व्यस्क पुरुष में प्रोस्टेट ग्रंथि का आकार 3 सेंटीमीटर मोटा और 4 सेंटीमीटर चौड़ा होता है और इसका वेट यानी वजन 20 ग्राम तक हो सकता है|

Prostate_Cancer
प्रोस्टेट कैंसर ( Prostate_Cancer )

प्रोस्टेट कैंसर की घटना दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है |प्रोस्टेट कैंसर प्रोस्टेट की कोशिकाओं से बनने वाला कैंसर होता है| प्रोस्टेट कैंसर बहुत धीरे बढ़ता है| शुरुआत में तो इसके लक्षण दिखाई नहीं देते |जब यह लास्ट स्टेज पर पहुंचता है लक्षण दिखाई देने लगते हैं और कई बार मरीजों को यह पता भी नहीं लगता कि उन्हें प्रोस्टेट कैंसर है| व्यक्ति की मृत्यु होने की संभावना बढ़ जाती है|

प्रोस्टेट कैंसर के लक्षण(Prostate cancer symptoms)

  • पेशाब का बार बार आना|
  • पेशाब करने की इच्छा बार बार होना और निष्कासित करते वक्त मूत्र में रुकावट होना|
  • कई बार मूत्र के साथ रक्त का निकलना इस रोग का मुख्य लक्षण है|
  • पेशाब करने के दौरान जलन और कठिनाई का अनुभव होना और मूत्र की बूंद टपकना|
  • कमर में दर्द होना कूल्हो  और जांघ की ऊपरी सतह में दर्द होना|
  • लगातार वजन कम होना भी प्रॉस्टेट कैंसर का लक्षण है। शरीर का वजन तेजी से कम होना भी कैंसर की ओर इशारा है।
  •  जब पाचन क्रिया सही तरह से काम न करे तो समझ लेना चाहिए कि आप प्रोस्टेट कैंसर की चपेट में हैं। वहीं प्रॉस्टेट कैंसर से व्यक्ति के शरीर की बीमारी से लड़ने की क्षमता कम हो जाती है।
  • शरीर के किसी भी हिस्से में दर्दहोना इस रोग का मुख्य लक्षण है|

प्रोस्टेट कैंसर के कारण(Prostate cancer causes)

  • अनुवांशिकता– अगर आपके परिवार में पुरुषों को प्रोस्टेट कैंसर था तो  आपको इस रोग के होने की संभावना बढ़ सकती है|
  • बढ़ती उम्र– उम्र के बढ़ने के साथ-साथ प्रोस्टेट कैंसर के होने की आशंका बढ़ जाती है| यह 25 वर्ष की उम्र के बाद होने लग जाता है|
  • हारमोंस में परिवर्तनप्रोस्टेट कैंसर का मुख्य कारण हारमोंस में परिवर्तन होना है| वसा हार्मोन का उत्पादन और शरीर में ऊंचाहार टेस्टोस्टेरोन के उत्पादन  प्रोस्टेट कैंसर होने का मुख्य कारण है|
  • धूम्रपान– धूम्रपान करना ,बीड़ी सिगरेट शराब का सेवन करने से भी पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर की संभावना बढ़ जाती है| यह कैंसर धीरे धीरे फैलने लगता है| शुरुआत में इसके लक्षण नजर नहीं आते इसलिए कई पुरुषों को पता भी नहीं लग पाता कि उन्हें प्रोस्टेट कैंसर है|
  • केमिकल्स के संपर्क में आना केमिकल्स के संपर्क में आने से भी पुरुष इस रोग का शिकार हो जाते हैं|
  • आहार कारक-मछली मांस सोयाबीन उत्पाद चावल डेयरी उत्पादों का सेवन करते रहने से भी प्रोस्टेट कैंसर होने की आशंका बनी रहती है|

प्रोस्टेटकैंसर स्टेजिज(Prostate cancer stages)

प्रोस्टेट कैंसर को चार चरणों में विभाजित किया जा सकता है:

स्टेज 1. पहले चरण में कैंसर बहुत छोटा होता है और पुरुष ग्रंथि तक ही सीमित रहता है|

स्टेज2.दूसरे चरण में कैंसर पुरुष ग्रंथि में ही होता है लेकिन इसका आकार बड़ा हो जाता है|

स्टेज3.तीसरे चरण में कैंसर प्रोस्टेट के बाहर फैल चुका है और वीर्य को ले जाने वाली ट्यूब्स तक फैल जाता है|

स्टेज4. चौथे चरण में कैंसर प्रोस्टेट ग्रंथि से बाहर के नजदीक ढांचे जैसे लसिका ग्रंथि मूत्राशय या फिर हड्डियों या लीवर जैसे दूर के अंगों में फैल जाता है|

प्रोस्टेट कैंसर किस उम्र के लोगों को होता है?(Prostate cancer age)

प्रोस्टेट कैंसर के बारे मे सबसे पहले हमने यह जाना कि प्रोस्टेट कैंसर किन कारणों की वजह से होता है उम्र के बढ़ने के साथ-साथ इस रोग के होने की आशंका बढ़ जाती है यह रोग 25 वर्ष की आयु के बाद होने लगता है 40 वर्ष से कम आयु के पुरुषों में यह रोग कम देखने को मिलता है लेकिन 60 वर्ष से 70 वर्ष की आयु के पुरुषों में यह रोग अधिक देखने को मिलता है|

प्रोस्टेट कैंसर के लिए टेस्ट(Prostate cancer test)

1.PSA  Testरक्त परीक्षण(prostate Specific Antigen)

प्रोस्टेट कैंसर की जांच के लिए प्रॉस्टेट स्पेसिफिक एंटीजन(prostate Specific Antigen)नामक टेस्ट किया जाता है प्रोस्टेट नामक रसायन का स्तर बढ़ जाने पर प्रोस्टेट कैंसर होने की संभावना बढ़ जाती है प्रोस्टेट कैंसर का पता लगाने के लिए बायोप्सी नामक टेस्ट किया जाता है पता लगाया जा सकता है कि प्रोस्टेट कैंसर इतनी शीघ्रता से फैल रहा है| पीएसी के आधार पर ही डॉक्टर बायोप्सी की सलाह देते हैं प्रोस्टेट कैंसर शरीर के दूसरे हिस्सों को प्रभावित न करें इसके लिए सीटी स्कैन  बोन स्कैन टेस्ट भी किया जाता है|

1.PSAप्रॉस्टेट स्पेसिफिक एंटीजन की जांचने के लिए खून का एक सैंपल लिया जाता है| पीएसए प्रोस्टेट द्वारा बनाया गया एक प्रोटीन है प्रोस्टेट के कैंसर से ग्रस्त पुरुषों के खून में पीएसए के बढ़े हुए सतर होते हैं प्रोस्टेट कैंसर से पीड़ित कुछ पुरुषों में सामान्य पीएसए होता है| पीएसए का सामान्य से ऊंचा  स्तर प्रोस्टेट का कैंसर के कारण हो सकता है| ऐसा मानने पीएसएस ऊपर वाले पुरुषों को आमतौर पर औरपरीक्षणों के लिए भेजा जाता है।

2.बायोप्सी-एक बायोप्सी शरीर से लिया गया ऊतक का एक नमूना है ताकि इसे और अधिक बारीकी से जांच की जा सके।बायोप्सी एक सुई से ली जाती है जोकि पीछे के मार्ग  की दीवार से डाली जाती है इसे TRUS बायोप्सी कहते हैं| बायोप्सी अल्ट्रासाउंड के साथ ही की जाती है| बायोप्सी वृषण के पीछे की त्वचा से भी ली जा सकती है| इसे ट्रांसपेरिनियल बायोप्सी कहते हैंऐसा भी हो सकता है कि प्रोस्टेट में कैंसर हो पर वह बायोप्सी से पता नहीं लगाया जाए ऐसे कैंसर का पता लगाने के लिए एमआरआई स्कैन भी किया जा सकता है फिर बायोप्सी को फिर से करना पड़ सकता है यदि पीएसए का सत्र बढ़ने लगे तो बायोप्सी को फिर से किया जा सकता है|

3.MRI(Magnetic Resonance Imaging)-एमआरआई के लिए शक्तिशाली चुंबक  रेडियो किरणों और कंप्यूटर का प्रयोग किया जाता है जिसकी मदद से शरीर की जानकारी को विस्तृत तस्वीरों के माध्यम से प्राप्त किया जाता है एमआरआई स्कैन का इस्तेमाल शरीर के लगभग हर हिस्से को जांचने के लिए किया जाता है जैसे अंदरुनी अंग लीवर गर्भाशय और पुरुष ग्रंथि आदि की जांच की जाती है|

अतिरिक्त जांच यदि बायोप्सी में पता लग जाता है कि कैंसर है तो वह प्रोस्टेट ग्रंथि से आगे फैला है या नहीं इसका पता करने के लिए अतिरिक्त टेस्टों की आवश्यकता पड़ सकती है| जिम में शामिल है :हड्डियों का स्कैन, सीटी स्कैन ,एक्स रे|

प्रोस्टेट कैंसर से बचने के लिए आयुर्वेदिक उपाय

1.लहसुन– लहसुन में एंटी ऑक्सीडेंट तत्व मौजूद होते हैं जैसे कि विटामिन सी विटामिन बी जो प्रोस्टेट कैंसर को होने से रोकते हैं|

2.ब्रोकली– ब्रोकली के अंकुर मे पाया जाने वाला फाइटोकेमिकल्स कैंसर के कीटाणुओं से लड़ने में हमारी मदद करता है इसलिए प्रोस्टेट कैंसर से पीड़ित व्यक्ति को ब्रोकली का सेवन करना चाहिए|

ब्रोकली
ब्रोकली

3.अमरूद– अमरूद मे लाइकोपिन नामक पदार्थ पाया जाता है जो कैंसर से लड़ने में हमारी मदद करता है|

4.सोयाबीन– प्रोस्टेट कैंसर से पीड़ित व्यक्ति को प्रतिदिन अपने आहार में सोयाबीन का सेवन करना चाहिए|

5.एलोवेरा– एलोवेरा में कुछ ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो कैंसर की कोशिकाओं को बढ़ने से रोकते हैं इसलिए प्रोस्टेट कैंसर से पीड़ित व्यक्ति को प्रतिदिन एलोवेरा का सेवन करना चाहिए|

Alovera
एलोवेरा ( Alovera )

6.ग्रीन टी-प्रतिदिन ग्रीन टी का सेवन करने से हम कैंसर होने से बच सकते हैं|

7.अंगूर– अंगूर में पोरंथोसाइनिडीसभरपूर मात्रा में पाया जाता है जिससे ट्रोजन के निर्माण में कमी होती है और हमें कैंसर रोग से निजात मिलता है|