फेफड़ों के रोग

फेफड़ों के रोग की समस्या एक आम समस्या बन गई है| पहली शुरुआत में तो इसके लक्षण दिखाई नहीं देते लेकिन कुछ लक्षणों के सामने आने पर सही बचाव कर फेफड़ों की बीमारी से बचा जा सकता है| यह महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों में अधिक देखने को मिलती है|

फेफड़ों के श्वसन प्रणाली से जुड़े अन्य अंगों को प्रभावित करने वाले लोगों को फेफड़ों के रोग कहा जाता है|सांस से संबंधित समस्याएं फेफड़ों के रोग के कारण होती है इस रोग में मरीज को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिल पाती फेफड़ों के रोग किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है|

अगर फेफड़ों के रोग का सही समय पर इलाज नहीं किया जाए तो यह गंभीर रूप धारण कर सकती है इससे व्यक्ति की मृत्यु भी हो सकती है|फेफड़ों के रोग में कई लक्षण पैदा हो जाते हैं जिनमें गंभीर रूप से खांसी होना सांस फूलना , छाती में दर्द , बलगम में खून आना आदि लक्षण सामने आते हैं|

फेफड़ों के रोग
फेफड़ों के रोग

फेफड़ों के रोग के दो प्रकार होते हैं

  1. टीबी
  2. फेफड़ों का कैंसर

1.टीबी-टीबी (क्षय रोग) एक घातक संक्रामक रोग है जो कि माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरक्लोसिस जीवाणु की वजह से होती है। टीबी आमतौर पर फेफड़ों को प्रभावित करता है| यह रोग हवा के माध्यम से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है जब एक स्वस्थ्य व्यक्ति हवा में घुले हुए इन माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरक्लोसिस ड्रॉपलेट न्यूक्लिआई के संपर्क में आता है तो वह इससे संक्रमित हो सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के एक अनुमान के अनुसार विश्व में 2 अरब से ज्यादा लोग टीबी से पीड़ित है| टीबी के मरीज को अपने मुँह पर मास्क या कपड़ा लगाकर बात करनी चाहिए और फेफड़ों के रोग के लक्षण एक दूसरे से मेल खाते हैं|

टीबी के लक्षण

  • रात में पसीना आना
  • सीने में दर्द और सांस का फूलना
  • खांसी के साथ खून आना
  • थकान का अनुभव होनागाकर बात करनी चाहिए और मुँह पर हाथ रखकर खाँसना और छींकना चाहिए। 

2.फेफड़ों का कैंसर-फेफड़ों का कैंसर फेफड़ों से शुरू होता है और शरीर की अन्य अंगों में तेजी से फैलता है खैर वह फेफड़ों के बायो मार्गो से शुरू होता है यह रोग महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों में अधिक होता है फेफड़ों में कैंसर का कारण धूम्रपान करना है|

फेफड़ों में होने वाले कैंसर के लक्षण शुरुआत में दिखाई नहीं देते लेकिन कुछ लक्षणों के सामने आने पर फेफड़ों के कैंसर का इलाज समय पर किया जाए तो हम इस रोग की चपेट में आने से बच सकते हैं|

फेफड़ों के रोग के लक्षण

  1. खांसी आना-फेफड़ों की समस्या होने पर लगातार खांसी आना सामान्य है| खांसी एक प्रतिरक्षा प्रणाली है जो जहरीले पदार्थों और बाहरी तत्वों से श्वसन नली को साफ करती है अगर खांसी अधिक आए तो यह फेफड़ों के रोग का संकेत है|
  2. छाती में दर्द होना-छाती में दर्द होना यह फेफड़ों के रोग का मुख्य लक्षण है इसमें मांसपेशियों और हड्डियों से संबंधित कोई भी समस्या होने का खतरा रहता है|
  3. सूजन आना- हाथों और पैरों में सूजन आना फेफड़ों की समस्या का मुख्य लक्षण है|
  4. सांस लेने मी कठिनाई-फेफड़ों की बीमारी होने के कारण फेफड़े खून को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं पहुंचा पाते और कार्बन डाइऑक्साइड को सामान्य तौर पर हटा नहीं पाते तो सांस लेने की समस्या उत्पन्न होती है|
  5. वजन का घटना- फेफड़ों के रोग होने पर शरीर का वजन लगातार घटता रहता है|

फेफड़ों के रोग के कारण

  1. फेफड़ों का कैंसर-लंबे समय से धूम्रपान करना , बीड़ी, सिगरेट, शराब ,तंबाकू का सेवन करने से यह रोग होने की संभावना बढ़ जाती है|यह एक अनुवांशिक स्थिति भी हो सकती है यानी अगर आपकी फैमिली में से किसी एक सदस्य को यह बीमारी हो तो यह आपको भी हो सकती है|
  2. टीबी –यह बैक्टीरिया के कारण होने वाला गंभीर रोग है जो शरीर में धीरे धीरे फैलता है खांसी इसका मुख्य लक्षण है|
  3. अस्थमा-किसी व्यक्ति को सांस लेने में कठिनाई का अनुभव होता है और श्वसन मार्गो में सूजन भी आ जाती है और इस में गांठ भी हो सकती है जिसके कारण सांसे फूलने लगती है|
  4. सीओपीडी-इसमें रोगी व्यक्ति को सांस लेने में कठिनाई आ सकती है इसका मुख्य कारण है धूम्रपान करना जो लोग काफी टाइम से धूम्रपान करते हैं उनको यह रोग हो जाता है|

फेफड़ों के रोगों से बचने के लिए आयुर्वेदिक नुस्खे

  1. शहद- प्रतिदिन सुबह एक चम्मच शहद का सेवन करना चाहिए लगातार यह 2 से 3 महीने करने से फेफड़ों के रोग दूर होते हैं|
  2. लहसुन –खाना खाने के बाद मिथुन का सेवन करना चाहिए ऐसा करने से आप फेफड़ों के रोगों से बच सकते हैं|
  3. मुलेठी- मुलेठी का प्रयोग फेफड़ों के लिए बहुत ही लाभदायक है पानी में डालकर मुलेठी का सेवन करने से खांसी में आराम मिलता है|
  4. शहतूत के पत्ते- शहतूत के पत्ते चबाने से सिर दर्द खांसी फेफड़ों के रोगों का नाश होता है|
  5. तुलसी- तुलसी के सूखे पत्ते ,कत्था ,कपूर और इलायची समान मात्रा में लीजिए इसमें 9 गुना चीनी मिलाकर बराबर मात्रा में पीस लीजिए इस पेस्ट का सेवन करने से आपके फेफड़ों के रोग दूर हो जाते हैं|
  6. अंजीर-6 से 7 अंजीर को एक गिलास पानी में उबालकर दिनमें दो बार सेवन करने से फेफड़ों के रोग से आराम मिलता है|
  7. अंगूर- खांसी जैसी बीमारियों को दूर करने में अंगूर बहुत ही फायदेमंद है अगर आप को शुगर है तो अंगूर का सेवन ना करें|
मुलेठी
मुलेठी