बालों का झड़ना (Hair loss issue)

बालों का झड़ना

बालों का झड़ना एक आम समस्या बन गई है|बालों का झड़ना की समस्या से आजकल हर कोई परेशान है|चाहे स्त्री हो या पुरुष आजकल हर कोई बालों को झड़ने से  रोकने के तरीके खोज रहा है कुछ लोगों में यह समस्या जेनेटिक होती है तो वहीं इसके कुछ और कारण भी होते हैं|

बालों का झड़ना की समस्या को डॉक्टरी भाषा में एलोपेसिया कहा जाता है एलोपेसिया होने की समस्या कुछ लोगों में जेनेटिक होती है वहीं इसके कुछ कारण भी होते हैं जैसी पर्याप्त नींद न लेना खानपान आदि हैं|आपके शरीर को पर्याप्त मात्रा में विटामिन न मिलने से भी बाल झड़ने लगते हैं| और तनाव होने के कारण भी बालों का झड़ना की समस्या हो जाती है|आइए यह जानते हैं कि बालों का झड़ना की समस्या के क्या कारण है?

बालों के झड़ने के कारण (Hair loss causes)

  1. टेंशन और स्ट्रेस बाल झड़ने का मुख्य कारण है और इसका सीधा असर उनकी हेल्थ के अलावा बालों पर भी पड़ता है|
  2. विटामिंस जैसे ए ,बी ,सी, डी इन की कमी से भी बाल झड़ने लग जाते हैं बालों को काफी नुकसान पहुंचता है|
  3. बालों में हेयर कलर इस्तेमाल करने से भी बाल झड़ने लग जाते हैं और कमजोर हो जाते हैं|
  4. फंगल इनफेक्शन भी बालों के झड़ने का मुख्य कारण है|बालों में ज्यादा पसीना आने से बाल चिप-चिप से हो जाते हैं जिनकी वजह से लोग शैंपू का प्रयोग ज्यादा करते हैं जिससे बालों का झड़ना और बालों को नुकसान पहुंचता है|
  5. हेयर ड्रायर का इस्तेमाल करने से भी बाल झड़ने लग जाते हैं|
  6. गर्भावस्था में भी हार्मोन में बदलाव के कारण बालों के झड़ने की समस्या उत्पन्न हो जाती है|
  7. बालों के झड़ने का मुख्य कारण डैंड्रफ भी है|
  8. गर्भावस्था में गर्भनिरोधक गोलियां लेने से भी बाल झड़ने शुरू हो जाते हैं|
  9. प्रोटीन और आयरन  की कमी भी बालों का झड़ना के मुख्य कारण है|
  10. आहार में अचानक बदलाव भी बालों का झड़ना का कारण बन सकता है|

मेनोपॉज के कारण गिरने लगें बाल

मेनोपॉज या बढ़ती उम्र में बालों का पतला होना बहुत ही कॉमन है। ऐसा एस्ट्रोजेन लेवल के कम होने से होता है।मेनोपॉज और एजिंग का असर न सिर्फ स्किन पर दिखता है बल्कि बाल भी प्रभावित होते हैं। उम्र बढ़ने के साथ बाल सफेद होने के साथ-साथ पतले भी होने लगते हैं। 40 से 50 वर्ष के आसपास महिलाओं को मेनोपॉज का भी सामना करना पड़ता है, जिसका फिजिकल अपीयरेंस पर भी असर पड़ता है। ब्यूटी एक्सपर्ट शहनाज हुसैन कहती हैं कि बढ़ती उम्र और मेनोपॉज का नकारात्मक प्रभाव त्वचा, बालों और फिगर पर भी होता है। इससे अधिकतर महिलाएं यह सोच बैठती हैं कि वे अब पहले की तरह अट्रैक्टिव नहीं रहीं। दरअसल, एजिंग नेचुरल प्रॉसेस है। समय के साथ शरीर बूढ़ा होने लगता है, जिससे ‘साइन ऑफ एजिंग” झलकने लगती है। इससे डील करके आप बहुत हद तक बालों के झड़ने की समस्या से बच सकती हैं।

बाल क्यों होते हैं पतले

मेनोपॉज या बढ़ती उम्र में बालों का पतला होना बहुत ही कॉमन है।यह ऐसाएस्ट्रोजेन लेवल के कम होने से होता है। बाल अलग-अलग व्यक्तित्व विशेषता और वंशानुगत आधार पर भी सफेद होते हैं। सफेद हुए बालों को दोबारा काला सिर्फ कलरिंग के जरिए ही किया जा सकता। बालों को काला करने के लिए हेयर कलर व डाईकॉमन प्रैक्टिस है, लेकिन इसमें मौजूद केमिकल्स से बाल डैमेज, ड्राई और ब्रिटल होने के साथ बालों के झड़ने की समस्या भी होता है।

बालों का झड़ना रोकने के लिए घरेलू और आयुर्वेदिक उपाय(Hair loss remedies)

  1. बालों की मालिश-बालों में ब्लड सरकुलेशन न हो पानी के कारण आपके बाल झड़ना शुरू हो जाते हैं 1 हफ्ते में दो या तीन बार तेल की मालिश करने पर आपके बालों का झड़ना बंद हो जाएगा|
  2. प्याज का रस-प्याज का रस बालों के लिए बहुत फायदेमंद साबित हुआ है| प्याज का रस बालों में आने से 1 घंटे के लिए लगाकर छोड़ दे  और फिर बालों को अच्छे से धो लें  यह आप हफ्ते में दो-तीन बार कर सकते हैं इससे आपके बाल मजबूत हो जाती है और बालों का झड़ना कम होने लगता है|प्याज में सल्फर नाम का पदार्थ पाया जाता है|
  3. आंवला और एलोवेरा-बालों को मजबूत बनाने के लिए और झड़ने से रोकने के लिए आंवला का प्रयोग बहुत ही मददगार साबित हुआ है आंवले में विटामिन सी पाया जाता है जो बालों को झड़ने से रोकता है|
  4. बालों में नारियल का तेल लगाएं-बालों में नारियल का तेल और सरसों का तेल लगाने से आपकी बाल झड़ने बंद हो जाएंगे और यह बालों की ग्रोथ के लिए भी  फायदेमंद है|
  5. दही और नींबू-दही और नींबू का मिक्सर से सर को सर को मसाज करने के बाद 30 से 40 मिनट के लिए छोड़ दे और फिर किसी नेचुरल शैंपू से बालों को धो ले इससे आपके बालों का झड़ना बंद हो जाएगा और आपके बाल मजबूत हो जाएंगे|