ब्रेस्ट साइज कितना होना चाहिए

स्तन की संरचना(breast  internal  structure)

ब्रेस्ट साइज कितना होना चाहिए आइये जानते हैं | ब्रेस्ट साइज यानि स्तन का आकार एक समान नहीं होता| बायां सतन का आकार दाएं स्तन की अपेक्षा बड़ा होता है बाएं स्तन के नीचे दिल होता है इसलिए रक्त का प्रवाह तेजी से होता है जिसके कारण बाईं ओर का स्तन बड़ा होता है| स्तन के अंदर वसा ऊतक पाए जाते हैं| स्तन का आकार वसा की मात्रा पर निर्भर करता है हारमोंस में परिवर्तन आने के कारण ब्रेस्ट साइज यानि सतन का आकार बढ़ता है|

स्तन में विशेष प्रकार की ग्रंथियां पाई जाती है जिन्हे ट्यूब लोवोलर ग्रंथियां कहा जाता है जो संशोधित पसीने वाले ग्रंथियां होती है|प्रत्येक ग्रंथि दुखद वाहिनी में खत्म होती है और निप्पल पर एक छोटी छेद के माध्यम से खुलती है प्रत्येक नलिका में एक पतला भाग मौजूद होता है जैसे- लैक्टिफरस साइनस के नाम से जाना जाता है जिसमें दूध जम जाताहै|मायोफ़ीथेलियलकोशिकाएं ग्रंथि में पाई जाती है जो तरल पदार्थों को स्त्रावित करने में हमारी सहायता करती है|

  1. निप्पल– निप्पल स्तन का गहरा क्षेत्र होता है जो हल्के लाल रंग या गहरे काले रंग का होता है निप्पल में वसा यापसीने की ग्रंथियां नहीं होती स्तन के ऊतकों में पाए जाने वाले मांसपेशी फाइबर उत्तेजित होने पर निप्पल को सीधा करने में मदद करते हैं|
  2. डक्ट नलिकाए- प्रत्येक स्तन में 15 से 20 लोब पाए जाते हैं प्रत्येक लोब में 20 से 40 लॉब्यूल्स मौजूद होते हैं जो निप्पल को घेरे रखते हैं छोटी नलिकाए लॉब्यूल्स से जुड़ी होती हैं यह नलिकाएं आपस में जुड़ी होती है प्रत्येक स्तन में कम से कम 10 डक्ट सिस्टम पाए जाते हैं जो निप्पल के साथ जुड़े होते हैं निपल्स में उतको में पाए जाने वाले मांसपेशी फाइबर उत्तेजित होने पर स्तंभ बनने की अनुमति देता है|
  3. लॉब्यूल्स- दूध पैदा करने वाली ग्रंथियों को लॉब्यूल्स कहा जाता है वसायुक्त उत्तक नलिका और लॉब्यूल्स रक्त वाहिकाओं और लसिका वाहिकाओं के आसपास मौजूद होते हैं प्रत्येक सतन में 15 से 20 लोब पाए जाते हैं प्रत्येक लोग में 20 से 40 लॉब्यूल्स मौजूद होते हैं जो निप्पल को घेरे रखते हैं|लॉब्यूल्स मे  छोटे बल्ब मौजूद होते हैं जो दूध का उत्पादन करते हैं नलिका ओं को छोटी ट्यूब दोबारा जोड़ा जाता है जो दूध को निपल्स तक ले जाने का काम करते हैं|
  4. एरोला- निप्पल त्वचा के गहरे अंधेरे क्षेत्र के केंद्र में स्थित होता है| निप्पल को चारों ओर से गिरने वाले भाग को एरोला कहते हैं यह काले गहरे रंग का होता है एरोला में छोटी ग्रंथियां मौजूद होती है जो स्तनपान करवाने के बाद निप्पल को चिकनाहट देने लगती है|

स्तन ब्रेस्ट से जुड़े तथ्य (Myths about the breast size)

  1. बाएं सतन का दाएं सतन से बड़ा होना- स्त्रियों में स्तन समान आकार के नहीं होते| स्त्रियों के बाएं स्तन का आकार उनके दाएं स्तन से बड़ा होता है क्योंकि बाई ओर दिल होता है और रक्त का प्रवाह तेजी से होता है जिसके कारण बाया सतन बड़ा होता है|
  2. सतन की निप्पल के आकार अलग होना– निपल्स हल्के लाल या गहरे काले रंग के होते हैं| हर महिला में निपल्स बड़े या छोटे हो सकते हैं| उनके आसपास बाल भी मौजूद होते हैं जो सामान्य है उल्टी निपल्स जो अंदर की तरफ रह जाते हैं सामान्य होते हैं निपल्स से संभोग करने की उत्तेजना को बढ़ाते हैं|
  3. सतन का लटकना- उम्र के बढ़ने के साथ-साथ महिला के स्तन लटक जाते हैं| इसका मुख्य कारण सतन में पाए जाने वाले उत्तक वसा में परिवर्तित हो जाते हैं जिसके कारण सतन ढीले पड़ जाते हैं|
  4. स्तन का आकार छोटा या बड़ा होना- स्तन में पाए जाने वाले फैटी टिशु और हारमोंस के कारण स्तन का आकार छोटा या बड़ा होता है|
  5. महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर होने की संभावना- बीड़ी, सिगरेट, शराब,तंबाकू का सेवन करने से महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर जैसी समस्याएं उत्पन्न हो जाती है|रात को ब्रा पहनकर सोने से भी स्तन कैंसर होने की संभावनाएं बढ़ जाती है|
  6. ब्रा का गलत साइज पहनना– ब्रा के गलत साइज पहनने का मुख्य कारण यह है कि महिलाओं को अपने स्तन की साइज की जानकारी ठीक ढंग से नहीं होती| बहुत सी महिलाओं को यह भी पता नहीं होता कि उन्हें किस आकार की साइज की ब्रा पहननी चाहिए|
  7. स्तन का आकार बदलते रहना- महिलाओं के स्तन का आकार जीवन की प्रतिदिन गतिविधियों में बदलता रहता है| मासिक धर्म के दौरान स्त्री के सतनों के आकार में परिवर्तन होता रहता है और शादी के दौरान यौन संबंध बनाने से भी स्त्री के स्तन में परिवर्तन होता रहता है और हारमोंस में परिवर्तन आने के कारण सतन का आकार बढ़ता है जब महिला गर्भावस्था में होती है|

उम्र के हिसाब से ब्रेस्ट साइज होना चाहिए(average size as per age)

स्तन के आकार का उनकी संवेदनशीलता से कोई संबंध नहीं है सतन का आकार उनके गुण सूत्रों द्वारा निर्धारित किया जाता है| मांसपेशियों का भी  स्तन पर प्रभाव पड़ने लगता है| महिलाओं के  स्तन का आकार उनके वजन बढ़ने पर भी बढ़ सकता है|महिलाओं के स्तन का आकार शरीर की संरचना उनके जीन पर निर्भर करता है 16 वर्ष या उससे अधिक आयु वाली महिलाओं के स्तन का आकार 30 से 38 तक हो सकता है|

ब्रेस्ट साइज को बढ़ाने के आयुर्वेदिक उपाय

  1. मेथी– मेथी में एस्ट्रोजन नामक हार्मोन पाया जाता है जो स्तन को बड़े करने में हमारी मदद करता है| मेथी के तेल से स्तन की मालिश करने से स्तनों का विकास तेजी से होने लगता है|
  2. सौंफ- सौंफ के बीजों में फ्लेवोनॉयड्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं जो स्तन का विकास करने में सहायक है| थोड़े से सौंफ पानी में 8 से 10 मिनट तक उबालें और पानी को छानकर उसमें शहद मिलाकर सेवन करने से एस्ट्रोजन का उत्पादन भी बढ़ता है|
  3. विटामिंस- हमें अपने प्रति दिन की आहार में फलों और सब्जियों को शामिल करना चाहिए जिनमें विटामिन ई भरपूर मात्रा में हो विटामिन ए से कॉलेजन का उत्पादन बढ़ता है जो स्तनो को मजबूत बनाने में सहायक है| विटामिन बी में रक्त का संचार ठीक ढंग से होता है| विटामिन सी यह भी कोलेजन का उत्पादन करता है और हारमोंस को संतुलित रखता है| इन विटामिंस वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करने से स्तन का विकास तेजी से होने लगता है|
  4. अलसी- अलसी में लिगनेन नामक पोषक तत्व मौजूद होते हैं| अलसी के तेल से सतन की मालिश करने से स्तनो का आकार तेजी से बढ़ने लगता है|
  5. दूध- दूध में एस्ट्रोजन व प्रोजेस्ट्रोन मौजूद होता है जो स्तनो के आकार को बढ़ाने में सहायक है इसलिए प्रतिदिन के आहार में दूध को शामिल करें|
  6. मूली– मूली का सेवन करने से रक्त का प्रवाह तेजी से होता है जिसके कारण स्तनों का आकार बढ़ने लगता है इसलिए प्रतिदिन मूली का सेवन करें|
  7. प्याज- दो चम्मच प्याज के रस में एक चम्मच हल्दी और एक चम्मच शहद मिलाकर मिश्रण बना लें अब इस मिश्रण को रात को सोने से पहले सतन पर लगा ले और सुबह धोले ऐसा करने से स्तनों के आकार में वृद्धि होती है|
  8. अश्वगंधा -अश्वगंधा के पाउडर को दूध में मिलाकर सेवन करने से स्तनों का आकार बढ़ने लगता है|
  9. सोयाबीन– सोयाबीन में आइसोफ्लेवोन नामक फाइटोएस्ट्रोजन काफी मात्रा में होते हैं| सोयाबीन का सेवन करने से स्तनों का आकार बढ़ने लगता है और यह एस्ट्रोजन को बढ़ाने में भी सहायक है|
  10. शतावरी पाउडर- शतावरी पाउडर का इस्तेमाल करने से हार्मोन संतुलित होता है| आधा गिलास दूध में 2 से 3 ग्राम शतावरी पाउडर का सेवन करने से स्तनों का आकार बढ़ने लगता है|
  11. व्यायाम करना– स्तन के आकार को बढ़ाने के लिए हमें प्रतिदिन व्यायाम करना चाहिए जैसे पुश अप| प्रतिदिन पुश अप करने से सतन का ढीलापन दूर हो जाएगा और आपके स्तन सुडोल और आकर्षण देने वाले बन जाएंगे| स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करने से भी स्तनो का आकार बढ़ने लगता है|