ब्रोंकाइटिस बीमारी क्या है (What is Bronchitis Disease)

ब्रोंकाइटिस बीमारी क्या है

ब्रोंकाइटिस बीमारी क्या है ?ब्रोंकाइटिस एक श्वसन संबंधी बीमारी है इसमें मुंह और नाक और फेफड़ों के बीच हवा के मार्ग सूज जाते हैं ब्रोंकाइटिस बीमारी से पीड़ित व्यक्तियों में फेफड़ों में ऑक्सीजन लेने की क्षमता कम हो जाती है और वायु मार्ग पर कफ का निर्माण होने लगता है ब्रोंकाइटिस फेफड़ों की लंबी अवधि तक रहने वाली बीमारी है ब्रोंकाइटिस फेफड़ों में होने वाले रोगों  सीओपीडी या लंबे समय तक रहने वाले फुसफुस रोग कहते हैं मे से एक है क्रानिक ब्रोंकाइटिस एक गम्भीर बीमारी है जिसमें श्वासनलि मे निरन्तर जलन या सूजन रहती हैं और अकसर यह सिगरेट के सेवन से होता हैं। ब्रोंकाइटिस में सांस लेने में कठिनाई हो सकती है

ब्रोंकाइटिस (दमा) फेफड़ों की एक बीमारी है जिसके कारण सांस लेने में कठिनाई होती है। ब्रोंकाइटिस को अस्थमा के नाम से भी जाना जाता है ब्रोंकाइटिस होने पर श्वास नलियों में सूजन आ जाती है जिस कारण श्वसन मार्ग सिकुड़ जाता है। श्वसन नली में सिकुड़न के चलते रोगी को सांस लेने में परेशानी, सांस लेते समय आवाज आना, सीने में जकड़न, खांसी आदि समस्‍याएं होने लगती हैं। लक्षणों के आधार अस्थमा के दो प्रकार होते हैं- बाहरी और आंतरिक अस्थमा। 

bronchitis
ब्रोंकाइटिस (bronchitis)

ब्रोंकाइटिस तीन प्रकार का होता है (Three types of bronchitis )

1.एक्यून ब्रोंकाइटिस-फ्लू के कारण होने वाली खांसी जैसे – ब्रोंकाइटिस को एक्यून ब्रोंकाइटिस कहते हैं |इसकी अवधि 3 सप्ताह की होती है|

2.क्रॉनिक ब्रोंकाइटिस– यह सिगरेट शराब आदि का सेवन करने से सांस की नली में सिकुड़न के कारण होती है इसकी अवधि 2 वर्षों तक होती है|

3.एलर्जीक ब्रोंकाइटिस-इसे अस्थमा के नाम से भी जाना जाता है|

ब्रोंकाइटिस के लक्षण (bronchitis symptoms)

  • इस रोग में व्यक्ति को शरीर में दर्द और थकान का अनुभव होता है|
  • व्यक्ति के गले में खराश हो जाती है|
  • नाक का बहना|
  • इसमें व्यक्ति को लगातार बुखार और खांसी रहता है|
  • व्यक्ति को खांसी के साथ बलगम में खून आने लगता है|
  • मांसपेशियों में दर्द होना|
  • इस रोग में व्यक्ति को गहरी सांस लेते हुए सीने में दर्द का अनुभव होता है|
  • छाती में जकड़न यह बेचैनी का अनुभव होता है|

ब्रोंकाइटिस के कारण(bronchitis causes)

ब्रोंकाइटिस के प्रमुख कारणों में सिगरेट धूम्रपान, सल्फर डी-ऑक्साइड के उच्च स्तर के संपर्क और वातावरण में अन्य प्रदूषकों के संपर्क में शामिल हैं।

1.वायरल संक्रमण– यह वह वायरस जो आम सर्दी या फ्लू करते हैं ब्रोंकाइटिस का भी कारण बन सकते हैं|

2.उत्तेजक पदार्थ -उत्तेजक पदार्थ जैसे धुआं रासायनिक धुएं में सांस लेने से आपकी वायु मार्ग में सूजन पैदा हो जाती है जिससे एक्यूट ब्रोंकाइटिस हो सकता है|

3.बैक्टीरिया का संक्रमण– बैक्टीरिया की वायरल संक्रमण के बाद बैक्टीरियल ब्रोंकाइटिस विकसित हो जाता है|

4: धूम्रपान करना– बीड़ी सिगरेट शराब तंबाकू का सेवन करने से कई बार ब्रोंकाइटिस होने की समस्या उत्पन्न हो जाती है|

5.अनुवांशिकता-यदि आपके परिवार के किसी सदस्य को यह रोग है तो आप भी ब्रोंकाइटिस का शिकार हो सकते हैं|

6.व्यायाम करना-अधिक व्यायाम करने से भी इस रोग के होने की संभावना बढ़ जाती है|

ब्रोंकाइटिस का आयुर्वेदिक इलाज

Garlic
लहसुन ( Garlic )
  1. लहसुन-लहसुनअस्थमा के इलाज में काफी लाभदायक है 50 मिलीलीटर बॉयज में लहसुन की 7 से 8 कलियां उबालें और प्रतिदिन इस पेस्ट का सेवन करने से अस्थमा में आराम मिलता है|
  2. अदरक– अदरक की चाय में लहसुन की तीन कलियां पीसकर मिलाकर पीने से अस्थमा रोग में आराम मिलता है|
  3. अजवाइन– पानी में अजवाइन मिलाकर उबालें और इसकी भाप ले यह घरेलू नुस्खा काफी फायदेमंद है|
  4. लोंग-5 से 6 लोग ले और डेढ़ सौ मिलीलीटर पानी में 5 मिनट तक उबालें| इस मिश्रण को ठंडा होने पर उसमें शहद मिलाएं और गरम-गरम पी लें प्रतिदिन इस मिश्रण का सेवन करने से लाभ मिलता है|
  5. मेथी दाना– एक चम्मच मेथी दाना और एक कप पानी उबाले प्रतिदिन इस मिश्रण का सेवन करने से आपको लाभ अवश्य मिलेगा|
ginger
अदरक ( ginger )