मधुमेह

मधुमेह को धीमी मौत भी कहा जाता है। यह ऐसी बीमारी है जो एक बार किसी के शरीर को पकड़ ले तो उसे फिर जीवन भर छोड़ती नहीं। इस बीमारी का जो सबसे बुरा पक्ष है वह यह है कि यह शरीर में अन्य कई बीमारियों को भी निमंत्रण देती है। मधुमेह रोगियों को आंखों में दिक्कत, किडनी और लीवर की बीमारी और पैरों में दिक्कत होना आम है। पहले यह बीमारी चालीस की उम्र के बाद ही होती थी लेकिन आजकल बच्चों में भी इसका मिलना चिंता का एक बड़ा कारण हो गया है। 

यह रोग महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों में अधिक होता है।शरीर में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ने से हार्मोनल बदलाव होता है और कोशिकाएं क्षतिग्रस्त होती हैं जिससे खून की नलिकाएं और नसें दोनों प्रभावित होती हैं। इससे धमनी में रुकावट आ सकती है या हार्ट अटैक हो सकता है। स्ट्रोक का खतरा भी मधुमेह रोगी को बढ़ जाता है। डायबिटीज का लंबे समय तक इलाज न करने पर यह आंखों की रेटिना को नुकसान पहुंचा सकता है। इससे व्यक्ति हमेशा केलिए अंधा भी हो सकता है।

मधुमेह
मधुमेह

मधुमेह के लक्षण

  • ज्यादा प्यास लगना
  • बार-बार पेशाब का आना
  • आँखों की रौशनी कम होना
  • कोई भी चोट या जख्म देरी से भरना
  • हाथों, पैरों और गुप्तांगों पर खुजली वाले जख्म
  • बार-बार फोड़े-फुंसियां निकलना
  • चक्कर आना
  • इंसुलिन बनना बंद होने से शरीर में ऊर्जा की कमी के कारण सिर दर्द होने लगता है
  • मधुमेह में महिलाओं को कई बार कम दिखने लगता है और कभी घुंधला दिखाई पड़ता है।

मधुमेह होने के कारण

मधुमेह के कारण जेनेटिक, पारिवारिक, स्वास्थ्य संबंधी और पर्यावरणीय कारकों के आधार पर अलग-अलग होते हैं। शुगर का कोई निश्चित कारण नहीं है। हर व्यक्ति के लिए इसके प्रकार और कारण भिन्न होते हैं।

इंसुलिन प्रतिरोध: शुगर आम तौर पर इंसुलिन प्रतिरोध से शुरू होता है। ये ऐसी स्थिति होती है जिसमें मांसपेशियों, यकृत और वसा कोशिकाओं में इंसुलिनअच्छी तरह से प्रयोग नहीं हो पाता है।

मधुमेह से बचाव के यह कुछ उपाय

  1. दिन में तीन समय खाने की बजाय उतने ही खाने को छह या सात बार में खाएं। 
  2. गेहूं और जौ 2-2 किलो की मात्रा में लेकर एक किलो चने के साथ पिसवा लें। इस आटे की बनी चपातियां ही भोजन में खाएं।
  3. मधुमेह रोगियों को अपने भोजन में करेला, मेथी, सहजन, पालक, तुरई, शलगम, बैंगन, परवल, लौकी, मूली, फूलगोभी, ब्रौकोली, टमाटर, बंद गोभी और पत्तेदार सब्जियों को शामिल करना चाहिए।
  4. मेथी दाना रात को भिगो दें और सुबह प्रतिदिन खाली पेट उसे खाना चाहिए।
  5. फलों में जामुन, नींबू, आंवला, टमाटर, पपीता, खरबूजा, कच्चा अमरूद, संतरा, मौसमी, जायफल, नाशपाती को शामिल करें। आम, केला, सेब, खजूर तथा अंगूर नहींखाना चाहिए क्योंकि इनमें शुगर ज्यादा होता है
  6. कम कैलोरी वाला भोजन खाएं। भोजन में मीठे को बिलकुल खत्म कर दें। सब्जियां, ताज़े फल, साबुत अनाज, डेयरी उत्पादों और ओमेगा-3 वसा के स्रोतों को अपनेभोजन में शामिल कीजिये।
  7. अपने ग्लूकोज स्तर को जांचें और भोजन से पहले यह 100 और भोजन के बाद 125 सेज्यादा है तो सतर्क हो जाएं। हर तीन महीने पर HbA1c टेस्ट कराते रहें ताकिआपके शरीर में शुगर के वास्तविक स्तर का पता चलता रहे। उसी के अनुरूप आप डॉक्टर से परामर्श कर दवाइयां लें|

मधुमेह के लिए योगासन

  1. कपालभात‍ि :  अगर मधुमेह रोगी कपालभाति को नियमित रूप से करता है तो उसे काफी लाभ होता है। इसको करने के लिये जमीन पर सीधे बैठ जाएं और नाक से सांस को तेजी से बाहर की ओर छोड़ें। यह करते समय पेट को भी अंदर की ओर संकुचित करें। फिर तुरंत ही नाक से सांस को अंदर खींचे और पेट को बाहर निकालें। इस क्रिया को रोजाना 40 से 400बार करें।
  2. अनुलोम-विलोम प्राणायाम : इसे करने के लिये जमीन पर आराम से बैठ जाएं।दाहिने हाथ के अंगूठे से नाक के दाएं छेद को बंद कर लें और नाक के बाएं छेदसे 4 तक की गिनती में सांस को भरे और फिर बायीं नाक को अंगूठे के बगल वाली दो अंगुलियों से बंद कर दें। तत्पश्चात दाएं नाक से अंगूठे को हटा दें औरदाएं नाक से सांस को बाहर निकालें। अब दाएं नाक से ही सांस को 4 की गिनती तक भरे और दायीं नाक को बंद करके बायीं नाक खोलकर सांस को 8 की गिनती मेंबाहर निकालें। इस प्राणायाम को 5 से 15 मिनट तक कर सकते है।