माइग्रेन

माइग्रेन की समस्या इन दिनों काफी आम हो चुकी है।इसकी सबसे बड़ी वजह है अनियमित दिनचर्या, खान-पान की गलत आदतें व तनावलेना।माइग्रेन में सिरदर्द की समस्या सबसे ज्यादा होती है। माइग्रेन के शिकार लोगों में महिलाओं की संख्या ज्यादा है।इसमें असहनीय दर्द होता है।माइग्रेनका दर्द 2 घंटे से लेकर कई दिनों तक बना रहता है।माइग्रेन के कारण दिमाग का खून का संचार तेजी से होने लगता है। जो कि सिरदर्द का कारण बनता है।सिर के दाएं तो कभी बाएं हिस्से में अचानक उठने वाला दर्द को माइग्रेन कहा जाता है।पुरुषों की बजाए महिलाओं में ज्यादा देखी जाती है।महिलाओं में दर्द की तीव्रता भी अधिक होती है। माइग्रेन का उपचार दर्द की तीव्रता पर भी निर्भर करता है।

आम बोलचाल की भाषा में इसे अर्द्धकपाली भी कहा जाता है।यह प्राय: शाम के समय शुरू होता है।  इसमें दर्द 2 से 72 घंटेतक हो सकता है। लोग समझते हैं कि माइग्रेन सिर्फ सिर के आधे हिस्से में तहोता है, लेकिन ऐसा नहीं है।माइग्रेन आधे, पूरे या सिर के किसी भी भाग में हो सकता है।आइये जानते है माइग्रेन होने पर क्या क्या लक्षण नज़र आते है|

माइग्रेन
माइग्रेन

माइग्रेन के प्रकार

माइग्रेन दो प्रकार के होते हैं

  1. कॉमन माइग्रेन-कॉमन माइग्रेन में सिर के एक हिस्से में हल्का या बहुत तेज दर्द शुरू होकर पूरे सिर में फैल जाता है। यह दर्द 4 से 72 घंटे तक रह सकता है।
  2. औरा माइग्रेन- इसमे दर्द कॉमन माइग्रेन की तरह ही होता है। इसमें पीड़ित व्यक्ति को चेतावनी के लक्षण पहले से दिखने लगते हैं। ऑरा यानी चमक कौंधना , काले धब्बे दिखना, चीजें घूमती हुई नजर आना, हाथ-पैरों में झुनझुनाहट, बोलने के समय कठिनाई महसूस करना जैसा प्रतीत होगा। 

माइग्रेन होने के लक्षण

  • माइग्रेन एक प्रकार का दीर्घकालिक सिरदर्द है, जिसमें कई घंटों या कई दिनों तक तेज दर्द रह सकता है। इस दौरान सिरदर्द , जी मिचलाने, उल्टी, कानों काबजना, सुनने में तकलीफ जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
  • माइग्रेन एक प्रकार का दीर्घकालिक सिरदर्द है, जिसमें कई घंटों या कई दिनों तक तेज दर्द रह सकता है। इस दौरान सिरदर्द , जी मिचलाने, उल्टी, कानों का बजना, सुनने में तकलीफ जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
  • नींद अच्छे से न आना।
  • माइग्रेन होने से पहले खाने का अधिक मन होना।
  • बार-बार पेशाब आना।
  • माइग्रेन होने पर जी मचलने लगता है, शरीर असहज महसूस करने लगता है।
  • सिर में भारी पन होने लगता है ।
  • सिर के पीछे की भाग जो गर्दन से सटा होता है उसमे दर्द महसूस करना।
  • तेज रोशनी से आंख में जोर पड़ना ।
  • ज्यादा आवाज या शोर होने पर चिड़चिड़ापन महसूस करना।
  • हर वक्त तनाव में रहना। 
  • माइग्रेन के कारण आंखों में भी तकलीफ रहती है।

माइग्रेन होने के कारण

  1. तनाव-ध्यान करने से तनाव कम होता है हमें प्रतिदिन 20 से 40 मिनट तक ध्यान करना चाहिए|
  2. मन और शरीर की थकावट-ध्यान करने से मन और शरीर की थकावट भी दूर होती है यह आपको पूरी तरह विश्राम देता है|
  3. नींद का पूरा नहीं होना-प्रतिदिन ध्यान करने से आपकी नींद की गुणवत्ता बढ़ती है लंबे समय तक काम करना और अत्यधिक काम करने की आदत आदि सभी बहाने है रात को देर से सोने के|
  4. फोन पर ज्यादा देर बात करना-यह भी सिर दर्द का मुख्य कारण है जब भी आपको चक्कर आने लगे तो थोड़ी देर ध्यान कर लेना चाहिए इससे आपका तनाव दूर होगा|
  5. जरूरत से ज्यादा सोचना-टेंशन होना भी सिर दर्द का मुख्य कारण है हमें जरूरत से ज्यादा सोचना बंद कर देना चाहिए|

माइग्रेन के दर्द से राहत पाने के लिए उपचार

  1. प्रोटीन युक्त आहार-माइग्रेन से बचने के लिए प्रोटीन युक्त आहार ले इसके अलावा हरी सब्जियों को रोजाना सेवन करें|
  2. अच्छी नींद-कम से कम 8 घंटे सोना जरूरी है|
  3. योग करना-माइग्रेन होने पर योग पर ध्यान दें इससे तनाव कम होगा|प्रोटीन युक्त युक्त आहार जैसे-दूध,दही,पनीर,दाल इत्यादि का सेवन करें|
  4. शांति बनाए रखना-दिमाग को शांत बनाए रखना बेहद जरूरी है इससे आपके मस्तिष्क को आराम मिलता है और दर्द भी भी छुटकारा मिलता है|
  5. तुलसी का रस-तुलसी के रस में एक चम्मच शहद मिलाकर खाने के पहले या खाने का बाद सेवन करने से माइग्रेन में काफी लाभ होगा।

माइग्रेन के दर्द से राहत पाने के लिए घरेलू उपाय

  • रोज 10 से 12 बादाम खाएं। यह माइग्रेन का बढिया उपचार है।
  • रोज सुबह-शाम एक गिलास अंगूर का रस पीयें। यह काफी कारगार उपाय है।
  • बंदगोभी को पीसकर इस पेस्ट को एक सूती कपडे में ठीक ढंग से बिछाकर माथे में बांधें। और जब पेस्ट सूखने लगे तो नया पेस्ट बनाकर पट्टी बांधें। इससे आपको सर दर्द से काफी फायदा मिलेगा।
  • माथे में नींबू के छिलके का पेस्ट बना कर बांधें काफी आराम मिलेगा।
  • गाय का शुद्ध ताजा घी सुबह-शाम दो-चार बूंद नाक में रुई से टपकाने से माइग्रेन से काफी राहत मिलेगी।
  • गाजर का रस और पालक के रस को मिलाकर पीए। इससे आपको फायदा मिलेगा।