शिशुओं और बच्चों में कान का बहना

शिशुओं और बच्चों में कान का बहना नामक समस्या आती है परंतु ज्यादातर माता-पिता इसको इग्नोर कर देते हैं यह समस्या अगर समय पर इलाज न करवाएँ जाए तो आने वाले टाइम में गंभीर रुप धारण कर सकती है| इस समस्या की वजह सें कम सुनाई देना, कान में दर्द होना, खारिश होना और भी कुछ समस्या हो सकती है|कान के अंदर से मवाद जैसा पानी निकलना इस बीमारी का मुख्य लक्षण है इसी को ही कान बहना बोलते है|

यह बीमारी किसी को भी हो सकती है मुख्य बच्चों , कुपोषित लोगों और बुखार के रोगियों की होने की संभावना पाई जाती है |

कान का बहना
कान का बहना

शिशुओं और बच्चों में कान दर्द के लक्षण

  1. कान से मवाद जैसा पानी निकलता है|
  2. अपना जबड़ा खोलने में दिक्कत महसूस करता है और उसकी वजह से अच्छी तरह स्तनपान करने में दिक्कत आती है|
  3. ज्यादा दर्द होने से बच्चे को बुखार भी आ जाता है|
  4. अगर शिशु बार-बार अपने कानों को खींचकर या कान पर हाथ रखकर रो रहा है तो समझ जाइये कि बच्चे के कान में दर्द हो रहा है।

शिशुओं और बच्चों में कान बहने के कारण

कान बहने का कारण किसी भी प्रकार का वायरल, वैक्टीरियल या फंगल इंफेक्शन हो सकता है। यह बीमारी जन्म से नहीं होती परन्तु इसके अनेक कारण हो सकते हैं।बाहरी कान में चोट लगने, फोड़ा−फुंसी होने या फंफूद लगने पर कान बहने कीसमस्या हो सकती है।मध्य कान एक नली द्वारा नाक के पिछले तथा गले के ऊपरी हिस्से से जुड़ा होता है। इस कारण नाक तथा गले में होने वाली साइनस तथा टान्सिल जैसीसमस्याएं मध्य कान को प्रभावित करती हैं। इस स्थिति में कान में सूजन होजाती है और इसकी ट्यूब बंद हो जाती है जिसके फलस्वरूप कान के मध्य भाग में एक किस्म का तरल पदार्थ इक्ट्ठा होने लगता है। दबाव बढ़ने पर यह तरल पदार्थकान के पर्दे को हानि पहुंचाता हुआ बाहर निकल आता है।

शिशुओं और बच्चों में कान में दर्द होने के कारण

  1. कान की सफाई का गलत तरीका – कान की सफाई तो करें लेकिन इसमें बहुत अधिक सतर्कता बरतने की भी आवश्यकता होती है। किसी बारीक चीज से कानों की सफाई करने से कान को नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए जब कभी अपने बच्चे के कान की सफाई करें तो सावधानी के साथ रूई की तीली का ही इस्तेमाल करें।
  2. एलर्जी – कान दर्द होने का एक और कारण एलर्जी भी हो सकता है।इसके अलावा अगर सोते समय में या अन्य किसी वक्त में कान के अंदर चींटी या कोई कीड़ा घुस जाए तो इसकी वजह से भी कान दर्द हो सकता है।
  3. गलत तरीके से स्तनपान – स्तनपान कराने के समय में भी आपको बहुत सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है। अगर आप अपने बच्चे को लेटे हुए स्तनपान करा देती हैं ये यूस्टेशियन ट्यूब से होकर बच्चे के कान के पर्दे में इनफेक्शन का कारण बन सकता है। इसकी वजह से आपके बच्चे के कान में मवादआने लगता है। तो इसलिए हमारी सलाह है कि आप स्तनपान कराने के समय में इनबातों का जरूर ख्याल रखें।
  4.  बीमारियों की वजह से भी हो सकता है कान दर्द– डॉक्टरों के मुताबिक बच्चों में सर्दी, खांसी, जुकाम या गले में इनफेक्शन इत्यादि समस्याओं के चलते उनके टॉन्सिल्स में सूजन हो जाता है। और इसके चलते भी शिशु के कान में दर्द हो सकता है।

शिशुओं और बच्चों में कान बहने के आयुर्वेदिक नुस्खे

  1. कान बहने पर आप नींबू और शहद का प्रयोग भी करें यह सबसे आसान और सरल सा प्रयोग है एक चम्मच शहद में एक चम्मच नीम का तेल मिलाकर अच्छे से मिला लें फिर एक रुई को इस मिश्रण में भिगोकर कानों में इसरो ही को लगा दे इस तरह यह उपाय कान में मवाद आने से बचाता है और वह कान बहने से भी रोकता है|
  2. तिल के तेल में चार से पांच लहसुन की कलियां छिलकर तब तक पकाएं जब तक कि वह कलियां काली ना पड़ जाए फिर इनमें से लहसुन को निकाल कर एक डिब्बी में भर ले अब हर रोज दो लहसुन की कलियां कान में डाले वह 2 से 3 घंटे बाद कान में रुई लगा ले और इस मिश्रण को बाहर निकाल दें इस तरह दिन में दो बार कानों में इस मिश्रण को डालने पर वह बच्चों का कान बहना और मवाद निकलना बंद हो जाता है अगर आप तो इस नुस्खे से आराम न हो तो तो आप तेल की जगह गाय का घी भी प्रयोग कर सकते हैं| 50 ग्राम गाय के घी में दो से चार लड़कों में कली डालकर पकाएं और ऊपर बताए गए विधि के अनुसार कान बहने पर का प्रयोग करें|
  3. प्याज का प्रयोग भी लाभदायक है इसके लिए सबसे पहले रुई की सहायता से कान की मवाद को साफ किया जाता है इसके बाद प्याज के रस की 5-6 बूंदे कान में डालें और वैसे ही लेटे रहे फिर बाद में खड़े होते वक्त कान में रुई लगा ले इस तरह से 1 सप्ताह तक इस घरेलू नुस्खा को आजमाते रहे|
  4. कान से पानी निकलना व अचानक दर्द होने पर आदि को रोकने के लिए खुद के पेशाब की पांच से छह बूंदे कान में डालने से कान में रुई लगा ले घरेलू इलाज में इस नुस्खे को आजमा कर देखिए बहुत लाभकारी है|
  5. हर रोज सुबह और शाम पानी में एक-दो निंबू काट कर डालें और इसको पीने से आपको बहुत लाभ मिलेगा|
  6. छोटी हरड़ 10 ग्राम अजवायन 20 ग्राम और सौंफ 20 ग्राम मेथी के बीज 20 ग्राम काला नमक 20 ग्राम ले इन सब चीजों को बारीक- बारीक पीस लें और पाउडर जैसा चूर्ण बना ले अब हर रोज इस चूर्ण को गर्म पानी के साथ मिलाकर दिन में तीन बार इसका सेवन करें यह बहुत अच्छा नुस्खा है इससे आपको हंड्रेड परसेंट फायदा मिलेगा|
लहसुन
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