सांस लेने में दिक्कत?

सांस लेने में दिक्कत?

इस रोग में व्यक्ति को सांस लेने में दिक्कत महसूस होती है| व्यक्ति की छाती में जकड़न हो जाती है और सांस लेने के दौरान दर्द भी महसूस होता है| वायु मार्ग रुकने के कारण सांस लेने में दिक्कत हो सकती है| सांस की नली जाम हो जाने के कारण भी समस्या हो सकती है |सांस तेज चलना ,गहरी सांस ना ले पाना ,सांस लेने में कठिनाई का अनुभव होना ऐसी कुछ बातें हैं जिनका सामना कभी ना कभी करना पड़ता है| अगर इस रोग का समय पर इलाज नहीं किया जाए तो व्यक्ति की मृत्यु भी हो सकती है|

सांस लेने की बीमारी निम्नलिखित कारणों से हो सकती है जैसे- टीबी के रोग ,स्वाइन फ्लू ,फेफड़ों के रोग ,दिल की बीमारियां, गुर्दों का फेल होना ,मोटापा, बेचैनी और तनाव, खून में कमी आदि कारणों से सांस लेने में कठिनाई का सामना करना आदि|

Asthma_(Lungs)
सांस लेने में दिक्कत (अस्थमा )

सांस लेने में दिक्कत के लक्षण

  • व्यक्ति सांस लेने में कठिनाई का अनुभव करता है|
  • छाती में दर्द होने लगता है|
  • सांस की बीमारी में व्यक्ति कई बार बेहोश भी हो जाता है|
  • छाती में घर-घर आहट की आवाज आने लगती है|
  • सांसे तेज चलना|

सांस लेने में दिक्कत के कारण

सांस की बीमारी निम्नलिखित कारणों से होती है जिनका वर्णन इस प्रकार से है:-

  1. अस्थमा- सांस लेने वाली नली में सूजन आने की वजह से वह संकरी हो जाती है और सांस लेने में कठिनाई का अनुभव होता है |इसमें व्यक्ति के छाती में कफ जम जाता है और घबराहट जैसी आवाज आने लगती है| रोगी को लगातार खांसी भी रहती है|
  2. दिल की बीमारियां- अगर आपको सांस फूलना, चक्कर आना, सीने में दर्द हो रहा जैसी घटनाओं का अनुभव हो रहा है तो इसका मुख्य कारण पलमोनरी हाइपरटेंशन है| दिल की बीमारी के चलते भी सांस लेने में कठिनाई का अनुभव होता है |दिल के रोग, हार्ट अटैक ,एंजाइना आदि में ब्रेथलैसनेस होती है| दिल की मांसपेशियां कमजोर होने पर फेफड़ों पर दबाव पड़ जाता है| हर व्यक्ति को सांस लेने में दिक्कत होती है|
  3. गुर्दों का फेल होना-गुर्दे फेल हो जाने के कारण रक्त में यूरिया का सदर बढ़ जाता है जिससे मुंह से बदबू आने लगती है और इस रोक की पड़ जाने पर व्यक्ति को सांस लेने में कठिनाई का अनुभव होता है|
  4. तनाव- चिंता करना भी इस रोग का मुख्य कारण है| जरूरत से ज्यादा सांस लेने पर भी व्यक्ति को सांस लेने में कठिनाई का अनुभव होता है|
  5. मोटापा-मोटापा बढ़ना सांस लेने में दिक्कत का मुख्य कारण है| मोटे व्यक्ति को दौड़ने में परेशानी होती है इसलिए व्यक्ति को मोटापे पर नियंत्रण रखना चाहिए|
  6. पेट का कैंसर-शरीर में कैंसर कोशिकाओं के कारण सांस की नली प्रभाव पड़ता है और सांस लेने में परेशानी होने लगती है| लिवर में पेट में तरल पदार्थ जमा हो जाने के कारण पेट में सूजन आने लगती है जिससे सांस लेने में दिक्कत होती है|
  7. फेफड़ों के रोग- फेफड़ों के रोग होने पर व्यक्ति को सांस लेने में दिक्कत महसूस होती है| सांस की नली जाम हो जाने के कारण फेफड़ों पर दबाव पड़ता है और व्यक्ति को सांस लेने में कठिनाई का अनुभव होता है।
  8. खून की कमी-शरीर में खून की कमी के कारण अभी सांस लेने में परेशानी होती है| खून की कमी के कारण रक्त कोशिकाओं में हीमोग्लोबिन नामक प्रोटीन कम हो जाता है जिससे ऑक्सीजन फेफड़ों तक नहीं पहुंच पाते और सांस लेने में कठिनाई होती है।

सांस की बीमारी से निजात पाने के लिए आयुर्वेदिक नुस्खे

  1. तुलसी का रस-तुलसी में एंटी ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो सांस चढ़ने की समस्या में फायदेमंद है तुलसी का रस और शहद का सेवन करने से आप इस समस्या से निजात पा सकते हैं
  2. शहद-शहद का सेवन करने से छाती में जमे कफ ठीक होती है और सांस की बीमारी दूर होती है इसलिए एक गिलास गुनगुने पानी के साथ शहद मिलाकर पीने से इस रोग से निजात मिलता है|
  3. प्रोटीन युक्त आहार– राशिफल और हरी सब्जियों का पर्याप्त मात्रा में सेवन करें |सांस लेने की समस्या होने पर एसिड बनाने वाले पदार्थों का सेवन ना करें|
  4. नींबू का रस- नींबू का रस गुनगुने पानी में मिलाकर पीते रहने से यह समस्या जड़ से खत्म हो जाती है|
  5. लोंग- लॉन्ग और शहद का काढ़ा पीने से श्वास नली में हुई रुकावट को दूर किया जा सकता है इसके लिए तीन से चार लोगों को एक कप पानी में उबालकर उसमें शहद मिलाकर उसका सेवन करने से यह समस्या दूर होती है|
  6. सौंफ-सौंफ का सेवन करने से छाती में जमे कफ की समस्या दूर होती है और सांस लेने में भी कठिनाई नहीं होती|
  7. लहसुन –लहसुन का प्रयोग करने से सांस लेने में कठिनाई से निजात मिलता है इसलिए 3 से 4 कलियों को छीलकर दूध में उबालकर उसे छानकर सोने से पहले पीने से यह समस्या दूर होती है|
  8. अजवाइन- अजवाइन को पीसकर पानी में उबालकर अजवाइन वाले पानी से भाप लेने से श्वास नली को साफ किया जा सकता है| अजवाइन की भाप लेने से गले में सूजन और सांस फूलने की समस्या दूर होती है|
  9. तिल का तेल- तिल के तेल को गुनगुना गर्म करके रात को सोते समय छाती पर मलने से सांस लेने की दिक्कत दूर होती है|
Ajwain
अजवाइन