सोमरोग

सोमरोग एक खतरनाक स्त्री रोग है|स्त्री की योनि से जब निर्मल, शीतल, गंधरहित, साफ, सफेद और पीड़ा रहित सफेद पानी लगातार बहुत ज्यादा बहता रहता है, तब महिला  सफेद पानी के वेग को रोक नहीं पाती इसे अमृतम आयुर्वेद में सोमरोग कहा गया है ।

सोमरोग की उत्पत्ति– जिन कारणों से “प्रदररोग” (लगातार सफेद पानी आना) होता है । इसे लिकोरिया व्हाइट डिस्चार्ज ( white discharge ) भी कहते हैं ।प्रदररोग की समय पर आयुर्वेदिक चिकित्सा न होने, लापरवाही तथा पुराना होने से यही सोमरोग कहलाता है ।

सोमरोग के लक्षण

  1. बेहोशी आने लगती है|
  2. प्रलाप होता रहता है|
  3. सेक्स की इच्छा खत्म होने से पुरुष भटक जाता है|
  4. भूख भी कम लगती है खाने पीने का मन नहीं करता|
  5. जब स्त्री का सोम रोग पुराना हो जाता है तब वह मुद्रा प्रसार हो जाता है|
  6. पहले तो सोम रोग की हालत में पानी सा पदार्थ बहा करता है किंतु इस दशा में बारंबार पेशाब होते हैं और पेशाब की भी ज्यादा होती है|
  7. स्त्री जरा भी पेशाब को रोकना चाहती है तो रोक नहीं सकती परिणाम यह होता है कि स्त्री का सारा बल नष्ट हो जाता है और अंत में वह मर जाती है|
  8. एकदम कमजोर हो जाने की वजह से बेचैन रहती है|
  9. माथा शिथिल हो जाता है|
  10. मुंह और तालु सूखने लगते हैं|

सोमरोग होने के कारण

  1. सोमरोग कई बार महिला के अधिक मास मच्छी खाने चाय पीने शराब का सेवन करने से भी हो जाता है|
  2. मासिक धर्म की अनियमित समय पर होने के कारण भी यह रोग हो सकता है |
  3. बार बार गर्भधारण करने पर भी यह रोग हो सकता है |
  4. इसके अलावा योनि के ऊपरी भाग में किसी प्रकार की फोड़े फुंसी रसोली होने के कारण भी सोमरोग हो जाता है|

सोमरोग से बचने के लिए आयुर्वेदिक नुस्खे

  1. केले की पक्की फली आमलो का स्वरस शहद और मिश्री इन सबको मिलाकर खाने से सोम रोग और मुद्रा प्रसार नष्ट हो जाते हैं|
  2. उड़द का आटा मुलेठी शहद विदारीकंद और मिश्री इन सबको मिलाकर सवेरे ही दूध के साथ सेवन करने से सोम रोग नष्ट हो जाता है|
  3. आवलों के बीजों को जल में पीसकर फिर उसमें शहद और चीनी मिलाकर पीने से 3 दिन में ही श्वेत प्रदर और मुद्रा प्रसार नष्ट हो जाते हैं|
  4. यदि सोम रोग में पीड़ा भी हो और पेशाब के साथ सोम धातु बारंबार निकलती हो तो ताजा शराब में इलायची और तेजपात का चूर्ण मिलाकर पीना चाहिए यह बहुत लाभदायक है|
  5. शतावर का चूर्ण फॉक्कर ऊपर से दूध पीने से सोम रोग नष्ट हो जाता है |
  6. माशे नागकेसर को मीठे में पीसकर 3 दिन तक पीने और मट्ठे के साथ भात खाने से श्वेत प्रदर और सोम रोग नष्ट हो जाते हैं|