स्वपनदोष का इलाज ( स्वपन-परमेह)

स्वपनदोष का इलाज

स्वपनदोष ऐसी स्थिति है जिसमें गहरी नींद में सोते वक्त स्वपन देखने के कारण लिंग से वीर्यस्खलन  हो जाता है ऐसी प्रक्रिया को स्वपनदोष कहा जाता है| स्वपनदोष का इलाज सही समय पर ना किया जाए तो यह गंभीर रूप धारण कर सकती है| समान रूप से यह सेक्स संबंधी सपने देखने के कारण होता है| वीर्य स्खलन होने की प्रक्रिया मस्तिष्क की होती है यह पहचानना मुश्किल हो जाता है कि आप सेक्स की कल्पना कर रही है या वास्तविक स्थिति में है|

वीर्य निकलने की अवस्था उन लोगों में अधिक देखी जाती है जिन्होंने यौन संबंध नहीं स्थापित किए स्वपनदोष की समस्या आम होती जा रही है| आजकल बहुत से पुरुष स्थिति का सामना कर रहे हैं और नींद व्यवस्था में ही उनका वीर्य स्खलन होने लगता है जो पुरुष अश्लील फिल्में देखने के शौकीन होते हैं उनमें यह समस्या अधिक देखी जाती है|

स्वपनदोष होने के लक्षण

  • भूख का कम हो जाना|
  • पेशाब में जलन होना|
  • पैरों के तलवों में पसीना आना,हाथों और पैरों का सुन्न हो जाना|
  • बालों का सफेद हो जाना और बालों का झड़ना|
  • दिल का धड़कना या धक- धक करना|
  • कमर में दर्द रहना , सीधा बैठा रह जाना|
  • किसी भी काम में मन का न लगना और आंखों में आलस्य और नींद भरी रहना|
  • दांतों और जोड़ों में सूजन आ जाना|
  • काले घेरे पड़ना, आंखों की रोशनी कम हो जाना, आंखों का गड्ढे के अंदर घुस जना|
  • लिंग का एक और झुक जाना और छोटा हो जाना|
  • गले में खराश और खांसी जैसे लक्षण नजर आने लगते हैं|

स्वपनदोष के कारण

1.खानपान और कब्ज – स्वपनदोष का मुख्य कारण खानपान है अत्यधिक मैच मसालों का सेवन करने से पेट में कब्ज जैसी समस्याएं उत्पन्न हो जाती है|

2.दूध से बने पदार्थों का सेवन- कई बार दूध से बने पदार्थ मैं भी मिठाई या गर्म दूध का सेवन करने से पुरुषों में वीर्य स्त्राव की समस्या हो जाती है और खाना खाते ही सो जाने से भी स्वपनदोष की समस्या हो जाती है|

3.पोर्नफिल्मे- पुरुषों के वीर्य स्त्राव का मुख्य कारण अश्लील फिल्में देखना है सेक्स के बारे में सोचने पर भी वीर्य स्त्राव की समस्या उत्पन्न होती है|

4.आकर्षण –पुरुष और स्त्री का आपस में आकर्षण होने पर भी स्वपनदोष हो जाता है|

5.हस्तमैथुन- हैंड प्रैक्टिस करने पर भी पुरुषों में वीर्य स्त्राव होने लगता है|

6.नशीले पदार्थ-नशीले पदार्थों का सेवन करना , तंबाकू , चरस , गांजा आदि नशीले पदार्थों का प्रयोग करने से स्वपनदोष रोग होने लगता है|

7.मानसिक तनाव –मानसिक तनाव भी स्वपनदोष रोग को बनाने का मुख्य कारण है कुछ खाद्य पदार्थ जैसे -अंडे , मांस ,मछली आदि का सेवन करने से स्वपनदोष रोग होने का खतरा बना रहता है|

8.गरम पदार्थो का सेवन –रात को सोते समय गरम पदार्थो जसे – चाय या कॉफी का सेवन नही करना चाहिये गरम पदार्थो का सेवन करने से वीर्य स्त्राव की समस्या उत्पन्न होती है|

स्वपनदोष को दूर करने के आयुर्वेदिक उपाय

1.केला-भोजन के बाद केले की फली का सेवन करें केले की फली में कुछ बूंद शहद मिलाकर खाएं ऐसा करने से स्वपनदोष रोग नष्ट होता है और वीर्य बढ़ता है और बहना बंद हो जाता है|

2.आंवला-गोखरू ,सूखे आंवले और गिलोय इन तीनों को समान समान मात्रा में लेकर महीन पीस जान कर रख दें इसमें से 2 माशे चूर्ण घी और चीनी में मिलाकर खाने से स्वपनदोष  रोग नष्ट होता है याआंवले के जूस में हल्दी और शहद मिलाकर पीने से स्वपनदोष की समस्या से निजात मिलता है

3.मेथी के बीज-एक चम्मच शहद और दो चम्मच मेथी के बीज के जूस का मिश्रण बना लें और रात को सोने से पहले इस मिश्रण का सेवन करें मेथी के बीज से हार्मोन को संतुलित किया जा सकता है स्वपनदोष की समस्या काफी हद तक दूर होती है|

bad-am
बादाम ( bad-am )

4.बादाम-भीगे हुए बादाम के छिलकों को उतारकर बदाम को पीसकर एक पेस्ट बना लें और रात को सोने से पहले गर्म दूध में बादाम के पेस्ट को मिला कर पीने से स्वपनदोष की समस्या दूर होती है|

5.जो- जो को रात के समय भिगोकर रख दें और अगले दिन सुबह इसमें थोड़ा सा शहद मिला कर पीने से स्वपनदोष रोग से निजात मिलता है|

6.प्याज का रस-प्याज के रस में शहद मिलाकर इसका सेवन करने से स्वपनदोष की समस्या दूर होती है|

7.लहसुन-लहसुन में एलिसिन नामक पदार्थ होता है जिससे रक्त का प्रभाव ठीक ढंग से होता है सुबह उठकर लहसुन की दो तीन कलियां छीलकर खाने से स्वपनदोष रोग दूर होता है|

8.हरड़-हरड़ के चूर्ण में थोड़ा सा शहद मिलाकर इसका सेवन करने से स्वपनदोष दूर होता है|

Bbul
बबूल (Bbul)

9.बबूल –बबूल के नरम पते और कलियां लाकर उन्हें सुखाकर पीस लें अब इस चूर्ण में बराबर की मिश्री मिलाकर रख दे और इसका सुबह शाम पानी के साथ सेवन करने से स्वपनदोष रोग नष्ट हो जाता है|

10.अफीम– अफीम आधी रति, कपूर दो रत्ती और शीतल चीनी का छना हुआ चूर्ण इन तीनों को मिलाकर रात को सोते समय पानी के साथ सेवन करने से यह समस्या दूर होती है|

11.गुलाब-.गुलाब के ताजा फुल मिश्री के साथ खाकर, ऊपर से गाय का दूध पीने से स्वपनदोष रोग नष्ट होता है|

12.मूंगा भस्म-मूंगा भस्म चाटने से भी स्वपनदोष रोग खत्म होता है|

13.गाय का दूध –शुद्ध गंधक और 1 या 2 साल पुराना गुड दोनों को मिलाकर एक तोला खाने और ऊपर से गाय का दूध पीने से यह समस्या दूर होती हैं|

14. चोपचीनी-चोपचीनी का पिसा छना चूर्ण एक तोला, मिश्री एक तोला,घी एक तोला, तीनों को मिलाकर सुबह शाम साथ आठ दिन सेवन करने से लाभ मिलता है|

15.धनिया- धनिया में मिश्री को बराबर मात्रा में लेकर बने हुए चूर्ण को 5 ग्राम मात्रा में लेकर ताजा ठंडे पानी के साथ सुबह प्रतिदिन सेवन करने से स्वपनदोष रोग नष्ट हो जाता है|

16।इमली-दूध में इमली के बीजों को भिगोकर इमली की निकाली हुई गिरियो में मिश्री मिलाकर मिश्रण बना लें अब इस मिश्रण का सेवन प्रतिदिन करते रहने से स्वपनदोष की रोग की समस्या समाप्त होती है|

17.त्रिफला – त्रिफला के काढ़े को रात को बनाकर रख दें और सुबह इसका सेवन करने से स्वपनदोष समाप्त हो जाता है |

स्वपनदोष रोग होने पर सावधानियां

  • मसालेदार खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए|
  • रात को जल्दी सो जाना चाहिए और सुबह सूर्योदय होने से पहले उठ जाना चाहिए|
  • व्यक्ति को मानसिक तौर पर स्वस्थ होना चाहिए अश्लील और सेक्स संबंधी फिल्मों को नहीं देखना चाहिए|
  • रात को सोने से पहले पेशाब करना ना भूले|
  • अपने मन को शांत रखने के लिए रोगी को ध्यान से योग करना चाहिए|
  • रात को सोते समय चाय या कॉफी नहीं पीनी चाहिए|
  • रात को सोते समय कसे हुए कपड़े नहीं पहने चाहिए|
  • हाथ, पैर और मुंह को ठंडे पानी से धो कर सोना चाहिए|