हाइपरसोम्निया यानी अति निंद्रा (hypersomnia)

हाइपरसोम्निया

हाइपरसोम्निया एक ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति को जरूरत से ज्यादा नींद आने लगती है इसमें व्यक्ति को लगता है कि आपको दिन के समय भी नींद आ रही है जबकि आपको जगने की इच्छा होती है| सामान्यतः ऐसा रात में न सोने के कारण होता है जो लोग हाइपरसोम्निया से ग्रस्त होते हैं भी किसी भी समय कहीं भी सो सकते हैं |अगर आपको रात में पूरी नींद लेने के बाद भी लगातार एक या दो हफ्तों तक आपको ज्यादा नींद आ रही है तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क कर लेना चाहिए कुछ शारीरिक बीमारियां जैसे थायराइड, शुगर ,वायरल बुखार आदि हाइपरसोम्निया होने का कारण हो सकते हैं|

नींद हर 24 घंटे में नियमित रूप से आने वाला वह वक्त है जब हम अचेतन अवस्था में होते हैं और आसपास की चीजों से अनजान रहते हैं|

हाइपरसोम्निया या ज्यादा नींद आने के प्रकार(hypersomnia types)

नारकोलेप्सी यह कम पाया जाने वाला रोग है जिससे चिकित्सक इसे पहचानने में गलती कर देते हैं अगर आप को दिन भर नींद आने लगती है और अचानक नींद के  गहरे  झटके आने लगते हैं और आप रोक नहीं पाते और जब आप गुस्से में होते हैं यहां हंस रहे होते हैं तो अपनी मांसपेशियों पर नियंत्रण खो देते हैं और गिर जाते हैं ऐसी समस्या को कैटालेप्सी कहा जाता है| उम्र के बढ़ने के साथ-साथ यह समस्या ठीक हो जाती है|

हाइपरसोम्निया के लक्षण(hypersomnia symptoms)

  • दिन भर बहुत नींद का महसूस होना और अचानक नींद के झटके आना इस रोग के मुख्य लक्षण है
  • नींद से उठने के बाद दोबारा सोने जैसे लक्षण नजर आते हैं
  • अधिक नींद आने के कारण व्यक्ति की ऊर्जा में कमी आने लगती है
  • भूख न लगना
  • अधिक नींद आने के कारण व्यक्ति स्वभाव मैं चिड़चिड़ा हो जाता है
  • तनाव और चिंता का अनुभव होना
  • घबराहट और बेचैनी का अनुभव होना
  • दिन के 24 घंटों में से लगातार 9 से 10 घंटे नींद आना सामान्य है
  • थकान का अनुभव होना
  • काम में मन का न लगना

हाइपरसोम्निया के कारण(hypersomnia causes)

  1. नारकोलेप्सी (दिन में ज्यादा सोना)- नारकोलेप्सी होने का मुख्य कारण हाईपोक्रिटिन नामक तत्व की कमी के कारण होता हैनारकोलेप्सी यह कम पाया जाने वाला रोग है जिससे चिकित्सक इसे पहचानने में गलती कर देते हैं अगर आप को दिन भर नींद आने लगती है और अचानक नींद के  गहरे  झटके आने लगते हैं और आप रोक नहीं पाते और जब आप गुस्से में होते हैं यहां हंस रहे होते हैं तो अपनी मांसपेशियों पर नियंत्रण खो देते हैं और गिर जाते हैं ऐसी समस्या को कैटालेप्सी कहा जाता है|
  2. अनुवांशिकता-बीपीडी होने की अनुवांशिक कारण भी होते हैं अगर आपके परिवार के सदस्य माता या पिता इस रोग से पीड़ित है तो बच्चों में इस रोग के होने की संभावना ज्यादा होती है क्योंकि माता पिता से जीन बच्चों मेंआते हैं |
  3. न्यूरोलॉजिकल बीमारी- किसी न्यूरोलॉजिकल बीमारी हो जाने के कारण भी हाइपरसोम्निया होने की संभावना बढ़ जाती है अन्य रोग जैसे मधुमेह थायराइड संबंधी समस्या इस रोग का कारण हो सकते हैं|
  4. वजन का अधिक होना- अधिक वजन होने के कारण हाइपरसोम्निया कि समस्या होती है|
  5. तनाव-तनाव बीडीपी होने का मुख्य कारण है प्रतिदिन की गतिविधियों में होने वाले बदलाव जैसे परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु होना या कोई मानसिक तनावइस बीमारी का कारण बनता है|
  6. सिर पर चोट लगना– सिर पर चोट लगना भी हाइपरसोम्निया होने का मुख्य कारण है ऐसा भी हो सकता है कि सोते या उठते वक्त आप कुछ बोल नहीं पाए|
  7. नशीले पदार्थों का सेवन- नशीले पदार्थों जैसी शराब का सेवन ड्रग्स कैफिन का सेवन करने से हाइपरसोम्निया यानी अति निद्रा होने की संभावना बढ़ जाती है|