स्किन एलर्जी(Skin allergy)

स्किनएलर्जी (Skin allergy)

स्किनएलर्जी

स्किन एलर्जी की समस्या एक आम समस्या बन गई है किसी ऐसे व्यक्ति के संपर्क में आने से या उसको छूने से जो पहले से स्किन एलर्जी से ग्रस्त हो आपको भी यह समस्या होने की संभावना बढ़ जाती है धूल मिट्टीकेकणों के कारण और खान पान में मिलावट केकारण स्किन एलर्जी होने की संभावना बढ़ रही है त्वचा रोग होने के कारण त्वचा पर लाल दाने होना ,दाद ,खाज खुजली ,छाले या पित्त होना आदि लक्षण नजर आने लगते हैं दवाइयों का सेवन करने से भी स्किन एलर्जी की समस्या खत्म नहीं होती कोई व्यक्ति एक बार स्किन एलर्जी की समस्या का शिकार हो जाए तो वहआसानी से इस समस्या से निजात नहीं पा सकता|

स्किनएलर्जी के लक्षण (Skin allergy symptoms)

  • स्किन पर लाल चकत्ते होना या लाल दाने होना
  • स्किन पर खुजली और जलन होना
  • स्किन में खिंचाव पैदा होना स्किन पर लाल निशानों का पड़ना
  • स्किन पर रैशेज पड़ना
  • स्किन पर पपड़ी का जम जाना
  • स्किन में कांटे बन्ना और सूजन आना
skin allergy
स्किनएलर्जी (skin allergy)

स्किनएलर्जी के कारण(Skin allergy causes)

1.खानपान-

खाद्यपदार्थोंसेएलर्जी-कुछ खाद्य पदार्थों जैसे गाय के दूध ,मछली या फिर अंडे आदि का सेवन करने से आपको स्किन एलर्जी हो सकती है खाद्य पदार्थों का सेवन करने सेआपके शरीर पर हानिकारक प्रभाव पड़ सकता है|

2.प्रदूषण से एलर्जी– कारखानों व चिमनीओं से निकलने वाला धुआं हवा और पानी को दूषित कर देते हैं हवा और पानी के संपर्क में आने से स्किन एलर्जी होने लगती है|

3.अनुवांशिकता-अगरआपके परिवार में किसी व्यक्ति को कोई एलर्जी है ऐसे व्यक्ति के संपर्क में आने से भीआपको स्किन एलर्जी हो सकती है|

4.कीटपतंग-घर के आस-पास कॉकरोच ,मकड़ी, डेंगू ,टीडीआदि के काटने से स्किन एलर्जी हो सकती है|

5.जानवरों से एलर्जी -कुछ जानवरों की त्वचा की कोशिकाओं से हमारे शरीर पर हानिकारक परभाव पड़ता है जिसे स्किन एलर्जी होने की संभावना बढ़जाती है|

6.धातुसेएलर्जी -कुछ लोगों को सोना ,चांदी ,हीरा ,एलुमिनियम आदि को पहनने से एलर्जी होने लगती है|

7.नकलीगहने -कुछ महिलाओं को नकली धातु के गहनों को पहनने से एलर्जी होने लगती है|

8.धूम्रपान- धूम्रपान मे निकोटीन नामक पदार्थ होता है निकोटीन का हमारे शरीर पर हानिकारक प्रभाव पड़ता है जो एलर्जी होने का कारण बनता है|

9.डिटर्जेंट वाले साबुन-डिटर्जेंट वाले साबुन का प्रयोग करने से एलर्जी होने की संभावना बढ़ जाती है|

स्किनएलर्जी के प्रकार(Skin allergy types)

1.एक्जिमा-एग्जिमा स्किन एलर्जी से संबंधित बीमारी है जिसका असर पुरुषों से ज्यादा बच्चों पर पड़ता है जिसके कारण स्किन में जलन और सूजन जैसी समस्याएं होती है यह बीमारी अस्थमा एलर्जी राइनाइटिस से संबंधित है|

2.कांटैक्ट डर्मेटाइटिस– जब स्किन निखिल जैसी मिश्र धातु के संपर्क में आती है तो उस दिन पर मिश्र धातु का हानिकारक प्रभाव पड़ता है जैसे लाल दाने होना ,स्किन में खुजली और जलन जैसी समस्याएं होने लगती हैं|

3।पित्ती –यह भी एलर्जी से संबंधित समस्या है जिसके कारण त्वचा के नीचे रक्त वाहिकाओं पर गहरा प्रभाव पड़ता है और रक्त वाहिकाओं में सूजन आने लगती है|

4.एनजीओडिमा– एनजीओडिमा त्वचा से संबंधित रोगों का मुख्य प्रकार है इसमें त्वचा की गहराई में सूजन आने लगती है और लाल चकत्ते होने लगते हैं इसका मुख्य प्रभाव होठों और पलकों पर पड़ता है|

स्किनएलर्जी को दूर करने के लिए आयुर्वेदिक उपाय (Skin allergy treatment)

1.नीम-नीम में एंटी बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं इसलिए नीम की पत्तियों को रात को पानी में भिगोकर पीस लेंऔर इस मिश्रण को प्रभावित त्वचा पर लगाएं और थोड़ी देर बाद ठंडे पानी से धोले ऐसा करने सेआपको लाभ मिलेगा|

Ne em
नीम ( Ne em )

2.नारियलतेल-नारियल में एंटी बैक्टीरियल गुण मौजूद होते हैं इसलिए नारियल के तेल को हल्का सा गर्म करके सोने से पहले लगाएं ऐसा करने सेआपको स्किन एलर्जी से निजात मिलेगा

3.नींबूकारस-नींबू का रस स्किनएलर्जी के निवारण के लिए बहुत लाभदायक है इसलिए प्रभावित स्थान पर नींबू का रस थोड़ी देर लगा रहने दें और फिर धोले

4.एलोवेरा-एलोवेरा में एंटी बैक्टीरियल गुण होते हैं जो त्वचा के रोगों से लड़ने में हमारी मदद करते हैं एलोवेरा की जेल को निकालकर स्किनएलर्जी वाले स्थान पर लगाएं ऐसा करने से आपको राहत मिलेगी

5.फिटकरी-हल्की सी फिटकरी में नारियल का तेल मिलाकर इसका मिश्रण बना लें और इसे स्किन एलर्जी वाले स्थान पर लगाएं ऐसा करने से स्किनएलर्जी की समस्या जल्दी दूर होगी

6.पपीता-पपीते में एंजाइम पाए जाते हैं इसलिए पपीते की फाइबर यानी गुर्दे को पीसकर प्रभावित स्थान पर लगाएं और थोड़ी देर बाद धोले ऐसा करने से आपको स्किनएलर्जी से निजात मिलेगा

7.पानीकासेवन-हमें प्रतिदिन अधिक मात्रा में पानी पीना चाहिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से शरीर के विषैले पदार्थ यूरिन के साथ बाहर निकल जाते हैं इसलिएज्यादापानीपीनेसेस्किनएलर्जीकीसमस्यादूरहोतीहै

8.ओलिवऑयल –ऑलिवऑयलकोस्किनएलर्जीवालेस्थानपरलगानेसेखुजलीकीसमस्यादूरहोतीहै

स्किनएलर्जी टेस्ट(Skin allergy test)

स्किनएलर्जी एक संवेदनशील प्रतिक्रिया है जो पदार्थ शरीर के संपर्क में आते हैं ऐसे पदार्थों के खिलाफ प्रतिक्रिया प्रतिरक्षा प्रणाली की जाती है एलर्जी टेस्ट दो प्रकार से किया जाता है जिसमें स्किन टेस्ट और ब्लड टेस्ट शामिल है एलर्जी टेस्ट से यह पता लगाया जाता है कि आपको किस चीज से एलर्जी है|

एलर्जीटेस्टकेप्रकार:-

1.स्किनटेस्ट-.स्किन टेस्ट में एलर्जी पदार्थ को रोगी की त्वचा के संपर्क में लाया जाता है और परीक्षण किया जाता है कि प्रतिक्रिया होती है या नहीं| एलर्जी स्किन टेस्ट का रिजल्ट कुछ ही घंटों में पता लग जाता है स्किन टेस्ट तीन प्रकार के होते हैंजिनका वर्णन इस प्रकार से है:-

  • स्किनप्रिकटेस्ट– इस टेस्ट में एलर्जी पदार्थ की कुछ बूंदे इंजेक्शन के द्वारा त्वचा के अंदर भेजी जाती है अगर त्वचा पर हानिकारक प्रभाव जैसे खुजली सूजन आदि दिखने लगता है तो यह माना जाता है कि व्यक्ति को इन पदार्थों से एलर्जी है|
  • इंट्राडर्मलटेस्ट-जब किसी एलर्जी पदार्थ की कुछ बूंदें इंजेक्शन के माध्यम से त्वचा के अंदर डाली जाती है अगर मरीज कोई प्रतिक्रिया नहीं करता तो इंट्रेडर्मल टेस्ट का उपयोग किया जाता है|
  • स्किनपैचटेस्ट-इस टेस्ट में अर्जित पदार्थ को एक पेड़ पर लगाकर उसे स्किन पर बांध दिया जाता है कॉन्टैक्ट डर्मेटाइटिस स्किन से संबंधित रोग का पता लगाने के लिए इस टेस्ट का उपयोग किया जाता है|

2.ब्लडटेस्ट-ब्लड टेस्ट में व्यक्ति के खून की कुछ मात्रा इंजेक्शन के द्वारा ली जातीहै ब्लड टेस्ट खून में एंटीबॉडीज नामकपदार्थ के स्तर का मापन करता है एलर्जी टेस्ट के द्वारा अगर आपको त्वचा संबंधी संक्रमण हैतो उसका पता लगाया जा सकता हैअस्थमा रोग कीजांच के लिए भी एलर्जी ब्लड टेस्ट का उपयोग किया जाता है|

एग्जिमा का घरेलू उपचार ( Eczema treatment )

एग्जिमा का घरेलू उपचार ( Eczema treatment )

एग्जिमा का घरेलू उपचार

एग्जिमा एक चर्म रोग है जिसमें व्यक्ति को निरंतर खुजली रहने लगती है यह ज्यादातर बुजुर्गों में पाया जाता है यह रोग होने पर व्यक्ति को खुजली होने लगती है और त्वचा पर लाल चकत्ते निकल आते हैं लाल चकतों के फूट जाने पर उनमें से द्रव्य पदार्थ निकलता रहता है|एग्जिमा का घरेलू उपचार करने पर इस रोग से निजात पाया जा सकता है|

एग्जिमा होने पर त्वचा मोटी , खुरदरी और शुष्क होने लगती है और प्रभावित क्षेत्र में गांठ पड़ने लग जाती है| यह रोग डर्मेटाइटिस के नाम से भी जाना जाता है |यह मुख्य रूप से खून की खराबी के कारण होता है और इसका सही समय पर इलाज न करवाने पर यह तेजी से फैलने लगता है यह किसी भी उम्र के पुरुष या महिलाओं को प्रभावित कर सकता है|

एग्जिमा रोग के लक्षण(Eczema symptoms)

  • इस रोग में व्यक्ति को खुजली होने लगती है और चमड़ी का रंग लाल हो जाता है|
  • चमड़ी सूखी पड़ जाती है और उसमें से पपडी निकलने लगती है|
  • त्वचा पर फफोले हो जाते है जिनसे द्रव का रिसाव निकलने लगता है|
  • समय के साथ त्वचा मोटी हो सकती है और त्वचा में कठोरता का अनुभव होने लगता है|
  • न्यूक्लियर एग्जिमा मेरी त्वचा के छोटे हिस्से में जलन होने लगती हैं|
Eczema
एग्जिमा (Eczema)

एग्जिमा होने के कारण(Eczema causes)

1.अनुवांशिकता-अगर माता-पिता या दोनों में से एक कोई भी इस त्वचा के रोग से पीड़ित है तो संतान में एग्जिमा होने की संभावना बढ़ जाती है और वह उस का शिकार हो जाता है|

2.हार्मोन में परिवर्तन– हार्मोन के सतर में बदलाव आने के कारण मासिक धर्म होने की स्थिति में यह रोग होने की संभावना बढ़ जाती है|

3.एलर्जी एलर्जी इस रोग का मुख्य कारण है किसी व्यक्ति के संपर्क में आने से जो इस रोग से पीड़ित हो तक इस रोग के होने की संभावना बढ़ जाती है

4.तनाव-तनाव एग्जिमा होने का मुख्य कारण है तनाव एग्जिमा के लक्षणों को खराब कर सकता है|

5.खाद्य पदार्थ –सोया, गेहूं, उत्पाद, अंडे जैसे कुछ खाद्य पदार्थ एग्जिमा होने के मुख्य कारण है खाद्य पदार्थों का सेवन करने से एग्जिमा होने की संभावना बढ़ जाती है|

6.गरम तापमान-गर्मी के कारण भी त्वचा एग्जिमा रोग से पीड़ित हो जाती है|

7.सूक्ष्म जीव- बैक्टीरिया और वायरल एग्जिमा रोग के होने की मुख्य कारण हैं|

एग्जिमा के प्रकार(Eczema types)

1.एटॉपिक डर्मेटाइटिस-अटोपिक डर्मेटाइटिस एग्जिमा का सबसे सामान्य प्रकार है जिन लोगों को पहले से ही अस्थमा की शिकायत रहती है उन लोगों में इस रोग के होने की संभावना ज्यादा बढ़ जाती है|

2.एलर्जी संपर्क त्वचा रोग-जब भी कोई रासायनिक पदार्थ हम बॉडी के ऊपरी हिस्से में बार बार प्रयोग में लाते हैं तो बॉडी में एलर्जी होना शुरू हो जाती है और त्वचा में उसे सूजन आना शुरू हो जाती है पदार्थ के ज्यादा यूज होने पर त्वचा को नुकसान होना शुरू होता है|

3.नुम्मूलर एकिज्मा-इस रोग में शरीर के अलग-अलग हिस्सों में गोल आकार का लाल निशान बनना शुरू हो जाता है यह अक्षर पैरों के पैर हाथों के पीछे की कलाई और पीठ के निचले हिस्से में ज्यादा होता है|

4.स्टैसिस डर्मेटाइटिस-इस तरह के रोग में अक्सर शरीर के ऊपर भूरे रंग के दाग हो जाते हैं यह रोग ज्यादातर उन लोगों में होता है जिनकी निचले पैरों की नसों से दिल तक रक्त का प्रवाह ठीक ढंग से नहीं हो पाता यह रोग शीघ्रता से फैलता है|

5.डिशीडॉटिक एग्जिमा-इस रोग के शुरुआती लक्षणों में खुजली होने लगती है फिर हाथों और पैरों पर लाल चकते बनने शुरू हो जाते हैं फफोले भी बन जाते हैं जिनमें से द्रव्य रिसाव निकलने लगता है|

6.न्यूरोड्मार्टाइटिस-इस तरह के रोग में त्वचा के ऊपर दाग हो जाता है और दाग वाली जगह पर जलन तथा हद से ज्यादा खुजली होती है एग्जिमा ज्यादातर गर्दन के पीछे या पीठ सिर में कलाई जननेंद्रिय और कान के अंदर वाले हिस्सों को ज्यादा प्रभावित करता है|

7..सेब्रेरिक -डेंड्फ की तरह पैदा होता है बच्चों में यह सिर को प्रभावित करता है और वैष्णो मैया जाकर कान के क्षेत्र दोहे नाक के बाजू के एरिया को ज्यादा प्रभावित करता है|

एग्जिमा का घरेलू उपचार (Eczema treatment)

1.एग्जिमा के रोग से छुटकारा पाने के लिए विभिन्न प्रकार की दवाइयों और विचारों की आवश्यकता पड़ती है जिनका वर्णन इस प्रकार से है|

2.एंटीहिस्टामाइन दवाओं जैसे – डीफेनहाइड्रेमाइन आदि का सेवन करने से हमें खुजली के दर्द से राहत मिलती है|

3.हाइड्रोकॉर्टिसोन मरहम का सेवन करने से एग्जिमा से हमें निजात मिलता है|

4.डॉक्टर कॉर्टिकोस्टेरॉइड क्रीम को लगाने की सलाह देते हैं यह खुजली को कम करने में हमारी मदद करती है|

5.जब रोगी को घरेलू उपचारों के द्वारा आराम नहीं मिलता तब वह लाइट थेरेपी से उपचार करने की जरूरत पड़ती है इस थेरेपी में कृत्रिम पेरा बैंगनी ए और संकीर्ण बेड पेरा बैंगनी बी नियंत्रित मात्रा के साथ उपचार किया जाता है|

एग्जिमा के रोग से निजात पाने के लिए घरेलू उपाय

1.एलोवेरा -विटामिन ई के तेल के साथ एलोवेरा मिलाकर लगाने से खुजली कम होने लगती है एलोवेरा का प्रयोग करने से हमारी त्वचा को पोषण मिलता है इसके लिए एलोवेरा की पत्तियों से जेल निकाल कर उसमें कैप्सूल से विटामिन ई के तेल को निकाल कर दोनों को मिला लें और जहां पर खुजली है वहां लगाने से आराम मिलता है|

Alovera
एलोवेरा ( Alovera )

2. नीम का तेल– नीम के तेल में एंटी इन्फ्लेमेटरी कंपाउंड होते हैं जैतून के तेल में नीम के तेल की कुछ बूंदें मिलाकर प्रभावित स्थान पर लगाने से एग्जिमा के रोग से हमें निजात मिलता है

3. शहद और दालचीनी-शहद और दालचीनी में भी एंटी ऑक्सीडेंट गुण होते हैं |एक चम्मच शहद एक चम्मच दालचीनी को अच्छी तरह से मिलाकर उसका मिश्रण तैयार करले अब इस मिश्रण को खुजली वाले स्थान पर लगाएं शहद त्वचा की जलन को कम करता है|

एक्जिमा के रोग से निजात पाने के लिए आयुर्वेदिक उपाय

Neem
नीम ( Ne em )
  • हरड़– गाय के मूत्र में कुछ हरण को पीसकर इसका मिश्रण बनाकर प्रभावित स्थान पर लगाने से एग्जिमा के रोग से निजात मिलता है
  • नीम– नीम के पत्तों का रस निकालकर थोड़ी सी मिश्री मिलाकर उसका सुबह शाम सेवन करने से एग्जिमा में खून की खराबी की समस्या दूर होती है
  • साफी– यह एक जड़ी बूटी यानी औषधि है जिसका खाली पेट सेवन करने से एक्जिमा में  लाभ मिलता है
  • काले चनो को पानी में पीसकर प्रभावित स्थान पर लगाने से खुजली दूर होती है
  • एक चम्मच त्रिफला का चूर्ण एक चम्मच शहद में मिलाकर इसका सुबह शाम सेवन करने से एग्जिमा के रोग से हमें राहत मिलती है
  • नीम के पत्तों को पानी में उबालकर ठंडा हो जाने पर उस पानी से नहाए और नीम की तेल की मालिश करने से एग्जिमा रोग से हमें राहत मिलती है
  • हल्दी को पीसकर सरसों के तेल में पकाकर जब हल्दी जल जाए तब उसे छानकर प्रभावित स्थान पर लगाने से एग्जिमा रोग से निजात मिलता है
  • नीम की छाल, पीपल की छाल, गिलोय इन सब की थोड़ी-थोड़ी मात्रा लेकर कुछ पानी में पकाकर इसका काढ़ा बना ले इसका काडे का सुबह-शाम सेवन करने से यह रोग जड़ से खत्म होता है

स्वपनदोष का इलाज (स्वपन-परमेह)

स्वपनदोष का इलाज ( स्वपन-परमेह)

स्वपनदोष का इलाज

स्वपनदोष ऐसी स्थिति है जिसमें गहरी नींद में सोते वक्त स्वपन देखने के कारण लिंग से वीर्यस्खलन  हो जाता है ऐसी प्रक्रिया को स्वपनदोष कहा जाता है| स्वपनदोष का इलाज सही समय पर ना किया जाए तो यह गंभीर रूप धारण कर सकती है| समान रूप से यह सेक्स संबंधी सपने देखने के कारण होता है| वीर्य स्खलन होने की प्रक्रिया मस्तिष्क की होती है यह पहचानना मुश्किल हो जाता है कि आप सेक्स की कल्पना कर रही है या वास्तविक स्थिति में है|

वीर्य निकलने की अवस्था उन लोगों में अधिक देखी जाती है जिन्होंने यौन संबंध नहीं स्थापित किए स्वपनदोष की समस्या आम होती जा रही है| आजकल बहुत से पुरुष स्थिति का सामना कर रहे हैं और नींद व्यवस्था में ही उनका वीर्य स्खलन होने लगता है जो पुरुष अश्लील फिल्में देखने के शौकीन होते हैं उनमें यह समस्या अधिक देखी जाती है|

स्वपनदोष होने के लक्षण

  • भूख का कम हो जाना|
  • पेशाब में जलन होना|
  • पैरों के तलवों में पसीना आना,हाथों और पैरों का सुन्न हो जाना|
  • बालों का सफेद हो जाना और बालों का झड़ना|
  • दिल का धड़कना या धक- धक करना|
  • कमर में दर्द रहना , सीधा बैठा रह जाना|
  • किसी भी काम में मन का न लगना और आंखों में आलस्य और नींद भरी रहना|
  • दांतों और जोड़ों में सूजन आ जाना|
  • काले घेरे पड़ना, आंखों की रोशनी कम हो जाना, आंखों का गड्ढे के अंदर घुस जना|
  • लिंग का एक और झुक जाना और छोटा हो जाना|
  • गले में खराश और खांसी जैसे लक्षण नजर आने लगते हैं|

स्वपनदोष के कारण

1.खानपान और कब्ज – स्वपनदोष का मुख्य कारण खानपान है अत्यधिक मैच मसालों का सेवन करने से पेट में कब्ज जैसी समस्याएं उत्पन्न हो जाती है|

2.दूध से बने पदार्थों का सेवन- कई बार दूध से बने पदार्थ मैं भी मिठाई या गर्म दूध का सेवन करने से पुरुषों में वीर्य स्त्राव की समस्या हो जाती है और खाना खाते ही सो जाने से भी स्वपनदोष की समस्या हो जाती है|

3.पोर्नफिल्मे- पुरुषों के वीर्य स्त्राव का मुख्य कारण अश्लील फिल्में देखना है सेक्स के बारे में सोचने पर भी वीर्य स्त्राव की समस्या उत्पन्न होती है|

4.आकर्षण –पुरुष और स्त्री का आपस में आकर्षण होने पर भी स्वपनदोष हो जाता है|

5.हस्तमैथुन- हैंड प्रैक्टिस करने पर भी पुरुषों में वीर्य स्त्राव होने लगता है|

6.नशीले पदार्थ-नशीले पदार्थों का सेवन करना , तंबाकू , चरस , गांजा आदि नशीले पदार्थों का प्रयोग करने से स्वपनदोष रोग होने लगता है|

7.मानसिक तनाव –मानसिक तनाव भी स्वपनदोष रोग को बनाने का मुख्य कारण है कुछ खाद्य पदार्थ जैसे -अंडे , मांस ,मछली आदि का सेवन करने से स्वपनदोष रोग होने का खतरा बना रहता है|

8.गरम पदार्थो का सेवन –रात को सोते समय गरम पदार्थो जसे – चाय या कॉफी का सेवन नही करना चाहिये गरम पदार्थो का सेवन करने से वीर्य स्त्राव की समस्या उत्पन्न होती है|

स्वपनदोष को दूर करने के आयुर्वेदिक उपाय

1.केला-भोजन के बाद केले की फली का सेवन करें केले की फली में कुछ बूंद शहद मिलाकर खाएं ऐसा करने से स्वपनदोष रोग नष्ट होता है और वीर्य बढ़ता है और बहना बंद हो जाता है|

2.आंवला-गोखरू ,सूखे आंवले और गिलोय इन तीनों को समान समान मात्रा में लेकर महीन पीस जान कर रख दें इसमें से 2 माशे चूर्ण घी और चीनी में मिलाकर खाने से स्वपनदोष  रोग नष्ट होता है याआंवले के जूस में हल्दी और शहद मिलाकर पीने से स्वपनदोष की समस्या से निजात मिलता है

3.मेथी के बीज-एक चम्मच शहद और दो चम्मच मेथी के बीज के जूस का मिश्रण बना लें और रात को सोने से पहले इस मिश्रण का सेवन करें मेथी के बीज से हार्मोन को संतुलित किया जा सकता है स्वपनदोष की समस्या काफी हद तक दूर होती है|

bad-am
बादाम ( bad-am )

4.बादाम-भीगे हुए बादाम के छिलकों को उतारकर बदाम को पीसकर एक पेस्ट बना लें और रात को सोने से पहले गर्म दूध में बादाम के पेस्ट को मिला कर पीने से स्वपनदोष की समस्या दूर होती है|

5.जो- जो को रात के समय भिगोकर रख दें और अगले दिन सुबह इसमें थोड़ा सा शहद मिला कर पीने से स्वपनदोष रोग से निजात मिलता है|

6.प्याज का रस-प्याज के रस में शहद मिलाकर इसका सेवन करने से स्वपनदोष की समस्या दूर होती है|

7.लहसुन-लहसुन में एलिसिन नामक पदार्थ होता है जिससे रक्त का प्रभाव ठीक ढंग से होता है सुबह उठकर लहसुन की दो तीन कलियां छीलकर खाने से स्वपनदोष रोग दूर होता है|

8.हरड़-हरड़ के चूर्ण में थोड़ा सा शहद मिलाकर इसका सेवन करने से स्वपनदोष दूर होता है|

Bbul
बबूल (Bbul)

9.बबूल –बबूल के नरम पते और कलियां लाकर उन्हें सुखाकर पीस लें अब इस चूर्ण में बराबर की मिश्री मिलाकर रख दे और इसका सुबह शाम पानी के साथ सेवन करने से स्वपनदोष रोग नष्ट हो जाता है|

10.अफीम– अफीम आधी रति, कपूर दो रत्ती और शीतल चीनी का छना हुआ चूर्ण इन तीनों को मिलाकर रात को सोते समय पानी के साथ सेवन करने से यह समस्या दूर होती है|

11.गुलाब-.गुलाब के ताजा फुल मिश्री के साथ खाकर, ऊपर से गाय का दूध पीने से स्वपनदोष रोग नष्ट होता है|

12.मूंगा भस्म-मूंगा भस्म चाटने से भी स्वपनदोष रोग खत्म होता है|

13.गाय का दूध –शुद्ध गंधक और 1 या 2 साल पुराना गुड दोनों को मिलाकर एक तोला खाने और ऊपर से गाय का दूध पीने से यह समस्या दूर होती हैं|

14. चोपचीनी-चोपचीनी का पिसा छना चूर्ण एक तोला, मिश्री एक तोला,घी एक तोला, तीनों को मिलाकर सुबह शाम साथ आठ दिन सेवन करने से लाभ मिलता है|

15.धनिया- धनिया में मिश्री को बराबर मात्रा में लेकर बने हुए चूर्ण को 5 ग्राम मात्रा में लेकर ताजा ठंडे पानी के साथ सुबह प्रतिदिन सेवन करने से स्वपनदोष रोग नष्ट हो जाता है|

16।इमली-दूध में इमली के बीजों को भिगोकर इमली की निकाली हुई गिरियो में मिश्री मिलाकर मिश्रण बना लें अब इस मिश्रण का सेवन प्रतिदिन करते रहने से स्वपनदोष की रोग की समस्या समाप्त होती है|

17.त्रिफला – त्रिफला के काढ़े को रात को बनाकर रख दें और सुबह इसका सेवन करने से स्वपनदोष समाप्त हो जाता है |

स्वपनदोष रोग होने पर सावधानियां

  • मसालेदार खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए|
  • रात को जल्दी सो जाना चाहिए और सुबह सूर्योदय होने से पहले उठ जाना चाहिए|
  • व्यक्ति को मानसिक तौर पर स्वस्थ होना चाहिए अश्लील और सेक्स संबंधी फिल्मों को नहीं देखना चाहिए|
  • रात को सोने से पहले पेशाब करना ना भूले|
  • अपने मन को शांत रखने के लिए रोगी को ध्यान से योग करना चाहिए|
  • रात को सोते समय चाय या कॉफी नहीं पीनी चाहिए|
  • रात को सोते समय कसे हुए कपड़े नहीं पहने चाहिए|
  • हाथ, पैर और मुंह को ठंडे पानी से धो कर सोना चाहिए|

हस्तमैथुन(Masturbation)

हस्तमैथुन (Masturbation)

हस्तमैथुन

हस्तमैथुन को अंग्रेजी भाषा में हैंड प्रैक्टिस भी कहा जाता हैअधिक लोग हस्तमैथुन को गलत समझते हैं और हस्तमैथुन के टॉपिक पर बात करने में शर्म करते हैं हस्तमैथुन करने से सेहत पर हानिकारक प्रभाव नहीं पड़ता लेकिन हफ्ते में एक दो बार हस्तमैथुन करने से आप वीर्य स्त्राव की समस्या से निजात पा सकते हैं हस्तमैथुन जिसे आम भाषा में मूठ मारना कहते हैं यानी अपने शरीर के अंगों को छूकर सेक्स की उत्तेजना को महसूस करना है पुरुष अपने हाथों से पेनिस को दबाकर ऊपर नीचे करने की प्रक्रिया करते हैं हस्तमैथुन करने की उम्र 15 से 18 साल के बीच में शुरू हो जाती है, अगर पुरुष और स्त्री आपस में मिलकर हस्तमैथुन करते हैं लेकिन कुछ लोगों को यह प्रक्रिया गलत लगती है हस्तमैथुन हफ्ते में एक दो बार कर लेना चाहिए और लगातार हस्तमैथुन करने से आप इसके आदि हो जाते हैं तो ऐसी स्थिति को सामान्य नहीं कहा जा सकता लगातार हस्तमैथुन करने से फायदे और नुकसान हो सकते हैं|

हस्तमैथुन के फायदे

1.मानसिक तनाव से निजात-आजकल मानसिक तनाव की समस्या एक आम समस्या हो गई है मानसिक तनाव को दूर करने में हस्तमैथुन महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, हस्तमैथुन करने से मानसिक तनाव दूर होता है और अच्छा महसूस होता है

2.नींद आना-हस्तमैथुन करने पर ऑक्सीटॉसिन और एंडोर्फिन हार्मोन निकल जाते हैं हारमोंस के निकलने के दौरान बिना किसी चिंता के नींद आ आने लगती है|

3.शीघ्रपतन की समस्या से निजात – यौन संबंध बनाने से पहले हस्तमैथुन करने से आप संभोग का आनंद ले पाएंगे और आपको शीघ्रपतन की समस्या से निजात मिलेगा

4.योनि रोग से सुरक्षा-हस्तमैथुन करने से आप एचआईवी ऐड्स जैसी समस्याओं से बचे रहेंगे

5.वीर्य स्त्राव से छुटकारा – सप्ताह में एक से दो बार हस्तमैथुन करके वीर्य स्त्राव की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं

हस्तमैथुन के साइड इफेक्ट या नुकसान

हस्तमैथुन जीवन का एक हिस्सा है हस्तमैथुन के वैसे तो कोई नुकसान नहीं है लेकिन  ज्यादा हस्तमैथुन करने से साइड इफेक्ट भी हो सकते हैं आइए जानते हैं हस्तमैथुन करने का हमारे शरीर पर गहरा प्रभाव पड़ता है

1.लिंग में सूजन आना- जल्दी -जल्दी हस्तमैथुन करने से वीर्य की पहली निकलने वाला तरल पानी मांसपेशियों में चला जाता है जिसके कारण लिंग में सूजन आ जाती है और यह सुजन तब तक रहती है जब तक तरल पानी रक्त में नहीं चला जाता

2.लिंग की मांसपेशियों का टूटना- कई बार हस्तमैथुन करते समय व्यक्ति अपने लिंग को कसकर दबाती है या मोड़ते हैं ताकि वीर्य बाहर ना निकले लेकिन ऐसा करने से आपके लिंग की मांसपेशियां टूट जाती है और पायरोनी रोग होने पर लिंग टेढ़ा हो जाता है

3.शुक्राणुओं की संख्या में कमी- प्रतिदिन लगातार हस्तमैथुन करने से वीर्य में शुक्राणुओं की संख्या कम हो जाती है जिसके कारण आपकी पिता बनने की क्षमता कम हो जाती है

4.शारीरिक कमजोरी- हस्तमैथुन करने से आपके शरीर में कमजोरी आती है ऐसा लगने लगता है जैसे आपकी शरीर की सारी ताकत खत्म हो गई हो

5.मानसिक तनाव होना- हस्तमैथुन करने के बाद आपने बुरा महसूस किया होगा हस्तमैथुन ज्यादा करने से मानसिक तनाव हो सकता है और आप अवसाद का शिकार हो जाते हैं ऐसा करने से कई बार बेचैनी का अनुभव होता है

6.अवैध संबंध बन्ना-कई लोग हस्तमैथुन अधिक करते हैं और लगातार  हस्तमैथुन करने से यौन इच्छाएं बढ़ने लगती है और वे अपराध करने लगते हैं जैसे अवैध संबंध बनाना

7.पाचन तंत्र पर प्रभाव पड़ना- हस्तमैथुन करने पर हमारे पाचन तंत्र पर बुरा असर पड़ता है और हमारा पाचन तंत्र धीमी गति से कार्य करने लगता है

8.लिंग में उत्तेजना का बंद होना-ज्यादा हस्तमैथुन करने से लिंग के उसको में चोट पहुंचती है और यह उत्तक नष्ट हो जाते हैं जिसके कारण लिंग में उत्तेजना आना बंद हो जाती है जिससे व्यक्ति मानसिक तनाव का शिकार हो जाते हैं|

हस्तमैथुन से होने वाली कमजोरियां

  • बालों का झड़ना
  • ज्यादा हस्तमैथुन करने पर लिंग का टेढ़ा हो जाना
  • समय से पहले ही वीर्य का स्त्राव होने लगता है
  • कमजोरी और थकान का अनुभव होना
  • लिंग में सूजन आ जाना
  • शुक्राणुओं की संख्या में कमी होना
  • लिंग की मांसपेशियों का टूटना

हस्तमैथुन से आई कमजोरी का ईलाज  आयुर्वेदा

1.दूध- दूध का सेवन करने से हस्तमैथुन से आई कमजोरी को दूर किया जा सकता है इसलिए प्रतिदिन कम से कम दो गिलास दूध पीना चाहिए दूध आपके शरीर के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है

2.पानी- पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से हस्तमैथुन की कमजोरी को दूर किया जा सकता है पानी का सेवन करने से शारीरिक तनाव और योन की समस्या दूर होती है पानी पीने से रक्त का प्रवाह ठीक ढंग से होता है

3.अदरक- अदरक में एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं अदरक का सेवन करने से हस्तमैथुन  ती हुई कमजोरी को दूर किया जा सकता है  और हस्तमैथुन की उत्तेजना में कमी आती है व रक्त का प्रवाह ठीक ढंग से होता है

4.संतुलित आहार अपने प्रतिदिन के आहार में फल और हरी सब्जियों, मूंगफली को शामिल करें

5.केला- केले में एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं केले को काटकर उसमें शहद लगाकर सेवन करने से हस्तमैथुन की कमजोरी को कुछ हद तक दूर किया जा सकता है

6.जामुन की गुठली- जामुन की गुठली को सुखाकर पीस लें और इस मिश्रण का प्रतिदिन पानी के साथ सेवन करने से हस्तमैथुन की कमजोरी काफी हद तक दूर होती

7.सेब अपने प्रति दिन की आहार में सेब को शामिल करें

8.व्यायाम करना- प्रतिदिन व्यायाम करने से हस्तमैथुन से आई कमजोरी को दूर किया जा सकता है

बालों का झड़ना (Hair loss issue)

बालों का झड़ना (Hair loss issue)

बालों का झड़ना

बालों का झड़ना एक आम समस्या बन गई है यह समस्या महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों में अधिक देखने को मिलती है इन बालों के झड़ने और पथरी होने की समस्या महिलाओं में भी कम नहीं है|  इसके निम्नलिखित कारण हो सकते हैं| कम बाल होने के कारण इंसान उम्र में भी अधिक दिखने लगता है|

 बालों का झड़ना और गंजेपन की समस्या से  हर कोई जूझ रहा है| बाल झड़ने की समस्या को डॉक्टरी भाषा में एलोपेसिया कहा जाता है| एलोपेसिया होने की समस्या कुछ लोगों में जेनेटिक होती है |वहीं इसके कुछ कारण भी होते हैं जैसे- पर्याप्त नींद न लेना, खानपान आदि प्रतिदिन 100 बालों का झड़ना सामान्य है क्योंकि उनकी जगह पर नए बाल आ जाते हैं और अगर बाल सिर्फ झड़ने लगते हैं और नहीं आते तो या चिंताजनक विषय बन जाता है और लोग गंजेपन का शिकार हो जाते हैं| आपके शरीर को पर्याप्त मात्रा में विटामिन ने मिलने से भी बाल झड़ने लगते हैं और तनाव होने के कारण भी बाल झड़ने की समस्या हो जाती है|

बालों के झड़ने के कारण(Hair loss causes)

1.विटामिन बी– विटामिन बी की कमी शरीर में विटामिन बी की कमी के कारण बाल झड़ने लगते हैं क्योंकि विटामिन बी का सीधा असर बालों पर पड़ता है|

2.जिंक की कमी-जिंक एक खनिज पदार्थ है जो ऊतकों के विकास में मदद करता है शरीर में जिंक की कमी होने के कारण बाल कमजोर होने लगते हैं और टूटने लगते हैं जिंक की कमी से शरीर में प्रोटीन की कमी भी होने लगती है

3.प्रोटीन की कमी– शरीर में प्रोटीन की कमी के कारण बाल झड़ने लगते हैं |प्रोटीन बालों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है| इसलिए हमें प्रतिदिन की आहार में मुर्गी मछली बींस सोया उत्पादकों दही अंडों को शामिल करना चाहिए|

4.धूम्रपान-धूम्रपान में जीनो टॉक्सिकेंट्स पाई जाती है जो बालों के रोम के डीएनए को नष्ट कर देते हैं जिसके कारण बालों के झड़ने की समस्या उत्पन्न होती है|

5.मानसिक तनाव– अगर आप किसी बात को लेकर टेंशन में है तो मानसिक तनाव होने के कारण आपके बालों के झड़ने की समस्या उत्पन्न हो सकती है|

6.जंक फूड-जंक फूड का सेवन करने से हमारी बॉडी को पर्याप्त मात्रा में पोषण नहीं मिलता जिसके कारण बाल झड़ने की समस्या हो जाती है|

7.अचानक वजन कम होना -अचानक वजन कम होने पर शारीरिक तनाव बढ़ने लगता है|

8.कीमो थेरेपी- कैंसर की बीमारी होने पर बाल झड़ने की समस्या उत्पन्न हो जाती है जिससे आप गंजेपन का शिकार हो जाते हैं|

9.बाल खींचना– बाल खींचने की आदत से भी बाल कमजोर होने लगते हैं इसमें व्यक्ति खुद पर ही काबू नहीं रख पाता|

10.ल्यूपस रोग-यह एक प्रकार की ऑटोइम्यून बीमारी है इसमें हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली स्वस्थ ऊतकों पर हमला करती है और सूजन की समस्या उत्पन्न होती है जिससे बाल झड़ने लगते हैं|

11.हाइपोथायरायडिज्म के कारण-हाइपोथाइरॉएडिज्म गले में उपस्थित ग्रंथी में वृद्धि के कारण होता है | यह ग्रंथि शरीर की मेटाबोलिक प्रक्रिया वृद्धि और विकास में मदद करती है जब यह ठीक ढंग से कार्य नहीं करती तो बालों के झड़ने की समस्या पैदा हो जाती है|

12.हारमोंस में परिवर्तन– पुरूशो में हारमोंस में परिवर्तन आने के कारण भी बाल झड़ने की समस्या हो सकती है जिससे व्यक्ति गंजेपन का शिकार हो जाते हैं|

13.विटामिन बी की कमी– विटामिन बी की कमी से बीमार झड़ने लगते हैं क्योंकि विटामिन डी का सीधा असर बालों पर पड़ता है इसलिए हमें ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए जिसमें विटामिन बी पर्याप्त मात्रा में हो जैसे-बादाम , अंडा , अखरोट आदि को प्रतिदिन की आहार में शामिल करना चाहिए|

13.अवसाद रोधी दवा– अवसाद रोधी दवाओं का सीधा असर बालों पर पड़ता है यह बालों के झड़ने का मुख्य कारण है|

14.पोषक तत्वों की कमी– पोषक तत्वों की कमी बाल झड़ने का मुख्य कारण है| हमें प्रतिदिन अपने संतुलित आहार में पोषण युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए जिसमे विटामिन पर्याप्त मात्रा में हो जैसे- बादाम , अंडा , मछली ब्राउन राइस ब्रोकली इत्यादि।

अलग-अलग तरह के शैंपू अलग-अलग तरह के शेंपू प्रयोग में लाने से केमिकल्स के कारण बाल झड़ने की समस्या हो जाती है|

बालों के झड़ने की आयुर्वेदिक उपाय (Hair loss remedies)

1.आंवला रीठा– आंवला , रीठा बालों को झड़ने से रोकने के लिए मददगार साबित हुआ है|आंवले में विटामिन से भरपूर मात्रा में पाया जाता है| आंवला रीठाको रात को पानी में भिगोकर सुबह इससे बालों को धोने से बाल मजबूत होते हैं और बाल झड़ने की समस्या खत्म होती है|

2.प्याज का रस– प्याज में सल्फर की मात्रा पाई जाती है जो ब्लड सरकुलेशन बढ़ाने में आप की मदद करता है और आपके बालों को झड़ने से रोकता है| प्याज का रस बालों के स्कैल्प में लगाकर थोड़ी देर के लिए छोड़ दे और फिर धो ले ऐसा करने से आप बालों के झड़ने की समस्या से निजात पा सकते हैं|

3.जैतून का तेल-जैतून के तेल की बालों में मसाज करने से बालों के झड़ने की समस्या जड़ से खत्म होती है और यह बालों को मजबूत ही बनाते हैं|

4.दही और नींबू-आधा गिलास दही में थोड़ा सा नींबू मिलाकर पेस्ट बना लीजिए| अब इस पेस्ट को बालों के स्कैल्प में लगाएं इससे आपके बालों के झड़ने की समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी और डैंड्रफ की समस्या भी दूर होगी|

5.बादाम रोगन शिरीन- बादाम रोगन शिरीन तेल से तेल की मसाज करने से ब्लड सरकुलेशन अच्छे से हो जाता है और बाल झड़ने की समस्या खत्म होती है |सप्ताह में दो से तीन बार इस तेल की मालिश करने से आगे बाल झड़ना बंद हो जाएंगे|

6.धनिया– धनिया की पत्तियों के रस में दोगुना तिल का तेल मिलाकर उबालें की रस जल कर तेल  रह जाए फिर छानकर बोतल में रख दें और प्रतिदिन इस तेल से मालिश करें इससे आपके बाल झड़ने की समस्या खत्म होगी|

विटामिंस की कमी से झड़ने लगते हैं बाल (Hair loss vitamins)

उम्र के बढ़ने के साथ-साथ हमारे बालों के झड़ने की समस्या भी बढ़ने लगती है| बालों को झड़ने से रोकने के लिए ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए जिसमें विटामिन पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है| विटामिन  बालों को पोषण देने में हमारी मदद करते हैं जिससे जड़े मजबूत होती है और बाल झड़ने की समस्या धीरे-धीरे खत्म हो जाती है| आइए जानते हैं कौन से विटामिन से बालों के झड़ने की समस्या को जड़ से खत्म करने में लाभदायक है|

1.विटामिन ए विटामिन ए में कुछ एंटी ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जिससे बालों में नमी रहती है और  बालों के रूखी होने की समस्या भी खत्म होती है |कुछ खाद्य पदार्थ जैसे पालक दूध अंडे गाजर आम आदि मे पर्याप्त मात्रा में विटामिन ए पाया जाता है इसलिए इन खाद्य पदार्थों को अपने प्रतिदिन के आहार में शामिल करना चाहिए|

2.विटामिन बी 7- अखरोट, बादाम ,अंडा ,फूलगोभी आदि में काफी मात्रा में विटामिन b7 की मात्रा पाई जाती है इसलिए इन्हें प्रतिदिन की आहार में शामिल करना चाहिए |इससे आपके बाल जल्दी लंबे और मजबूत बनेंगे|

3.विटामिन सी– विटामिन सी प्राप्त करने के लिए नींबू, अमरुद ,स्ट्रौबरी जैसे फलों को उपयोग में लाना चाहिए यह बालों को सफेद होने से रोकता है और इसे रूखे पन की समस्या भी खत्म होती है और बालों का विकास होने लगता है|

4.विटामिन डी-विटामिन डी हमें धूप से प्राप्त होता है जिससे आपके बाल लंबे घने और मोटे होने लगते हैं|

5.विटामिन ई–मछली, बादाम, पालक,बींस ,दूध ,सूरजमुखी का बीज आधी का सेवन करने से विटामिन ई की प्राप्ति होती है |इस्लिए इन्हे प्रतिदिन के आहार में शामिल करें ऐसा करने से बाल चमकदार बनते हैं|

6.फोलिक एसिड-ब्रोकली ,ब्राउन,राइस ,हरी सब्जियां आदि का प्रतिदिन के आहार सेवन करना चाहिए जिससे आपके बाल मजबूत बनते हैं और बाल झड़ने की समस्या भी कम होती है|

हेयर फॉल सलूशन(Hair fall solution)

1.हमारे शरीर में पानी की कमी के कारण बालों के झड़ने की समस्या पैदा हो जाती है| हमें प्रतिदिन 2 से 3 लीटर पानी पीना चाहिए यह बालों को स्वस्थ रखता है|

2.गीले बालों में कंघी का ज्यादा  प्रयोग करने से बाल झड़ने की समस्या हो जाती है जिससे बालों को नुकसान पहुंचता है | इसलिए अपनी उंगलियों का इस्तेमाल करें ऐसा करने से बाल कम झड़ते हैं|

3.प्याज का रस प्याज के रस में सल्फर पाया जाता है जिससे ब्लड सरकुलेशन बढ़ता है और आपके बाल झड़ने कम हो जाते हैं रात को सोने से पहले प्याज का रस बालों में लगाएं और सुबह बालों को धो ले हफ्ते में दो-तीन बार ऐसा करने से आपके बालों के झड़ने की समस्या से निजात मिलेगा|

4.बीड़ी सिगरेट तंबाकू का सेवन करने से शरीर में रक्त की कमी हो जाती है जिससे बालों झड़ने की समस्या हो जाती है | इसलिए शराब का सेवन कम करें|

5.बालों में पसीना आने के कारण भी बाल झड़ने लगते हैं और आप गंजेपन का शिकार हो जाते हैं |इसलिए लंबे बालों  को कटवाएऔर बालो मे पसीना न आने दे|

6.हमें प्रतिदिन शारीरिक व्यायाम करना चाहिए जिससे हार्मोन के सत्र में संतुलन बना रहता है और आपका मानसिक तनाव भी कम होगा जिससे बाल झड़ना भी बंद हो जाएंगे|

7.धनिया की पत्तियों के रस में दोगुना तिल का तेल मिलाकर उबालें की रस जल कर तेल  रह जाए फिर छानकर बोतल में रख दें और प्रतिदिन इस तेल से मालिश करें इससे आपके बाल झड़ने की समस्या खत्म होगी|

8.नींबू के रस की सिर में मालिश करने थोड़ी देर बाद बालों को धो लें ऐसा करने से बाल तेजी से लंबे होने लगते हैं|