हीमोग्लोबिन (hemoglobin)

 हीमोग्लोबिन

हिमोग्लोबिन हमारी रक्त कोशिकाओं में पाया जाने वाला लो युक्त प्रोटीन है| यह हमारे शरीर में ऑक्सीजन के प्रभाव को संतुलित करता है| हिमोग्लोबिन हमारी कोशिकाओं से कार्बन डाइऑक्साइड को फेफड़ों तक लाने का कार्य करता है और ऑक्सीजन को फेफड़ों से उतको तक पहुंचाने का कार्य करता है |जब  हिमोग्लोबिन की मात्रा कम हो जाती है तो हमारा शरीर कई बीमारियों का शिकार हो सकता है जैसे- चक्कर आना, आंखों का पीलापन, दिल की धड़कन का असामान्य होना आदि लक्षण सामने आते है।हीमोग्लोबिन की मात्रा कम होने से आप एनीमिया के शिकार हो सकते हैं यानी आपके शरीर में खून की कमी आ जाती है|

हिमोग्लोबिन के लक्षण(Low hemoglobin symptoms)

  • व्यक्ति को थकान होने लगती है और उसका किसी भी काम में मन नहीं लगता|
  • व्यक्ति की आंखों में पीलापन आ जाता है| हाथ की हथेलियों और नाखूनों में भी पीलापन नजर आ सकता है|
  • व्यक्ति का अचानक से वजन घटने लगता है|
  • बालों का झड़ना|
  • दिल की धड़कन क असामान्य हो जाना और थोड़ा सा चलने पर सांस फूलने लगती है|
  • लगातार सिरदर्द रहने लगता है|
  • हाथों और पैरों का सुन्न पड़ जाना|
  • सीने में जलन और दर्द होने लगता है|
  • पीरियड्स में रक्त स्त्राव होना और शरीर में कमजोरी आना जैसे लक्षण होते हैं|

हिमोग्लोबिन की कमी के कारण(Low hemoglobin causes)

1.आयरन की कमी– शरीर में आयरन की कमी होने से खून की कमी हो जाती है जिसके कारण रक्त कोशिकाएं भी  और कमजोर पड़ जाती है जिससे ऑकसीजन का प्रवाह ठीक ढंग से नहीं हो पाता इससे हमारे कार्य करने की क्षमता भी कम हो जाती है|

2.रेड ब्लड सेल्स का देरी से नष्ट होना-जब शरीर के रक्त में लाल कणों या कोशिकाओं के नष्ट होने की दर उनके निर्माण की सबसे अधिक होती है तब एनीमिया की समस्या उत्पन्न होती है|

3.रेड ब्लड सेल्स की संख्या का कम होना– शरीर में रेड ब्लड सेल्स या हिमोग्लोबिन की संख्या कम होने पर हम कई बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं जैसे एनीमिया की समस्या|

4.अन्य बीमारी में खून का बहना– एनीमिया से ग्रस्त महिलाओं के प्रसव के दौरान खून बहने लगता है ना और महिला की मृत्यु होने की संभावना बढ़ जाती है|

5.गर्भावस्था के दौरान– गर्भवती महिलाओं को बढ़ते शिशु के लिए रखने का निर्माण करना पड़ता है कई महिलाओं को गर्भावस्था में एनीमिया होने की समस्या की संभावना बढ़ जाती है|

6.विटामिन की कमी– शरीर में विटामिन B12 की कमी के कारण शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी होने लगती है जिससे खून की कमी हो जाती है|इसके साथ- साथ शरीर में मैग्नीशियम, कैल्शियम, पोटेशियम की कमी के कारण भी खून में कमी आ जाती है

हीमोग्लोबिन क्या है, आपकी बॉडी में कितना लोहा होना चाहिए?(Low hemoglobin levels)

हड्डियों की अंदरूनी भाग में पाया जाने वाला अस्थि मज्जा है अस्थि मजा में लाल रक्त कण पाए जाते हैं 1 क्यूबिक मिलीलीटर रक्त में लगभग 5000000 रक्त लाल रक्त कण मौजूद होते हैं एक बूंद खून को सूक्ष्म दर्शी से देखने पर लाल रक्त कण गोल लग जाते हैं जो किनारे पर मोटे और बीच में से पतले दिखाई देते हैं|

लाल रक्त कणों के अंदर हीमोग्लोबिन पाया जाता है लाल रक्त कणों के अंदर 30 से 35% भाग हीमोग्लोबिन का होता है।

लाल रक्त कणिकाएँ (Red Blood Cells)
लाल रक्त कणिकाएँ (Red Blood Cells)

मानव शरीर में लोहे की मात्रा-मानव शरीर के कुल वजन का 0.004 प्रतिशत भाग लोहा होता है। इसकी कुल मात्रा शरीर के वजन के अनुसार 3 से 5 ग्राम होती है। इसका 70 प्रतिशत भाग रक्त में लाल कणों के अंदर मौजूद हीमोग्लोबिन में, 4 प्रतिशत भाग मांसपेशियों के प्रोटीन मायोग्लोबिन में, 25 प्रतिशत भाग लीवर में, अस्थिमज्जा, प्लीहा व गुर्दे में संचित भंडार के रूप में तथा शेष 1 प्रतिशत भाग रक्त प्लाज्मा के तरल अंश व कोशिकाओं के एंजाइम्स में रहता है।

हिमोग्लोबिन की कमी को दूर करने के लिए आयुर्वेदिक उपाय(Low hemoglobin treatment)

  1. अंकुरित आहार –प्रतिदिन सुबह उठकर अंकुरित अनाज जैसी मूंग चना और गेहूं आदि में नींबू का रस मिलाकर इसका सेवन करने से हीमोग्लोबिन लेवल बढ़ता है।
  2. तिल-तिल का सेवन प्रतिदिन अपने आहार में करने से हिमोग्लोबिन लेवल बढ़ता है और एनीमिया की समस्या दूर होती है।
  3. गुड-प्रतिदिन अपने आहार मे खाने के बाद गुड़ का सेवन करें ऐसा करने से शरीर में खून की कमी नहीं होगी और हीमोग्लोबिन लेवल में बढ़ोतरी होगी।
  4. अखरोट-अखरोट में ओमेगा 3 फैटी एसिड की मात्रा पाई जाती है अखरोट में कैल्शियम, मैग्नीशियम और विटामिन भी पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है इसलिए अखरोट का सेवन करने से हिमोग्लोबिन लेवल बढ़ता है और खून की कमी नहीं होती।
  5. बादाम- बादाम में मैग्नीशियम, कैल्शियम, आयरन काफी मात्रा में पाया जाता है जिससे हीमोग्लोबिन की कमी दूर होती है।
  6. अंजीर –अंजीर में विटामिंस, कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, सोडियम व पोटेशियम पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है इसलिए अंजीर को रात को पानी में भिगोकर सुबह उसका सेवन करने से हिमोग्लोबिन की लेवल में बढ़ोतरी होती है।
  7. सेब –सेब का सेवन करने से हिमोग्लोबिन लेवल बढ़ता है इसलिए प्रतिदिन अपने आहार में सेब को शामिल करना चाहिए।
  8. अनार –अनार कैल्शियम, विटामिन सी और आयरन काफी मात्रा में पाया जाता है इसलिए गुनगुने दूध में दो चम्मच अनार का पाउडर डालकर पीने से हीमोग्लोबिन की कमी की समस्या दूर होती है।
  9. नींबू -नींबू का सेवन करने से हिमोग्लोबिन बढ़ता है क्योंकि नींबू में विटामिन से भरपूर मात्रा में पाया जाता है।

10)चुकंदर-चुकंदर की पत्तियों का सेवन करने से हिमोग्लोबिन बढ़ता है।


सामान्य परिसर(Normal range)

एक हीमोग्लोबिन स्तर को आमतौर पर पूर्ण रक्त गणना (सीबीसी) के एक भाग के रूप में जांचा जाता है, हीमोग्लोबिन की सामान्य सीमा उम्र और लिंग के आधार पर भिन्न होती है। एक वयस्क पुरुष के लिए औसत सीमा 14-18 ग्राम / डीएल और एक वयस्क महिला के लिए 12-16 ग्राम प्रति डेसीलीटर है।

हीमोग्लोबिन संरचना(Hemoglobin structure)

हीमोग्लोबिन लाल रक्त कोशिकाओं में प्रोटीन है जो चार श्रृंखलाओं से बना होता है। इनमें से प्रत्येक श्रृंखला में हीम के रूप में जाना जाने वाला एक यौगिक होता है, जिसमें बदले में लोहा होता है, जो रक्तप्रवाह में ऑक्सीजन को स्थानांतरित करता है।

Himoglobin Structure
हीमोग्लोबिन संरचना(Hemoglobin structure)

हीमोग्लोबिन लाल रक्त कोशिकाओं के आकार के लिए जिम्मेदार है, जो आमतौर पर डोनट्स की तरह दिखाई देते हैं लेकिन छेद के बजाय एक पतली केंद्र के साथ। जिन स्थितियों में हीमोग्लोबिन असामान्य है, जैसे कि सिकल सेल एनीमिया, लाल रक्त कोशिकाओं के असामान्य आकार के परिणामस्वरूप समस्याएं हो सकती हैं। रक्त के लाल रंग के लिए हीमोग्लोबिन में वर्णक जिम्मेदार है।